27 अक्टूबर 2026, 4:31 PM
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हरियाणा में बिजली पर घमासान, निजी कंपनी को दे दिया 25 साल का लाइसेंस

हरियाणा में बिजली वितरण को लेकर राज्य सरकार और बिजली नियामक आयोग आमने-सामने आ गए हैं. हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) ने निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह में 25 साल तक बिजली वितरण करने का लाइसेंस दिया है. इस फैसले के बाद बिजली कर्मचारियों ने विरोध करते हुए हड़ताल

हरियाणा में बिजली पर घमासान, निजी कंपनी को दे दिया 25 साल का लाइसेंस
स्रोत: abp news world
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हरियाणा में बिजली वितरण को लेकर राज्य सरकार और बिजली नियामक आयोग आमने-सामने आ गए हैं. हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) ने निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह में 25 साल तक बिजली वितरण करने का लाइसेंस दिया है. इस फैसले के बाद बिजली कर्मचारियों ने विरोध करते हुए हड़ताल कर दी. इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने आयोग को राज्य में नए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस शुरू नहीं करने का निर्देश दिया.

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि निजी कंपनी को बिजली बांटने की अनुमति मिलने से सरकारी बिजली कंपनियों और आम उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा? सरकार को डर है कि इससे सरकारी बिजली कंपनियों की कमाई और कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ सकता है. 

क्या है हरियाणा में बिजली वितरण का पूरा मामला?

HERC ने 19 अक्टूबर को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल के लिए बिजली वितरण का लाइसेंस दिया. इसके तहत कंपनी गुरुग्राम और नूंह में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVNL) के साथ बिजली सप्लाई कर सकेगी. हालांकि, कंपनी ने अगले पांच साल में 4,717 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया है.

जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचा तैयार होने के बाद कंपनी के 2027-28 में बिजली सप्लाई शुरू करने की उम्मीद है. इस व्यवस्था के तहत संबंधित क्षेत्रों में निजी कंपनी का नेटवर्क पहुंचने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली सप्लायर चुनने का ऑप्शन मिल सकता है.

सरकार इस फैसले का विरोध क्यों कर रही है?

सरकार और बिजली कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता सरकारी बिजली वितरण निगम की कमाई और मौजूदा व्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर है. गुरुग्राम और नूंह दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए आर्थिक रूप से अहम हैं. इसके बावजूद सरकारी कंपनी को बिजली के बुनियादी ढांचे और पहले से किए गए बिजली खरीद समझौतों का खर्च उठाना पड़ेगा.

क्या बढ़ जाएगा बिजली बिल?

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगा, क्योंकि निजी कंपनी को लाइसेंस मिलने का मतलब यह नहीं है कि उपभोक्ताओं का बिजली बिल तुरंत बढ़ जाएगा. हालांकि सरकारी निगम की कमाई घटने पर भविष्य में बिजली दरों और सब्सिडी को लेकर दबाव बढ़ सकता है.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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