एक लाख घरों से तीसरे दिन भी नहीं उठा कूड़ा:आगरा नगर निगम की लापरवाही की वजह से परेशान लोग
आगरा नगर निगम की लापरवाही के चलते तीसरे दिन भी लगभग एक लाख घरों से कूड़ा नहीं उठ सका। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाले कुछ वाहन निकले जरूर लेकिन इनकी संख्या काफी कम रही। ऐसे में हरीपर्वत और लोहामंडी जोन के 90 फीसद घरों से मंगलवार को भी कूड़ा नहीं उठ सका। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम स्वच्छता कार्पोरेशन का है। लोहामंडी जोन और हरीपर्वत

आगरा नगर निगम की लापरवाही के चलते तीसरे दिन भी लगभग एक लाख घरों से कूड़ा नहीं उठ सका। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाले कुछ वाहन निकले जरूर लेकिन इनकी संख्या काफी कम रही। ऐसे में हरीपर्वत और लोहामंडी जोन के 90 फीसद घरों से मंगलवार को भी कूड़ा नहीं उठ सका। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम स्वच्छता कार्पोरेशन का है। लोहामंडी जोन और हरीपर्वत जोन में इस संस्था की गाड़ियां रविवार से कूड़ा उठाने नहीं निकली हैं। सिकंदरा क्षेत्र के मौजा ककरैठा स्थित नगर निगम की बेशकीमती जमीन पर कोर्ट के फैसले के बाद दूसरे पक्ष के कब्जे से शहर की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था चरमरा गई। नगर निगम के वाहनों और मजदूरों की बेदखली के कारण रविवार से आधे शहर से कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। नगर निगम के संपत्ति विभाग के अनुसार मौजा ककरैठा की खसरा संख्या 207 स्थित करीब 4710 वर्गमीटर भूमि को लेकर नगर निगम और लक्ष्मीनारायण शर्मा व पवन शर्मा के बीच लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। लक्ष्मीनारायण पक्ष जमीन पर मालिकाना हक का दावा कर रहा था, जबकि नगर निगम इसे अपनी संपत्ति बता रहा था। शनिवार को न्यायालय ने फैसला लक्ष्मीनारायण आदि के पक्ष में सुनाया। इसके बाद दूसरे पक्ष ने कानूनी कार्रवाई करते हुए जमीन पर कब्जा कर लिया। आरोप है कि रातोंरात नगर निगम के वाहन और मजदूरों को हटाकर परिसर की बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई और कई मजदूर परिवार सड़क पर आ गए। 300 मजदूर सड़क पर आए
विवाद बढ़ने के बाद नगर निगम हरकत में आया। निगम ने अपने वाहनों को शास्त्रीपुरम के पास एक खाली भूखंड में शिफ्ट किया है, जहां वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, बेघर हुए मजदूरों के लिए फिलहाल अस्थायी टेंट लगाए गए हैं और जल्द ही टिनशेड डाले जाने की बात कही जा रही है। नगर निगम इस भूमि का उपयोग डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी स्वच्छता कॉरपोरेशन के वाहनों की पार्किंग के रूप में करता था। यहां करीब 150 वाहन खड़े होते थे और लगभग 300 मजदूर अपने परिवारों के साथ निवास करते थे। मंगलवार को गहराया संकट
तीन दिन से कूड़ा न उठने के कारण गंदगी के ढेर लग गए हैं। हालांकि मंगलवार सुबह कुछ गाड़ियां निकलीं लेकिन इनकी संख्या बमुश्किल 20 रही। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाली बाकी गाड़ियां नहीं निकली। ऐसे में तीन से कूड़ा जमा होने के कारण परेशानी बढ़ गई है। यहां के लोग परेशान
लोहामंडी, बाग फरजाना, मदिया कटरा, देहली गेट, सिविल लाइन, संजय प्लेस, राजा मंडी, लॉयर्स कॉलोनी, दयालबाग, आवास विकास कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, भगवान टाकीज, सूर्य नगर और खंदारी समेत कई क्षेत्रों में गंदगी फैल गई।
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