BHU में जेंडर पर 3 दिन तक मंथन:6 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल, 150 से ज्यादा शोध-पत्रों पर होगी चर्चा
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के समाजशास्त्र विभाग में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। इसमें जेंडर की बदलती समझ, सामाजिक असमानताओं और भारतीय समाज में लैंगिक पहचान पर जाति, धर्म, वर्ग और संस्कृति के प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। संगोष्ठी में छह देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और 150 से ज्यादा

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के समाजशास्त्र विभाग में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। इसमें जेंडर की बदलती समझ, सामाजिक असमानताओं और भारतीय समाज में लैंगिक पहचान पर जाति, धर्म, वर्ग और संस्कृति के प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। संगोष्ठी में छह देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और 150 से ज्यादा शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम का विषय ‘जेंडर इन फ्लक्स: ए सोशियोलॉजिकल एग्जामिनेशन ऑफ इवोल्यूशन, इंटरसेक्शनैलिटी एंड न्यू होराइजन्स इन इंडिया’ रखा गया है। इसमें भारतीय सामाजिक परिस्थितियों के संदर्भ में जेंडर से जुड़े सिद्धांतों और मौजूदा चुनौतियों की पड़ताल की जाएगी। पश्चिमी सिद्धांतों और भारतीय सामाजिक अनुभवों पर चर्चा संगोष्ठी में यूरोप और अमेरिका की बौद्धिक परंपराओं से प्रभावित जेंडर सिद्धांतों को भारतीय समाज की वास्तविकताओं के संदर्भ में परखने पर विचार होगा। चर्चा में यह भी देखा जाएगा कि औपनिवेशिक शासन के दौरान स्त्री-पुरुष की भूमिकाओं और लैंगिक पहचान को लेकर बनी धारणाओं का भारतीय समाज पर क्या प्रभाव पड़ा। जाति, धर्म, वर्ग, क्षेत्र और पारिवारिक संबंधों के साथ जेंडर के अंतर्संबंध भी चर्चा का हिस्सा होंगे। उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे शिक्षाविद उद्घाटन सत्र में पद्मश्री निवेदिता भिड़े मुख्य वक्ता और पद्मभूषण प्रो. कपिल कपूर मुख्य अतिथि होंगे। BHU के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी सत्र की अध्यक्षता करेंगे। सामाजिक विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. ए.के. उपाध्याय भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में तीन पूर्ण सत्र होंगे। इनमें दो राष्ट्रीय और एक अंतरराष्ट्रीय सत्र शामिल है। सत्रों में नारीवादी चिंतन, सामाजिक न्याय, जेंडर से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों और भारतीय ज्ञान परंपराओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। समापन सत्र में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ का व्याख्यान एक नवंबर को समापन सत्र में अंतरराष्ट्रीय समाजशास्त्रीय संघ की उपाध्यक्ष और कनेक्टिकट विश्वविद्यालय की प्रोफेसर बंदना पुरकायस्थ व्याख्यान देंगी। टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (TISS), मुंबई के कुलपति प्रो. बद्रीनारायण विशिष्ट अतिथि होंगे। सत्र की अध्यक्षता भारतीय समाजशास्त्रीय परिषद के अध्यक्ष प्रो. डीआर साहू करेंगे।
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