डिजिटल अरेस्ट कर महिला से 13.50 लाख ठगे:दिल्ली पुलिस बनकर मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने को धमकाया, RBI का फर्जी लेटर भी भेजा
प्रयागराज में लूकरगंज की रहने वाली एक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने 13.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी। कहा कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर आईसीआईसीआई बैंक में खाता खोला गया है और उसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी संदीप कुम

प्रयागराज में लूकरगंज की रहने वाली एक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने 13.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। साइबर ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी। कहा कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर आईसीआईसीआई बैंक में खाता खोला गया है और उसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी संदीप कुमार से जुड़ा पैसा आया है। इसके बाद महिला और उसके परिवार को मुकदमे में फंसाकर पूरी जिंदगी जेल में सड़ाने की धमकी दी गई। डर के कारण महिला ने आरोपियों के बताए बैंक खाते में 13.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
29 सितंबर को आया था फोन
खुल्दाबाद के लूकरगंज में रहने वाली महिला ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 29 सितंबर 2026 को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि उनके नाम पर आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुला है। इस खाते में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले से जुड़े संदीप कुमार का पैसा आया है।
महिला ने जब इस बात से इनकार किया तो फोन करने वाले ने कहा कि खाते में उनका आधार कार्ड इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद महिला के पास अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आने लगीं।
खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया
पीड़िता के मुताबिक, व्हाट्सएप कॉल करने वाले खुद को दिल्ली पुलिस के बाराखंभा थाने का अधिकारी बताने लगे। उन्होंने महिला और उसके परिवार को मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने कहा कि उनका जीवन बर्बाद कर दिया जाएगा और उन्हें पूरी जिंदगी जेल में सड़ना पड़ेगा।
लगातार धमकियों के कारण महिला डर गई। आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए ही उन्हें घर पर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद ऑनलाइन सुनवाई करने का नाटक किया गया और मामले से बचाने के नाम पर रुपये जमा कराने की बात कही गई।
बचना है तो 13.50 लाख रुपये जमा करो
शिकायत के अनुसार, साइबर ठगों ने महिला को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नाम से एक पत्र भेजा। इसके जरिए उन्हें बताया गया कि मामले से बाहर निकलने के लिए जुर्माने के तौर पर रुपये जमा करने होंगे। आरोपियों ने इसके लिए बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते का विवरण दिया।
महिला को बैंक खाता नंबर बताकर 13.50 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया। परिवार को जेल भेजने और जिंदगी बर्बाद करने की धमकियों से डरी महिला ने अपने बैंक खाते से आरोपियों के बताए खाते में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी।
बैंक ऑफ इंडिया के खाते से भेजी गई रकम
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया की सिविल लाइंस स्थित संगम पैलेस शाखा में अपने खाते से यह रकम ट्रांसफर की थी। ठगी का एहसास होने के बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की।
साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज
महिला की शिकायत पर शुक्रवार को साइबर क्राइम कमिश्नरेट प्रयागराज में मुकदमा दर्ज किया गया। साइबर थाना पुलिस का कहना है कि रुपये जिस खाते में ट्रांसफर किए गए, उसका डिटेल निकलवाया जा रहा है।
समाचार स्रोत
यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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