29 अक्टूबर 2026, 11:15 PM
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प्रयागराज में दीपावली शिल्प मेले की शाम गजल-भजन से सजी:नगाड़ा वादन ने बढ़ाया उत्साह, छठवीं शाम में लोककलाओं ने बांधा समां

प्रयागराज में दीपावली शिल्प मेले की छठवीं शाम गजल, भजन और लोककलाओं के नाम रही। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। गजल गायक भूपेन्द्र शुक्ला की आवाज पर श्रोता झूमते नजर आए, वहीं भजनों ने पंडाल में भक्तिमय माहौल बना दिया। नगाड़ा वादन

प्रयागराज में दीपावली शिल्प मेले की शाम गजल-भजन से सजी:नगाड़ा वादन ने बढ़ाया उत्साह, छठवीं शाम में लोककलाओं ने बांधा समां
स्रोत: dainik bhasker category
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प्रयागराज में दीपावली शिल्प मेले की छठवीं शाम गजल, भजन और लोककलाओं के नाम रही। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। गजल गायक भूपेन्द्र शुक्ला की आवाज पर श्रोता झूमते नजर आए, वहीं भजनों ने पंडाल में भक्तिमय माहौल बना दिया। नगाड़ा वादन और दुलदुल घोड़ी की प्रस्तुति ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मेजर जनरल धर्मराज राय, केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा और सलाहकार कल्पना सहाय ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद शुरू हुई सांस्कृतिक संध्या में संगीत और लोककलाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। ‘आपके दिल में क्या है बता दीजिए’ पर झूमे लोग कार्यक्रम की शुरुआत गजल गायक भूपेन्द्र शुक्ला की प्रस्तुति से हुई। उन्होंने ‘आपके दिल में क्या है बता दीजिए’ गजल सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद ‘मुझे तुम नजर से गिरा तो रहे हो’, ‘मैं इस जहां की लाज’, ‘इतना जोर से नाची आज’, ‘राहों पर नजर रखना, होठों पर दुआ रखना’ और ‘न समझो कि हम पी गए, पीते-पीते’ जैसी गजलों से महफिल सजाई। उनकी गायकी पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। भजनों से गूंजा पंडाल इसके बाद डॉ. आकांक्षा पाल ने भजनों की प्रस्तुति दी। उन्होंने ‘यह विनती रघुबीर गुसाईं’, ‘यह प्रयाग की धरती, इसकी बात निराली’, ‘राम जपु, राम जपु’, ‘श्री राधे-राधे बोल’ और ‘लहर-लहर में गंगा मइया गाए रे’ जैसे भजन सुनाए। भक्ति गीतों के दौरान पंडाल का माहौल भक्तिमय हो गया। श्रोताओं ने तालियां बजाकर कलाकार का उत्साह बढ़ाया। नगाड़ा और दुलदुल घोड़ी ने दिखाया लोकसंस्कृति का रंग लोककलाओं की प्रस्तुतियों में बबलू यादव ने बिरहा गायन से लोकसंगीत की छटा बिखेरी। हरियाणा से आए हरेन्द्र पलवल ने दमदार नगाड़ा वादन से दर्शकों में उत्साह भर दिया। वहीं, राजमणि तिवारी की दुलदुल घोड़ी की प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान खींचा। पारंपरिक लोककलाओं को देखकर दर्शकों ने कलाकारों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन अभिजीत मिश्रा ने किया।
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