अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के कुछ ही दिनों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ सुसी वाइल्स को पद से हटा दिया है. उनकी जगह ट्रंप के लंबे समय से सहयोगी रहे स्टीफन मिलर को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. रिपब्लिकन पार्टी इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों सदनों का नियंत्रण गंवा चुकी है. ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस बदलाव की घोषणा की. उन्होंने वाइल्स के काम की तारीफ करते हुए कहा कि वह आगे भी उनके राजनीतिक संगठन के साथ काम करती रहेंगी.
वाइल्स व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ बनने वाली पहली महिला थीं. उनका कार्यकाल ऐसे समय में समाप्त हुआ है, जब चुनावी हार ने ट्रंप की राजनीतिक स्थिति को बड़ा झटका दिया है. वहीं, मिलर को ट्रंप की सबसे करीबी और पुराने सहयोगियों में गिना जाता है. वह फिलहाल व्हाइट हाउस में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
आव्रजन और सीमा सुरक्षा नीति बनाने में अहम भूमिका
स्टीफन मिलर वर्ष 2016 में ट्रंप के पहले राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान भाषण लेखक के रूप में उनकी टीम से जुड़े थे. इसके बाद वह लगातार ट्रंप के राजनीतिक दायरे में प्रभावशाली होते गए. खासकर आव्रजन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनकी अहम भूमिका रही है.
मिलर को ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति, सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासियों को देश से बाहर भेजने की योजनाओं का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता है.
मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका
यह बदलाव तीन नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद सामने आया है. चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने देशभर में बड़ी बढ़त हासिल की और रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे वाली कई सीटों पर जीत दर्ज की. इसके साथ ही उसने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों सदनों में रिपब्लिकन का नियंत्रण खत्म कर दिया. ऐसे में अब ट्रंप के लिए राष्ट्रपति पद के बचे हुए दो साल में अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है. डेमोक्रेट्स को अब संसदीय समितियों का नियंत्रण मिलेगा और उन्हें ट्रंप प्रशासन के कामकाज की जांच करने के अधिक अधिकार मिलेंगे.
ट्रंप के साथ लंबे समय से जुड़ी रही हैं सुसी वाइल्स
सुसी वाइल्स को ट्रंप के राजनीतिक अभियानों में अनुशासन और संगठनात्मक व्यवस्था बनाए रखने का श्रेय दिया जाता है. वह वर्ष 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप की टीम से जुड़ी थीं. वर्ष 2020 में उन्होंने फ्लोरिडा में ट्रंप के चुनाव अभियान का प्रबंधन किया, जबकि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में पूरे देश में उनकी प्रचार रणनीति की जिम्मेदारी संभाली.
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में उन्हें व्हाइट हाउस का चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया था. वह ट्रंप के अब तक के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले चीफ ऑफ स्टाफ रहीं.
ट्रंप की घोषणा के बाद जारी बयान में वाइल्स ने कहा कि व्हाइट हाउस में सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है. उन्होंने राष्ट्रपति और उनके राजनीतिक मिशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई.
हार के बाद न्याय विभाग में भी इस्तीफों का दौर
चुनावी हार के बाद अमेरिकी न्याय विभाग में भी वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफों का सिलसिला तेज हो गया है. शुक्रवार को विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पद छोड़ दिए. इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के प्रमुख जॉन आइजनबर्ग और फ्लोरिडा के दक्षिणी जिले के पूर्व अमेरिकी अटॉर्नी जेसन रेडिंग क्विनोनेस शामिल हैं.
इन दोनों के इस्तीफे नागरिक अधिकार विभाग की प्रमुख हरमीत ढिल्लों के पद छोड़ने के एक दिन बाद आए हैं. ढिल्लों ने गुरुवार को इस्तीफा दिया था. मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद न्याय विभाग से लगातार हो रहे इन इस्तीफों को प्रशासन में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
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