9 नवंबर 2026, 3:55 AM
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महोबा में बुजुर्गों और बच्चों के साथ मनाई दीपावली:एसपी ने वृद्धाश्रम और बाल सेवा सदन में बांटे उपहार-फल

महोबा में दीपावली की पूर्व संध्या पर महोबा पुलिस का एक बेहद संवेदनशील और अनूठा रूप देखने को मिला। एसपी शशांक सिंह ने त्योहार के उल्लास को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने के लिए तीन बड़ी पहल कीं। उन्होंने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों और अनाथालय में बच्चों के साथ दीपावली की खुशियाँ साझा कीं। साथ ही, शहर के बाजारों में भारी पुलिस बल के साथ

महोबा में बुजुर्गों और बच्चों के साथ मनाई दीपावली:एसपी ने वृद्धाश्रम और बाल सेवा सदन में बांटे उपहार-फल
स्रोत: dainik bhasker category
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महोबा में दीपावली की पूर्व संध्या पर महोबा पुलिस का एक बेहद संवेदनशील और अनूठा रूप देखने को मिला। एसपी शशांक सिंह ने त्योहार के उल्लास को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने के लिए तीन बड़ी पहल कीं। उन्होंने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों और अनाथालय में बच्चों के साथ दीपावली की खुशियाँ साझा कीं। साथ ही, शहर के बाजारों में भारी पुलिस बल के साथ पैदल गश्त और ड्रोन से निगरानी कर सुरक्षा पुख्ता की। दीपावली का पावन पर्व रोशनी, उल्लास और अपनों के साथ का नाम है, और महोबा पुलिस ने इस बात को सच कर दिखाया है। त्योहार की पूर्व संध्या पर एसपी शशांक सिंह ने पहल करते हुए सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं की अनूठी मिसाल पेश की। सबसे पहले, एसपी ने शनिवार 8 बजे वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों का कुशलक्षेम जाना, उन्हें उपहार और फल भेंट किए तथा उनके साथ आत्मीय पल बिताए। इसके बाद, बाल सेवा सदन अनाथालय पहुंचकर बच्चों के बीच खुशियों के दीप जलाए गए। एसपी ने बच्चों से संवाद कर उन्हें शिक्षा और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया, जिससे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई। दूसरी ओर, कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के मोर्चे पर भी महोबा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। एसपी ने भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजार और संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त की। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई। व्यापारियों और आम नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और उन्हें सुरक्षित त्योहार का भरोसा दिलाया गया। एएसपी वन्दना सिंह और सीओ सिटी रविकांत गोंड समेत तमाम अधिकारी इस दौरान मौजूद रहे। पुलिस की यह पहल यह साबित करती है कि उनकी प्रतिबद्धता सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें समाज के प्रति गहरी संवेदना भी शामिल है।
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