10 अक्टूबर 2026, 5:14 PM
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पुलिस-होमगार्ड भर्ती की दौड़ में 20 दिन में 7 मौतें:दिल ने साथ छोड़ा या गर्मी ने जान ली; कौन है अभ्यर्थियों की मौत का जिम्मेदार

यूपी पुलिस और होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान या उसके बाद अब तक 7 अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है। दौड़ के बाद मौत के मामले 15 सितंबर से सामने आने लगे। इस दिन मेरठ के कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के बाद 11 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी। 20 सितंबर तक 3 की मौत हो गई। इसके बाद 6 अक्टूबर तक लखनऊ, मुरादाबाद और

पुलिस-होमगार्ड भर्ती की दौड़ में 20 दिन में 7 मौतें:दिल ने साथ छोड़ा या गर्मी ने जान ली; कौन है अभ्यर्थियों की मौत का जिम्मेदार
स्रोत: dainik bhasker category
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यूपी पुलिस और होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान या उसके बाद अब तक 7 अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है। दौड़ के बाद मौत के मामले 15 सितंबर से सामने आने लगे। इस दिन मेरठ के कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के बाद 11 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी। 20 सितंबर तक 3 की मौत हो गई। इसके बाद 6 अक्टूबर तक लखनऊ, मुरादाबाद और गाजियाबाद में 4 और अभ्यर्थियों की मौत हुई। शुरुआती तौर पर गर्मी में दौड़ने के दौरान हार्ट अटैक आने की आशंका जताई गई। अब सवाल है कि गर्मी और उमस हार्ट अटैक की वजह कैसे बन सकती है? प्रोफेशनल एथलीट और डॉक्टर इसकी क्या वजह बताते हैं? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में… सवाल 1: क्या अभ्यर्थियों की मौत के पीछे भर्ती बोर्ड की बदइंतजामी है? जवाब: राज्य में पुलिस, होमगार्ड और पीएसी भर्ती परीक्षा यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) कराता है। मेरठ में फिटनेस टेस्ट के दौरान 3 की मौतों के बाद बोर्ड पर बदइंतजामी के आरोप लगे थे। सवाल 2: तो दौड़ते-दौड़ते अचानक मौत की वजह क्या है? जवाब: बाहर से पूरी तरह फिट दिखने वाले युवा दौड़ते समय अचानक जमीन पर गिरते हैं और फिर उनकी जान चली जाती है। आम बोलचाल में लोग इसे 'हार्ट अटैक' कह देते हैं, लेकिन मेडिकल की भाषा में यह सडन कार्डियक अरेस्ट होता है। दौड़ते वक्त ऐसा होने की कई वजहें हो सकती हैं… A. दिल का 'इलेक्ट्रिक सिस्टम' फेल होना हमारे दिल की धड़कन एक तय सिस्टम से नियंत्रित होती है, जिसमें इलेक्ट्रिक सिग्नल की अहम भूमिका होती है। जब किसी व्यक्ति के दिल की धड़कन की गति या लय बिगड़ जाती है, तो इसे अरिदमिया कहते हैं। कुछ गंभीर मामलों में दिल प्रभावी ढंग से खून पंप करना बंद कर सकता है। इससे दिमाग तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचती और व्यक्ति कुछ ही सेकंड में बेहोश होकर गिर सकता है। B. बिना प्रैक्टिस के अचानक 'ओवर-लोडेड' होना मेरठ में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के एथलेटिक्स कोच गौरव त्यागी बताते हैं कि कई युवा परीक्षा पास करने के चक्कर में बिना तैयारी के सीधे ट्रैक पर उतर जाते हैं। जो शरीर सिर्फ चलने-फिरने का आदी है, उस पर अचानक 4-5 किलोमीटर तक तेज दौड़ने का दबाव पड़ता है। जब मांसपेशियां ज्यादा काम करती हैं, तो उन्हें अधिक खून और ऑक्सीजन की जरूरत होती है। अचानक बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत करने से कुछ लोगों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। C. दिल की 'साइलेंट' बीमारियां कई युवाओं को पता नहीं होता कि उनके दिल में पहले से कोई समस्या है। मेडिकल साइंस में ऐसी ही एक बीमारी को HCM (हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी) कहते हैं। इसमें दिल की मांसपेशियां असामान्य रूप से मोटी हो जाती हैं। कुछ लोगों में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन जब शरीर पर अचानक लोड पड़ता है, तो यह बीमारी जानलेवा बन जाती है। D. खतरनाक सप्लीमेंट्स या स्टेरॉयड का शॉर्टकट मेरठ में ग्राउंड के पास काफी मात्रा में ‘पॉलीबायॉन’ के खाली रैपर मिले थे। यह दवा एनर्जी के लिए इस्तेमाल होती है। आशंका जताई गई कि बहुत से अभ्यर्थियों ने इनका प्रयोग किया था। इसके अलावा, स्टैमिना बढ़ाने के लिए कुछ युवा एनर्जी ड्रिंक्स, कैफीन की गोलियां या प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं। ये दवाएं ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन को बढ़ा देती हैं। जब दौड़ते समय शरीर का नेचुरल प्रेशर और इन दवाओं का प्रेशर आपस में मिलता है, तो दिल 'ब्लास्ट' जैसी स्थिति में आ जाता है। E. डिहाइड्रेशन से खून का गाढ़ा हो जाना उमस और गर्मी में दौड़ने से शरीर का पूरा पानी पसीने के रूप में बह जाता है। शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी हो जाती है। पानी घटने से खून गाढ़ा होने लगता है। गाढ़े खून को पूरे शरीर में पहुंचाने के लिए दिल को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। इससे वह अचानक फेल हो सकता है। सवाल 3: इन मामलों के बाद भर्ती बोर्ड ने फिजिकल टेस्ट नियमों में क्या बदलाव किए? जवाब: होमगार्ड और पुलिस भर्ती के फिजिकल टेस्ट में महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए दौड़ के अलग-अलग नियम हैं। यूपी में बिहार और मध्य प्रदेश की तरह अभ्यर्थियों से लंबी कूद, ऊंची कूद और गोला फेंक जैसी गतिविधियां नहीं कराई जाती हैं। सवाल 4: फिजिकल टेस्ट के दौरान अभ्यर्थियों को किस तरह की सावधानी रखनी चाहिए? जवाब: सीनियर कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र गुप्ता बताते हैं कि फिजिकल टेस्ट से पहले ईसीजी, ब्लड प्रेशर और बेसिक हीमोग्लोबिन जैसी जांच करा लेनी चाहिए। दौड़ से 24 से 48 घंटे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। सादा पानी के साथ नारियल पानी, नींबू पानी या ग्लूकोज भी लिया जा सकता है। डॉ. गुप्ता खाली पेट दौड़ने से बचने की सलाह देते हैं। दौड़ से करीब डेढ़ से दो घंटे पहले केला या दलिया जैसे हल्के कार्बोहाइड्रेट लिए जा सकते हैं। परीक्षा से पहले पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी बताया गया है, क्योंकि थकान से चोट और मांसपेशियों पर दबाव का खतरा बढ़ सकता है। सवाल 5: भर्ती दौड़ के दौरान किन अभ्यर्थियों की मौत हुई? जवाब: अंकुज मलिक (होमगार्ड भर्ती): अंकुज पूर्व सैनिक थे। 17 साल आर्मी में रहे। 15 सितंबर को दौड़ पूरी करने के बाद अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों ने मौत की वजह हार्ट अटैक बताया। तरुण कुमार (होमगार्ड भर्ती): मेरठ में 15 सितंबर को दौड़ पूरी करने के बाद तबीयत खराब हुई। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों ने हार्ट अटैक को मौत की वजह बताया। सचिन कुमार (होमगार्ड भर्ती): सचिन भी 15 सितंबर को मेरठ में ही दौड़ के दौरान बेहोश हुए थे। कई दिन तक वेंटिलेटर पर इलाज चला, 20 सितंबर को मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि शरीर पर काफी जोर पड़ने से अंगों पर बुरा असर पड़ा। मल्टी-ऑर्गन फेलियर से उनकी जान चली गई। योगेंद्र सिंह (होमगार्ड भर्ती): यह मामला थोड़ा अलग है। योगेंद्र की मौत 15 सितंबर को लखनऊ में दौड़ के दौरान गिर गए थे। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत हार्ट अटैक की वजह से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई। उनके गले में 250 मिलीलीटर की प्लास्टिक की बोतल फंसी थी। जांच के लिए 5 सदस्यों की टीम बनाई गई है। शिवम यादव (होमगार्ड भर्ती): मुरादाबाद के 9वीं वाहिनी पीएसी मैदान में 18 सितंबर को दौड़ते-दौड़ते गिर पड़े। दौड़ लगभग पूरी कर चुके थे। फिनिश लाइन से करीब 50 मीटर पहले बेहोश हुए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हार्ट अटैक मिली। अतुल कुमार (यूपी पुलिस भर्ती): अतुल की मौत 5 अक्टूबर को गाजियाबाद में दौड़ के दौरान हुई। डॉक्टरों ने बताया कि अतुल खाली पेट दौड़ रहे थे। इससे शरीर का शुगर लेवल एकदम से गिर गया (हाइपोग्लाइसीमिया) और हार्ट अटैक आ गया। विवेक कुमार राणा (यूपी पुलिस भर्ती): गाजियाबाद में 6 अक्टूबर को दौड़ लगाते समय 9वें चक्कर में अचानक गिर गए। शुरुआती जांच और डॉक्टरों ने मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट और गंभीर डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) बताया था। उमस भरे माहौल में लगातार दौड़ने से उनके दिल पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ गया था। ------------------------------------------------ ये एक्सप्लेनर भी पढ़े… क्या वाकई DJ की वजह से गई बच्ची की जान: साउंड वेव दिल की धड़कन कैसे रोक सकती है; क्या है साइलेंट ब्लॉकेज बलरामपुर में क्लास में बैठी एक बच्ची बेंच पर अचानक बेहोश हो गई। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। स्कूलवालों ने बताया कि बच्ची जब बेहोश हुई, तब गणेश विसर्जन का जुलूस निकल रहा था। उसका डीजे इतना तेज था कि खिड़कियों के शीशे तक हिल रहे थे। आशंका जताई गई कि तेज आवाज से ही बच्ची को हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। सवाल है कि तेज आवाज से ऐसा क्या असर होता है कि इंसान की मौत तक हो सकती है? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में…
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