30 अक्टूबर 2026, 12:33 AM
हर खबर, हर पल
हमारे बारे मेंसंपर्क
राष्ट्रीय

यौन शोषण मामला- बृजभूषण को जवाब देने का आखिरी मौका:अगली सुनवाई 20 नवंबर को, महिला पहलवानों ने बरी होने के फैसले को किया चैलेंज

महिला पहलवानों के यौन शोषण से जुड़े मामले में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व सचिव विनोद तोमर को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर बुधवार सुबह 11 बजे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। उनके वकील ने

यौन शोषण मामला- बृजभूषण को जवाब देने का आखिरी मौका:अगली सुनवाई 20 नवंबर को, महिला पहलवानों ने बरी होने के फैसले को किया चैलेंज
स्रोत: dainik bhasker category
शेयर करेंWhatsAppFacebook
महिला पहलवानों के यौन शोषण से जुड़े मामले में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व सचिव विनोद तोमर को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर बुधवार सुबह 11 बजे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। उनके वकील ने ऑनलाइन पेश होकर जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। विशेष न्यायाधीश ने आखिरी मौका देते हुए मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर तय की है। 9 अक्टूबर को एमपी/एमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिग्विजय सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए बृजभूषण शरण सिंह को 28 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि निचली अदालत में शुरू से अंत तक हुई पूरी अदालती कार्यवाही का डिजिटल रिकॉर्ड (पेन ड्राइव में) याचिकाकर्ता पहलवानों, बृजभूषण शरण सिंह, विनोद तोमर और दिल्ली पुलिस को उपलब्ध कराया जाए। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से भी पूछा था कि क्या वह इस फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करेगी, जिस पर पुलिस ने जवाब देने के लिए समय मांगा था। डेढ़ महीने बाद पहलवानों ने दी थी याचिका बता दें कि राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त को बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया था। करीब डेढ़ महीने बाद 28, सितम्बर 2026 को महिला पहलवानों ने बरी होने के फैसले के खिलाफ सेशंस कोर्ट में अपील दायर की थी। पहलवानों ने आरोप लगाया था कि निचली अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों का चुनिंदा और त्रुटिपूर्ण आकलन किया तथा फैसला महज अनुमानों और अटकलों पर आधारित था। याचिका में यह भी दलील दी गई कि फैसले में यौन उत्पीड़न की पीड़िताओं के व्यवहार को लेकर रूढ़िवादी धारणाओं का सहारा लिया गया, जो कानूनी रूप से उचित नहीं है। पहलवानों ने इस आधार पर आदेश की समीक्षा करने की मांग की। पहलवानों ने निचली अदालत के फैसले को कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं बताते हुए उसकी समीक्षा की मांग की थी। बृजभूषण ने कहा था- होइहि सोइ जो राम रचि राखा फैसले के बाद बृजभूषण ने कहा- जज ने कहा कि बृजभूषण और विनोद तोमर आप लोगों को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने पहले कहा था कि अगर कोई आरोप साबित हो जाएगा तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। मेरे लिए खुशी का दिन है। होइहि सोइ जो राम रचि राखा। कोर्ट के फैसले के बाद पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने कहा- हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है। हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देंगे। यौन शोषण का यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। ------ ये खबर भी पढ़ें MBBS छात्रों ने जूनियर को मुर्गा बनाया, अश्लील हरकतें कराईं:मेडिकल कॉलेज के 17 छात्र सस्पेंड, 25-25 हजार जुर्माना लगा जालौन में रैगिंग करने पर 17 MBBS छात्रों को 3 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही सभी पर 25-25 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। बता दें, 21 अक्टूबर को राजकीय मेडिकल कॉलेज में 2025 बैच के MBBS छात्रों ने अपने जूनियर साथियों को रात 9 बजे कमरे में बुलाया। वहां उसकी रैगिंग की। 24 अक्टूबर को रैगिंग का वीडियो सामने आया। पूरी खबर पढ़ें
समाचार स्रोत

यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

मूल स्रोत देखें ↗