16 अक्टूबर 2026, 5:41 PM
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13वें दिन भी धरने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी:बागपत में आशा कार्यकर्ता राज्य कर्मचारी का दर्जा समेत 8 मांगों पर अड़ीं

बागपत के जिला अस्पताल में अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आशा-आशा संगिनी कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन लगातार 13वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने शासन और प्रशासन से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन कर दिया जाएगा। धरने पर बैठी आशा

13वें दिन भी धरने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी:बागपत में आशा कार्यकर्ता राज्य कर्मचारी का दर्जा समेत 8 मांगों पर अड़ीं
स्रोत: dainik bhasker category
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बागपत के जिला अस्पताल में अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आशा-आशा संगिनी कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन लगातार 13वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने शासन और प्रशासन से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन कर दिया जाएगा। धरने पर बैठी आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत अपनी सेवाएं दे रही हैं। गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें उचित मानदेय और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि आशा एवं आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये और आशा संगिनी का मानदेय 26 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। इसके अलावा आशा संगिनी को इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन के दौरान सभी कार्यकर्ताओं को कम से कम 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा देने और बीमा प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की गई। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाने और सभी को 5जी मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने की चेतावनी भी दी गई।
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