22 अक्टूबर 2026, 6:33 PM
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क्या घर का खाना खाने से भी डैमेज हो सकता है लिवर, क्यों होता है ऐसा?

घर का खाना आमतौर पर बाहर के खाने से बेहतर विकल्प माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में रोज बनने वाला खाना भी लिवर की सेहत पर असर डालता है इसकी वजह खाने का घर पर बनना नहीं, बल्कि उसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें और खाने की मात्रा है. अगर रोजाना ज्यादा तेल, घी, मीठा और कैलोरी वाली चीजें खाई जाएं

क्या घर का खाना खाने से भी डैमेज हो सकता है लिवर, क्यों होता है ऐसा?
स्रोत: abp news world
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घर का खाना आमतौर पर बाहर के खाने से बेहतर विकल्प माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में रोज बनने वाला खाना भी लिवर की सेहत पर असर डालता है इसकी वजह खाने का घर पर बनना नहीं, बल्कि उसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें और खाने की मात्रा है. अगर रोजाना ज्यादा तेल, घी, मीठा और कैलोरी वाली चीजें खाई जाएं, तो वजन बढ़ने और लिवर में फैट जमा होने का खतरा बढ़ता है. इसे फैटी लिवर की समस्या कहा जाता है. आइए जानते हैं, घर का खाना खाते समय किन गलतियों से लिवर की सेहत पर असर पड़ता  है.

ज्यादा घी-तेल और तली बड़ा सकती हैं परेशानी

घर में बनने वाले पराठे, पूड़ी, पकौड़े और दूसरी तली हुई चीजें स्वादिष्ट जरूर होती हैं, लेकिन इन्हें बार-बार और ज्यादा मात्रा में खाना सेहत के लिए ठीक नहीं है. खाने में जरूरत से ज्यादा घी, मक्खन और तेल होने से शरीर को अधिक कैलोरी मिलती है. लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने से वजन बढ़ता है और लिवर में फैट जमा होने का खतरा बढ़ता है. इस समस्या को फैटी लिवर कहा जाता है. कभी-कभार पराठा या पूड़ी खाने से ही लिवर खराब नहीं होता. परेशानी तब बढ़ती है, जब खानपान असंतुलित हो और शारीरिक गतिविधि भी कम हो. इसलिए खाने में तेल और घी की मात्रा सीमित रखें. भोजन में दाल, सब्जियां और दूसरे पौष्टिक विकल्प शामिल करें.

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इन चीजों को खाने में रखें परहेज 

घर में बनी मिठाइयां, हलवा, खीर और मीठी चाय कई लोगों की रोज की डाइट का हिस्सा होती हैं. लेकिन अगर चीनी का सेवन जरूरत से ज्यादा हो, तो इससे शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ती है. मीठे पेय और ज्यादा चीनी वाली चीजों का लगातार सेवन फैटी लिवर के खतरे से जुड़ा है. इसी तरह मैदे से बनी चीजें और जरूरत से ज्यादा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से बनी चीजें भी नहीं खानी चाहिए. इसका मतलब यह नहीं है कि रोटी, चावल या पराठा खाना छोड़ देना चाहिए. इनकी मात्रा का ध्यान रखना और खाने में साबुत अनाज, दाल, फल व सब्जियां शामिल करना ज्यादा जरूरी है. संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि वजन को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं. 

 जरूरत से ज्यादा खाना और नमक का अधिक सेवन भी समझें

कई बार लोग भूख से ज्यादा खाना खा लेते हैं या दिनभर बार-बार कुछ न कुछ खाते रहते हैं. अगर इससे रोजाना जरूरत से ज्यादा कैलोरी ली जा रही है, तो वजन बढ़ता है और फैटी लिवर का जोखिम भी बढ़ता है. इसलिए भोजन की मात्रा पर ध्यान दें और भूख के अनुसार खाएं. इसके साथ ही नमक का अधिक सेवन भी कम करना चाहिए.  नमक को सीधे लिवर में फैट जमा होने या सूजन का मुख्य कारण मानना सही नहीं है. ज्यादा नमक हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ाता है. जिन लोगों को लिवर की गंभीर बीमारी है और शरीर में पानी जमा होने की समस्या होती है, उन्हें डॉक्टर नमक सीमित करने की सलाह देते हैं. लिवर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित भोजन करें, नियमित व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें. अगर पहले से फैटी लिवर या डायबिटीज है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार खानपान में बदलाव करें.

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डिस्क्लेमर:  फैटी लिवर की पुष्टि केवल खानपान से नहीं की जा सकती. जोखिम या लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लें.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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