8 नवंबर 2026, 1:53 AM
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होमगार्ड भर्ती घूसकांड में दो डाॅक्टरों को मिली जमानत:बचाव पक्ष ने कहा- अरेस्टिंग से पहले शासन से परमीशन नहीं ली

होमगार्ड भर्ती परीक्षा में गिरफ्तार किए गए डॉ. प्रवीण कुमार और डॉ. महेश कुमार द्विवेदी को जिला जज अनमोल पाल की अदालत से जमानत मिल गई है। आरोपी डॉक्टर 16 अक्टूबर को अभ्यर्थियों से घूस लेकर पास करने के मामले में जेल भेजे गए थे। 15 अक्टूबर को अभ्यर्थियों ने किया था हंगामा कानपुर रिजर्व पुलिस लाइन में 1947 होमगार्ड अभ्यर्थियों का 15 स

होमगार्ड भर्ती घूसकांड में दो डाॅक्टरों को मिली जमानत:बचाव पक्ष ने कहा- अरेस्टिंग से पहले शासन से परमीशन नहीं ली
स्रोत: dainik bhasker category
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होमगार्ड भर्ती परीक्षा में गिरफ्तार किए गए डॉ. प्रवीण कुमार और डॉ. महेश कुमार द्विवेदी को जिला जज अनमोल पाल की अदालत से जमानत मिल गई है। आरोपी डॉक्टर 16 अक्टूबर को अभ्यर्थियों से घूस लेकर पास करने के मामले में जेल भेजे गए थे। 15 अक्टूबर को अभ्यर्थियों ने किया था हंगामा कानपुर रिजर्व पुलिस लाइन में 1947 होमगार्ड अभ्यर्थियों का 15 से 29 अक्टूबर तक मेडिकल चेकअप व चरित्र सत्यापन होना था। पहले दिन 15 अक्टूबर को ही अभ्यर्थियों ने उर्सला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डा. प्रवीन कुमार, डा. महेश कुमार, घाटमपुर सीएचसी के डा. देवेंद्र सिंह राजपूत व कार चालक अजीत कुमार पर घूस लेने का आरोप लगा मारपीट की थी। पुलिस ने चारों को पकड़ा, लेकिन डॉ. देवेंद्र पर आरोप साबित न होने के चलते उन्हें छोड़कर तीनों की गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि जेल डाॅ. प्रवीण और डाॅ. महेश ही गए थे, जबकि कोर्ट ने चालक का न्यायिक रिमांड खारिज कर दिया था। इस मामले में दोनों डॉक्टरों की ओर से कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। अभियोजन की ओर से जमानत अर्जी का विरोध किया। जमानत के पक्ष में डॉक्टरों ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई से पहले शासन से अनुमति नहीं ली गई। दोनों डॉक्टर के पास से रुपयों की कोई बरामदगी नहीं हुई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला जज ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। सुजीत और प्रथम को जारी हुआ नोटिस एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने बताया कार से भागे दो लोग सुजीत और प्रथम की पहचान हो चुकी है। उनसे पूछताछ कर उनके बयान दर्ज करने के लिए दोनों को नोटिस जारी किया गया है। दो तीन दिन में उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। अब तक 10 अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि नकद रुपये अजीत को दिए थे जबकि सुजीत और प्रथम को खाते और यूपीआई में रुपये ट्रांसफर किए थे। डॉ. देवेंद्र राजपूत ने अभ्यर्थियों को जो नंबर दिए हैं, उनकी जांच की जा रही है।
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