3 अक्टूबर 2026, 3:24 PM
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'कब तक होगा फैसला, समय बताएं', TMC के मामले पर चुनाव आयोग से बोला सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से गुरुवार (24 सितंबर) को तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जारी विवाद पर फैसला लेने के लिए समय सीमा बताने को कहा है. आयोग ने टीएमसी के चुनाव चिन्ह और नाम को फ्रीज कर दिया था. इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी सुप

'कब तक होगा फैसला, समय बताएं', TMC के मामले पर चुनाव आयोग से बोला सुप्रीम कोर्ट
स्रोत: abp news world
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सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से गुरुवार (24 सितंबर) को तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जारी विवाद पर फैसला लेने के लिए समय सीमा बताने को कहा है. आयोग ने टीएमसी के चुनाव चिन्ह और नाम को फ्रीज कर दिया था. इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थीं.

'आईएएनएस' की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई 28 सितंबर के लिए निर्धारित की है. ममता ने टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर अंतरिम रोक लगाने संबंधी निर्वाचन आयोग के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. आयोग ने टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज करने के साथ उनकी पार्टी को नया नाम दे दिया. ममता की पार्टी का नया चुनाव चिन्ह फुटबॉल प्लेयर है. 

फैसला नहीं लिया तो चुनाव प्रभावित होगा - ममता गुट

ममता बनर्जी गुट की तरफ से कहा गया कि अगर जल्द सिंबल पर आयोग फाइनल फैसला नहीं लेता है तो नवंबर में होने वाला कॉरपोरेशन का चुनाव प्रभावित होगा. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 28 सितंबर को अगली सुनवाई करेगा. चुनाव आयोग ने अभी उपचुनाव को देखते हुए अंतरिम फैसला लिया है.

ममता की तरफ से पेश हुए कपिल सिब्बल

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई की. ममता बनर्जी गुट की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वो चुनाव रोकने को नहीं कह सकते लेकिन उन्हें पार्टी का मूल नाम और चुनाव चिह्न बनाए रहने दिया जाए. कपिल सिब्बल ने कहा कि ये हमारे अस्तित्व का सवाल है और कोर्ट समुचित उपाय करे.

इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि उपाय तो एक ही है कि निर्वाचन आयोग इस मसले का शीघ्र निर्णय करे. कपिल सिब्बल ने दलील दी कि चुनावी प्रक्रिया के बीच आयोग ने पार्टी के चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया. आयोग हर रोज नई-नई मिसाल कायम कर रहा है. उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट इस आदेश में दखल नहीं देगा तो चुनाव आयोग आगे आने वाले चुनावों में भी ऐसा ही करेगा कि चुनाव के बीच सिंबल बदल देगा.

गौरतलब है कि चुनाव आयोग की तरफ से पिछले दिनों ममता के गुट का नाम ममता टीएमसी और सिंबल फुटबॉल प्लेयर अलॉट किया गया है जबकि बागी गुट को डेमोक्रेटिक टीएमसी नाम और लिफाफा सिंबल अलॉट किया गया है.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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