अमेरिका ईरान संघर्ष कई महीने बीत जाने के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं सका है. इसी बीच ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्होंने नौसैनिक टकराव की क्षमता विकसित कर ली है. उनका दावा है कि अगर युद्ध फिर से शुरू होता है तो हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाज उनके निशाने पर होंगे.
हैदराबाद में ईरानी दूतावास की एक पोस्ट के मुताबिक ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा, "अगर युद्ध फिर से शुरू होता है, तो हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों पर वे जहां भी होंगे, हमला किया जाएगा. हमने ये क्षमताएं विकसित कर ली हैं."
ईरानी हाइपरसोनिक मिसाइलों की रफ्तार
उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलों की रफ्तार मैक 6 से बढ़ाकर मैक 10 कर दी है. सुरक्षा परिषद के सेक्रेटरी ने कहा, "हमने अपने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम भी विकसित किए हैं. एयर डिफेंस को बेहतर बनाया है और हमारे पास दूसरे उपाय भी हैं जिनका इस्तेमाल हम सही समय पर करेंगे." उन्होंने कहा कि तेहरान पूरी तरह तैयार है.
Iranian Security Council Secretary Dr. Rezaei: Iran is totally prepared for any naval confrontation with the U.S.
— Iran In Hyderabad (@IraninHyderabad) September 20, 2026
"If war begins again, U.S. ships, unless they leave the Indian Ocean, will be attacked wherever they are inside the Indian Ocean. We have developed these… pic.twitter.com/WonCOkbGTX
ईरानी संसद के स्पीकर का बयान
यह बात तब सामने आई जब ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया में पुरानी अमेरिकी व्यवस्था ढह गई है और उन्होंने क्षेत्र के इस्लामी देशों से एक नई व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया. गालिबाफ ने कहा कि तेहरान के संदेश और शर्तें बिचौलियों के जरिए अमेरिका तक साफ तौर पर पहुंचा दी गई थीं.
कब खुलेगा होर्मुज
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक ईरान के अधिकारों को मान्यता नहीं दी जाती और अमेरिका अपने वादे पूरे नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा. इस बीच फॉक्स न्यूज़ ने बताया कि ईरान के मामले में ट्रंप फैसला लेने की स्थिति में हैं. खबरों के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि बहुत जल्द कुछ बड़ी घटनाएं होने वाली हैं.
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