16 अक्टूबर 2026, 6:28 PM
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3 मेडल विजेता नीरू ढांढा के ₹5 करोड़ पर संशय:जींद की शूटर MP से खेलती हैं; स्पोर्ट्स पॉलिसी में हरियाणवी खिलाड़ी ही पात्र

जापान में हुए एशियन गेम्स में जींद की नीरू ढांडा ने शूटिंग में दो स्वर्ण और एक रजत समेत तीन मेडल जीते। लेकिन इन पदकों के साथ मिलने वाली कैश अवार्ड को लेकर संशय है। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई है। नीरू हरियाणा के जींद स्थित गांव संगतपुरा की रहने वाली हैं, लेकिन मध्य प्रदेश की तरफ से खेलती हैं। अब परिवार को डर है कि हरियाणा सरकार की

3 मेडल विजेता नीरू ढांढा के ₹5 करोड़ पर संशय:जींद की शूटर MP से खेलती हैं; स्पोर्ट्स पॉलिसी में हरियाणवी खिलाड़ी ही पात्र
स्रोत: Dainik Bhaskar Uttar Pradesh
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जापान में हुए एशियन गेम्स में जींद की नीरू ढांडा ने शूटिंग में दो स्वर्ण और एक रजत समेत तीन मेडल जीते। लेकिन इन पदकों के साथ मिलने वाली कैश अवार्ड को लेकर संशय है। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई है। नीरू हरियाणा के जींद स्थित गांव संगतपुरा की रहने वाली हैं, लेकिन मध्य प्रदेश की तरफ से खेलती हैं। अब परिवार को डर है कि हरियाणा सरकार की खेल अवार्ड पॉलिसी के तहत उन्हें ये राशि मिलेगी या नहीं। हरियाणा सरकार स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़ और सिल्वर मेडलिस्ट को 2 करोड़ रुपए देती है। अलग-अलग मेडल के हिसाब से कुल 8 करोड़ रुपए के कैश अवार्ड बनते हैं, लेकिन दूसरे व तीसरे मेडल के लिए राशि आधी देने का प्रावधान है, ऐसे में 3+1.5+0.5=5 करोड़ बनते हैं। बुधवार को गांव में उनके स्वागत समारोह के दौरान भी नीरू के मामा सोमवीर पहलवान ने सार्वजनिक मंच से ये मुद्दे उठाया। उनका कहना है कि बीपीएल परिवार से आने वाली नीरू ने आर्थिक मुश्किलों के बावजूद शूटिंग जैसे महंगे खेल में देश के लिए पदक जीते हैं। उसे हक मिलना चाहिए। इस समारोह में 3 मंत्री पहुंचे थे। परिजन बोले- अवॉर्ड राशि मिलनी चाहिए नीरू ढांडा के मामा सोमवीर पहलवान ने कहा कि शूटिंग महंगा खेल है। इसमें रोजाना हजारों रुपए खर्च होते हैं। टारगेट पर कई कारसूत खर्च हो जाते हैं, इसके बाद भी गरीब परिवार की नीरू ने लगातार प्रैक्टिस की। एशियन गेम्स में 2 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता। परिवार ने इसके लिए बहुत कुछ सहा है। उसे मेहनत का हक मिलना चाहिए। इस पर मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि नीरू उनके परिवार और डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा के घर (हलके) की बेटी है। हम अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करेंगे। मामा के पास रहने के कारण एमपी से खेलीं मध्यप्रदेश में नीरू ढांडा के मामा सोमवीर का बिजनेस है। कबड्‌डी खिलाड़ी नीरू ढांडा करीब 7 साल पहले मां सुदेश के साथ मामा से मिली। जिसके बाद कबड्‌डी छोड़ मामा के पास रहकर शूटिंग शुरू की। सोमवीर के बेटे लक्ष्य श्योरण भी शूटर है, उन्हीं की गन से शूटिंग की प्रैक्टिस शुरू की थी। शूटिंग में मध्यप्रदेश की तरफ से ही नीरू की एंट्री हुई। मिल्ट्री ज्वाइन करने के बाद भी मध्यप्रदेश की तरफ से खेलती रही। मामा बोले- नहीं मिला ठोस आश्वासन नीरू ढांडा के मामा सोमबीर पहलवान ने कहा कि उनकी मंत्री महिपाल ढांडा से बात हुई थी। बातचीत में उन्होंने नीरू की पैरवी करने का आश्वासन तो दिया, परतु ठोस आश्वासन नहीं मिला। नीरू भोपाल साईं सेंटर में प्रैक्टिस करती है और मिल्ट्री में सर्विस करती है। हरियाणा में कोई शूटिंग रेंज नहीं। दसवीं गांव से की। माता-पिता गांव में रह रहे हैं। दूसरे प्रदेश में शादी भी नहीं की है। ऐसे में मंच से ही मंत्रियों को उसका हक देते हुए नीरू को ऑफर देना चाहिए था। पहल भी नीरज चोपड़ा, सुशील कुमार जैसे दर्जनों खिलाड़ियों को सरकार पॉलिसी का लाभ दे चुकी है। जानिए, क्या हैं अवार्ड के नियम हरियाणा सरकार एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अवार्ड राशि देती है। स्वर्ण पदक विजेता के लिए 3 करोड़, रजत के लिए 2 करोड़ और कांस्य के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान है। हालांकि, नीरू को इस राशि के लाभ मिलने पर संशय है। पहले हरियाणा में जन्मे पदक विजेताओं को अवार्ड देने का नियम था। बाद में सरकार ने हरियाणा की तरफ से खेलने वाले खिलाड़ियों को ही अवार्ड देने की पॉलिसी बनाई थी। नीरू मध्य प्रदेश की तरफ से खेलती हैं। ऐसे में परिवार की चिंता है कि कहीं इसी नियम के कारण वह अवार्ड राशि से वंचित न रह जाएं। सर्विसेज और रेलवे को छूट सर्विसेज (आर्मी-पैरामिल्ट्री फोर्स) और रेलवे की तरफ से खेलने वालों को स्टेट पॉलिसी का लाभ मिलता है। 2018 से पहले किसी भी प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने पर हरियाणा में जन्में खिलाड़ियों को पॉलिसी का लाभ मिलता था। बाद में इसमें बदलाव कर हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को ही कैश अवार्ड अनिवार्य कर दिया। मध्यप्रदेश की खेल पॉलिसी में पुरस्कार कम मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राजपत्रित अधिकारी के पद पर नियुक्त करने तथा इसके इलावा एशियाड गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर 1 करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने पर 50 लाख, कांस्य पदक जीतने पर 25 लाख रुपए का नकद राशि देने का प्रावधान है। पहले भी ऐसे केस में कैश अवार्ड मिलेः डॉ. राजपाल जींद के छोटू राम किसान जाट कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर (स्पोर्ट्स इंचार्ज) डॉ. राजपाल ढांडा के मुताबिक हरियाणा की खेल पॉलिसी में 2018 में बदलाव किया था। इसके बाद भी दूसरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले कई खिलाड़ियों को कैश अवार्ड मिला है। हां, उनकी अवार्ड राशि हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों से कम रही है। किसी को आधी तो किसी को आधी से कम या उससे कुछ ज्यादा मिली है। जहां तक शूटिंग की बात है, हरियाणा विशेषकर जींद मे शूटिंग की कोई रेंज नहीं है। ऐसे में शूटिंग करने वाले खिलाड़ियों को बाहर जाना ही पड़ेगा। मुझे उम्मीद है कि सरकार एशियन गेम्स में दो स्वर्ण और एक रजत पदक विजेता नीरू ढांडा का सम्मान अवश्य देगी। दूसरे प्रदेश से खेलने वाले सुशील को मिला अवार्ड रेसलर सुशील कुमार दिल्ली की तरफ से खेलते थे। उनका जन्म भी दिल्ली के नजफगढ़ में हुआ था। ओलिंपिक में पदक जीतने पर हरियाणा सरकार ने उन्हें अवार्ड दिया था। दूसरे प्रदेश से खेलने वाले अमन नारंग को भी सरकार अवार्ड दे चुकी है। इनके आधार पर परिवार को उम्मीद है कि नीरू को भी उसके पदकों के लिए सम्मान और अवार्ड मिल सकता है। जींद के 4 खिलाड़ियों ने जीते 7 पदक एशियन गेम्स में जींद के चार खिलाड़ियों ने सात पदक जीते हैं। इनमें नीरू ढांडा, कीर्ति शर्मा, पूजा हथवाला और हिमांशु ढिल्लों शामिल हैं। गांव संगतपुरा निवासी नीरू ढांडा ने शूटिंग में दो स्वर्ण और एक रजत समेत तीन पदक जीते। गांव रिटौली निवासी कीर्ति शर्मा ने तीरंदाजी में स्वर्ण पदक जीता। करीब डेढ़ माह पहले ही उन्हें बीएसएफ में कांस्टेबल की नौकरी मिली थी। पूजा हथवाला ने कबड्डी में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, गांव डाहौला निवासी हिमांशु ढिल्लों ने शूटिंग में दो रजत पदक जीते। उनके पिता निजी कंपनी में मैनेजर हैं। उनका परिवार कई वर्षों से कैथल में रह रहा है। DSO बोले- पॉलिसी के आधार पर मिलेगा अवार्ड ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी संग डिनर करेंगी गोल्ड मेडलिस्ट नीरू:फैमिली के साथ दिल्ली जाएंगी ढांडा; जींद में जोरदार स्वागत, भोज में 95 गांवों को न्योता एशियन गेम्स में ट्रैप शूटिंग में 2 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीतने वाली जींद की नीरू ढांडा का बुधवार को शहर में जोरदार स्वागत किया गया। वह सबसे पहले जयंती देवी मंदिर पहुंचीं और पूजा-अर्चना की। इसके बाद रोड शो करते हुए अपने गांव संगतपुरा पहुंचीं। यहां उनकी बुआ आजादो देवी ने उन्हें चूरमा खिलाकर स्वागत किया। (पूरी खबर पढ़ें)
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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