पुलिस कस्टडी में युवक की मौत, ब्राह्मण परिवार पर केस:वकीलों ने तहसील-रजिस्ट्री कार्यालय में की तालाबंदी, DM-SP के आने तक हड़ताल की चेतावनी
प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली परिसर में एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इस मामले में एक ब्राह्मण परिवार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके विरोध में बुधवार को पट्टी तहसील के वकील नाराज हो गए। बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने तहसील परिसर में नारेबाजी की और तहसील व रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी कर दी। उन्होंने पुलिस कार

प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली परिसर में एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इस मामले में एक ब्राह्मण परिवार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके विरोध में बुधवार को पट्टी तहसील के वकील नाराज हो गए। बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने तहसील परिसर में नारेबाजी की और तहसील व रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी कर दी। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। बुधवार सुबह करीब 11 बजे बार एसोसिएशन पट्टी के अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में वकीलों की बैठक हुई। इसमें कोतवाली परिसर में युवक की मौत और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की गई। वकीलों ने कहा कि घटना के बाद ब्राह्मण परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना ठीक नहीं है। बैठक के बाद वकील एकजुट होकर तहसील परिसर पहुंचे और तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद रजिस्ट्री कार्यालय भी बंद करा दिया गया। तहसील गेट से रजिस्ट्री कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए वकीलों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जताया। तालाबंदी के कारण तहसील के न्यायिक और प्रशासनिक काम रुक गए, जिससे काम के लिए आए लोगों को भी परेशानी हुई। बार अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने कहा कि कोतवाली परिसर में युवक की मौत के मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। परिवार को हर संभव कानूनी मदद मिलेगी उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अपनी नाकामी छिपाने के लिए पीड़ित परिवार पर मुकदमा दर्ज कर रही है। उनका कहना था कि अगर युवक की मौत पुलिस की निगरानी वाले परिसर में हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस की है। वकीलों ने मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने की मांग की। बार अध्यक्ष ने कहा कि वकीलों को सिर्फ मजिस्ट्रेट जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव कानूनी मदद देने की बात भी कही। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पट्टी पहुंचकर अधिवक्ताओं से वार्ता नहीं करते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच, पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन में अधिवक्ता दिलीप मिश्रा, रवी सिंह, नंदन चतुर्वेदी, अंबरीश तिवारी, अंजनी शुक्ल, शुभम सांडिल्य, रजनीश पांडेय, अनुराग त्रिपाठी, प्रदीप पाठक, संसार सिंह, अनुज मिश्र समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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