यूपी में दिव्य दरबार लगाने वाला काली सरकार गिरफ्तार:आर्मी ड्रेस पहनता, विदेशों से आते थे भक्त; इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स
झांसी में दिव्य दरबार लगाने वाला 'काली सरकार' उर्फ प्रदीप शुक्ला मंगलवार को हरदोई से पकड़ा गया। पुलिस को 31 साल पुराने केस में उसकी तलाश थी। पुलिस ने शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया- रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला के नाम के साथ नटरोज और काली पंडित भी दर्ज है। झांसी में वह सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से चर्चित

झांसी में दिव्य दरबार लगाने वाला 'काली सरकार' उर्फ प्रदीप शुक्ला मंगलवार को हरदोई से पकड़ा गया। पुलिस को 31 साल पुराने केस में उसकी तलाश थी। पुलिस ने शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया- रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला के नाम के साथ नटरोज और काली पंडित भी दर्ज है। झांसी में वह सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से चर्चित था। उसके खिलाफ कोतवाली शहर में साल 1993 में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। वहीं साल 1998 में भी उसके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मुकदमें वह फरारी काट रहा था। काली सरकार को हरदोई पुलिस ने 10 अक्टूबर को भी उसके आश्रम से पकड़ा था। तब पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण कोर्ट ने उसे जाने दिया था। रिकॉर्ड दुरुस्त होने के बाद उसे दोबारा पकड़ा गया है। काली सरकार आर्मी जैसी ड्रेस पहनता था और दिव्य दरबार लगाता था। हर बीमारी ठीक करने का दावा करता था। उसके दिव्य दरबार में देश ही नहीं, विदेशों से भी लोग आते थे। इंस्टाग्राम पर उसके एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। दो तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरा मामला... प्रदीप शुक्ला हरदोई के कोतवाली शहर के चौहान थोक का रहने वाला है। वह कुरैंचा गांव में काली सरकार मंदिर में रहकर दरबार लगाता है। लूट के मामले में कोर्ट में पेश न होने पर उसके खिलाफ हरदोई कोर्ट से गैर जमानती वारंट (NBW) जारी हुआ था। 31 अक्टूबर को हरदोई पुलिस झांसी में मऊरानीपुर थाने में गई थी। वहां से दरोगा प्रांजल सिंह के साथ काली सरकार के मंदिर पर गई, लेकिन वहां पर काली सरकार नहीं मिला। पूर्व में जब काली सरकार को हरदोई पुलिस ले गई थी तो कुरैंचा निवासी शिवेंद्र अपनी सुपुर्दगी में उसे वापस लाए थे। जब काली सरकार नहीं मिला तो पुलिस शिवेंद्र के ढाबा पर पहुंची। शिवेंद्र से काली सरकार के बारे में जानकारी जुटाने के लिए हरदोई पुलिस अपनी निजी कार से बैठाकर ला रही थी। चलती कार से शिवेंद्र पुलिस को धक्का देकर कूद गया। बाद में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। अब जानिए 22 साल बाद काली बाबा की कैसे खुली पोल... हिस्ट्रीशीटर काली सरकार लूट और मारपीट के मामलों में आरोपी है। हरदोई से भागने के बाद वह मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में रहने लगा था। यहां उसने अपना नाम बदलकर सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार रख लिया था। साथ ही, बाबा बनकर दिव्य दरबार लगाने लगा था। उसके दरबार में सैकड़ों लोग पहुंचते थे। वह लोगों की बीमारियां ठीक करने और दूसरी समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। मऊरानीपुर सीओ रत्नेश्वर सिंह ने बताया था- प्रदीप शुक्ला के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। 1993 में पुलिस ने उसे लूट के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद 1998 में उसके खिलाफ मारपीट का एक और मामला दर्ज हुआ था। दोनों मामलों में वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। इसके बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिए थे। हरदोई पुलिस करीब 12 साल से उसकी तलाश कर रही थी। नाम बदलकर मंदिर में रह रहा था कुछ समय पहले पुलिस को बाबा के झांसी में होने के बारे में पता चला। पुलिस ने जांच की, तो उसके ठिकाने का भी पता चल गया। 10 अक्टूबर को हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मंदिर में दबिश देकर काली सरकार बाबा उर्फ प्रदीप शुक्ला को हिरासत में लिया था। हरदोई पुलिस उसे हरदोई ले गई। जहां उसे कोर्ट से राहत मिल गई थी। इसके बाद वह झांसी लौट आया था। बच्चे से यौन उत्पीड़न का केस दर्ज हुआ एक व्यक्ति ने प्रदीप शुक्ला पर पोते से यौन उत्पीड़ने करने का आरोप लगाया था। दादा ने पुलिस को बताया था- मेरा पोता 12 साल का है। वो गांव के काली सरकार मंदिर में हर रोज दर्शन करने के लिए जाता था। मंदिर के पुजारी सत्यानंद शुक्ला है, जिसका असली नाम प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज है। वो दरबार लगाता है। पोते के नियमित मंदिर जाने से बाबा ने संपर्क बढ़ा लिया। पैसे, खाने-पीने और नए कपड़े देने के बहाने वह बच्चे को अपने पास बुलाने गया। कुछ दिन पहले पोता घर नहीं आया। फोन करने पर प्रदीप उर्फ नटरोज ने कहा कि काफी रात हो गई, वह उसे सुबह भेज देगा। सुबह भी उसने नहीं भेजा। पोते को लेकर वह हरिद्वार चला गया। इसके बाद उसे दिल्ली, लखनऊ लेकर गया। यहां उसका यौन शोषण किया। प्रदीप लगातार फोन पर अपनी लोकेशन बताता रहा। करीब 4 दिनों तक पोते के न आने पर मैंने पुलिस में शिकायत कर देने की बात कही तब आरोपी 22 अक्टूबर को पोते को लेकर झांसी आया। उसने किसी को कुछ बताने पर पोते को जान से मार देने की धमकी देकर डराया-घमकाया। घर आने पर पोते रोने लगा। पूछने पर उसने आरोपी की सारी करतूत बताई। दो दिन पहले पुलिस ने केस दर्ज किया था। इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बाबा ने करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम पर ‘काली सरकार’ के नाम से पेज बनाया था। इस पर उसके एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दिव्य दरबार लगाता था। स्थानीय लोगों के लिए बुधवार को भी दरबार लगाता था। इन दरबार में वह हर बीमारी ठीक करने और दूसरी समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। नवरात्र की वजह से काली सरकार ने सोशल मीडिया पर सूचना जारी कर 9 दिन तक दरबार बंद रखने के बारे लोगों को बताया। हालांकि, नवरात्र के पहले दिन ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। …………………….. ये खबर भी पढ़ें… देवरिया में महिला टीचर की हत्या कर लाश फेंकी:लोगों ने 2 किमी दौड़ाया, चौकी में मां रोते-रोते बेहोश, बोलीं- सैलरी लेने गई थी बेटी देवरिया में 27 साल की महिला टीचर की हत्या कर दी गई। आरोपी शव को कार की डिग्गी में रखकर सुनसान जगह पहुंचे। वहां झाड़ियों में शव फेंककर भागने लगे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया। उन्होंने कार का करीब 2 किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन चालक तेज रफ्तार से भाग निकला। पढ़े पूरी खबर…
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