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जोधपुर AIIMS में सरकारी टेंडर के दस्तावेजों पर सवाल, SAIL ने लिखा पत्र

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जोधपुर से जुड़े कुछ दस्तावेजों की सत्यता को लेकर सवाल उठे हैं. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के इस्को स्टील प्लांट, बर्नपुर के सतर्कता विभाग ने इस मामले में AIIMS जोधपुर के मुख्य सतर्कता अधिकारी को पत्र लिखा है. इसमें सुकांता को-ऑपरेटिव लेबर कॉन्ट्रैक्

जोधपुर AIIMS में सरकारी टेंडर के दस्तावेजों पर सवाल, SAIL ने लिखा पत्र
स्रोत: abp news world
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जोधपुर से जुड़े कुछ दस्तावेजों की सत्यता को लेकर सवाल उठे हैं. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के इस्को स्टील प्लांट, बर्नपुर के सतर्कता विभाग ने इस मामले में AIIMS जोधपुर के मुख्य सतर्कता अधिकारी को पत्र लिखा है. इसमें सुकांता को-ऑपरेटिव लेबर कॉन्ट्रैक्ट एंड कंस्ट्रक्शन सोसायटी लिमिटेड की ओर से निविदा प्रक्रिया के दौरान जमा कराए गए वर्क ऑर्डर और कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र की जांच करने का अनुरोध किया गया है.

मामला सरकारी संस्थानों से जुड़े काम के अनुभव और उससे संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणिकता से जुड़ा है. हालांकि, अभी इन दस्तावेजों को फर्जी या गलत साबित करने वाली कोई पुष्टि सामने नहीं आई है.

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23 जून 2026 को SAIL ने लिखा पत्र

उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, SAIL के इस्को स्टील प्लांट, बर्नपुर के सतर्कता विभाग ने 23 जून 2026 को AIIMS जोधपुर के मुख्य सतर्कता अधिकारी को पत्र भेजा था. इसमें संबंधित सोसायटी की ओर से निविदा प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का सत्यापन करने को कहा गया है.

सतर्कता विभाग ने खास तौर पर उन दो दस्तावेजों की जांच का अनुरोध किया है, जिन्हें संस्था ने अपनी पात्रता और काम के अनुभव के समर्थन में पेश किया था. इनमें एक वर्क ऑर्डर और दूसरा कार्य पूरा होने का प्रमाण पत्र शामिल है.

बागवानी और लैंडस्केपिंग के काम से जुड़े दस्तावेज

जांच के लिए भेजे गए दस्तावेजों में पहला वर्क ऑर्डर 3 जुलाई 2023 का बताया गया है. इसके अनुसार, AIIMS जोधपुर के आवासीय परिसर में बागवानी, लैंडस्केपिंग और पौधरोपण से जुड़े काम के रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई थी.

इस वर्क ऑर्डर में काम की कुल अनुबंध राशि 42,44,373.82 रुपये दर्ज है. वहीं, दूसरा दस्तावेज 21 अगस्त 2024 का कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र है. इसमें संबंधित संस्था की ओर से काम पूरा किए जाने का उल्लेख किया गया है. SAIL के सतर्कता विभाग ने इन दोनों दस्तावेजों की वास्तविकता की पुष्टि करने के लिए AIIMS जोधपुर से सहयोग मांगा है.

दूसरी निविदाओं में भी जरूरी होते हैं ऐसे प्रमाण पत्र

सरकारी विभागों और संस्थानों में ठेके से जुड़े काम हासिल करने के लिए कंपनियों और ठेकेदार संस्थाओं को अक्सर अपने पुराने काम का अनुभव दिखाना पड़ता है. इसके लिए वर्क ऑर्डर और कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा किए जाते हैं.

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इन्हीं के आधार पर निविदा में भाग लेने वाली संस्था की पात्रता का आकलन किया जा सकता है. ऐसे में दस्तावेजों का सही होना बेहद जरूरी है. किसी प्रमाण पत्र की सत्यता पर सवाल उठने पर उसका संबंधित संस्थान से सत्यापन कराना एक अहम प्रक्रिया है.

फिलहाल, इस मामले में AIIMS जोधपुर की ओर से सत्यापन के नतीजे या संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है. इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि सोसायटी की ओर से जमा कराए गए दस्तावेज फर्जी हैं.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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