KGMU डॉक्टर रमीज के तार आगरा-एटा मेडिकल कॉलेज तक जुड़े:100 से ज्यादा डॉक्टरों-मौलानाओं की भूमिका, जकात के नाम पर वसूला जाता था चंदा
केजीएमयू में सामने आए धर्मांतरण प्रकरण की जांच का दायरा अब आगरा और एटा मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गया है। एसटीएफ की जांच में सामने आए संपर्कों के आधार पर कई डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की भूमिका खंगाली जा रही है। इनमें मुख्य आरोपित डा. रमीज के करीबी बताए जा रहे डा. रिजवान मलिक का नाम भी शामिल है। जांच में 100 से अधिक डॉक्टरों और मौलानाओ

केजीएमयू में सामने आए धर्मांतरण प्रकरण की जांच का दायरा अब आगरा और एटा मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गया है। एसटीएफ की जांच में सामने आए संपर्कों के आधार पर कई डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की भूमिका खंगाली जा रही है। इनमें मुख्य आरोपित डा. रमीज के करीबी बताए जा रहे डा. रिजवान मलिक का नाम भी शामिल है। जांच में 100 से अधिक डॉक्टरों और मौलानाओं के नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। आरोप है कि यह नेटवर्क जकात के नाम पर हर महीने करीब 10 लाख रुपये जुटाता था। एसटीएफ अब फंडिंग, बैंक खातों और आरोपितों के आपसी संपर्कों की पड़ताल कर रही है। आगरा-एटा मेडिकल कॉलेज तक पहुंचे संपर्क एसटीएफ की रिपोर्ट में डा. रमीज, डा. रिजवान मलिक और अदनान अंसारी समेत कई लोगों के बीच संपर्कों का उल्लेख है। जांच में इस्लामिक मेडिकोज नाम के समूह की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि समूह से जुड़ी पुस्तक और पत्रिका के जरिए मेडिकल छात्रों के बीच संपर्क बनाए जाते थे। नए दाखिला लेने वाले छात्रों को भी इससे जोड़ने की कोशिश की जाती थी। डा. रिजवान मलिक की एटा मेडिकल कॉलेज में करीब पांच साल तैनाती रही। इस दौरान अक्टूबर 2023 में असिस्टेंट प्रोफेसर की गाड़ी में तोड़फोड़ के आरोप में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डा. रजनी पटेल और अकाउंटेंट अभिषेक भी सह-आरोपित थे। सूत्रों के मुताबिक, एटा में तैनाती के दौरान डा. रिजवान की उच्चाधिकारियों से नजदीकियां थीं। उस पर प्रभाव का इस्तेमाल कर गैर-मुस्लिम छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम प्रभावित कराने और सप्लीमेंट्री लगवाने के आरोप भी हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 100 से ज्यादा डॉक्टर-मौलानाओं की भूमिका जांच के घेरे में एसटीएफ की जांच में लखनऊ, आगरा, बस्ती, सहारनपुर के देवबंद और बरेली के सरकारी व निजी संस्थानों से जुड़े डॉक्टरों और मौलानाओं के संपर्क सामने आए हैं। आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े लोग जकात के नाम पर हर महीने करीब 10 लाख रुपये जुटाते थे। इस रकम का इस्तेमाल नेटवर्क से जुड़े लोगों की जरूरतों और गतिविधियों में किया जाता था। जांच के दायरे में केजीएमयू के डॉक्टरों समेत 12 मेडिकल स्टाफ, शहर के दो निजी मेडिकल कॉलेजों के संचालक और अधिकारी भी हैं। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व और वर्तमान छात्रों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। एसटीएफ ने बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटाने के लिए बैंकों को पत्र भेजे हैं। हॉस्टलों में तकरीर, जकात के नाम पर फंडिंग का आरोप जांच में सामने आया है कि केजीएमयू के हॉस्टलों में बाहर से आने वाले मौलाना मेडिकल स्टाफ और छात्रों के बीच तकरीर करते थे। डा. रमीज भी इन तकरीरों में शामिल होता था। आरोप है कि देवबंद, बरेली और आगरा से आने वाले मौलाना जकात के नाम पर रकम जुटाते थे। एसटीएफ अब यह पता लगा रही है कि फंडिंग किन लोगों से जुटाई जाती थी और रकम किन खातों में जमा होती थी। नेटवर्क से जुड़े लोगों के बीच आर्थिक लेनदेन और धन के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है। महिलाओं को प्रभावित करने की रणनीति बनाने का आरोप एसटीएफ की जांच में आरोप सामने आए हैं कि नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग हिंदू महिलाओं का धर्मांतरण कराना सवाब का काम मानते थे। केजीएमयू परिसर में होने वाली तकरीरों और बैठकों में महिलाओं को प्रभावित करने की रणनीति तैयार किए जाने का भी आरोप है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसके लिए कथित तौर पर स्क्रिप्ट तैयार की जाती थी। इसमें हिंदू महिला डॉक्टरों को अपने प्रभाव में लेने और उनकी मानसिकता बदलने के तरीके बताए जाने की बात सामने आई है। इन आरोपों की पुष्टि के लिए एसटीएफ संबंधित लोगों के संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। दीनी तालीम के नाम पर छात्रों को जोड़ने का आरोप जांच में केजीएमयू के बंद कमरों में होने वाली बैठकों का भी जिक्र है। आरोप है कि डा. रमीज दीनी तालीम के नाम पर मुस्लिम मेडिकल छात्रों को जुटाता था। इनमें पढ़ाई में अच्छे और सामान्य पृष्ठभूमि के छात्र भी शामिल थे। एसटीएफ के मुताबिक, बाहर से आने वाले मौलाना कथित तौर पर छात्रों को प्रभावित कर नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश करते थे। उन्हें हिंदुओं के बारे में आपत्तिजनक और भ्रामक बातें बताकर द्वेष पैदा करने का आरोप है। एजेंसी अब छात्रों की भूमिका, बैठकों में शामिल लोगों और नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रही है। पिता पर भी मतांतरण कराने के आरोप जांच का दायरा मुख्य आरोपित डा. रमीज के परिवार तक भी पहुंच गया है। उसके पिता सलीमुद्दीन पर भी हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगे थे। बताया जाता है कि सलीमुद्दीन ने पंजाबी महिला खतीजा से दूसरी शादी की थी। आरोप है कि शादी से पहले महिला का धर्म परिवर्तन कराया गया था। सलीमुद्दीन पर अलग-अलग राज्यों की हिंदू महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर मतांतरण कराने के आरोप भी हैं। पुलिस ने डा. रमीज के मामले में उसके पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा को भी आरोपित बनाया था। दोनों पर बेटे की गतिविधियों में मदद और संरक्षण देने का आरोप है। अब एसटीएफ और पुलिस यह पता लगा रही हैं कि पिता-पुत्र एक ही नेटवर्क से जुड़े थे या उनके अलग-अलग नेटवर्क काम कर रहे थे। जांच एजेंसियां संपर्कों, फंडिंग और कथित गतिविधियों की कड़ियां जोड़कर पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने 800 से ज्यादा पेज की चार्जशीट बनाई थी डॉ. रमीजुद्दीन नायक के खिलाफ पुलिस ने 800 से ज्यादा पेज की चार्जशीट बनाई थी। पुलिस ने इसमें रमीजुद्दीन के साथ चार लोगों को आरोपी बनाया था। पुलिस ने चार्जशीट में दो पीड़िताओं के बयान, डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट को शामिल किया है। डॉ. रमीज ने महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म किया था, जबरन गर्भपात कराया और धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा। आरोपी के पास से बरामद तीन लैपटॉप की फोरेंसिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। करीब 12 साल से ज्यादा समय का 4TB (4000 GB) डेटा मिला, जिसमें 500 से ज्यादा अश्लील वीडियो थे। उन डिजिटल साक्ष्यों को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, रमीजुद्दीन पढ़ाई के दौरान से ही इस तरह के काम करता रहा है। ………….. ये खबर भी पढ़ें… डार्क वेब से साथियों को टास्क देता था रमीजुद्दीन:महिलाओं को फंसाने के तरीके बताता था; KGMU के बाद अब PGI तक पहुंचेगी जांच लखनऊ में केजीएमयू की महिला डॉक्टर के यौन शोषण, धर्मांतरण के दबाव और प्रताड़ना के आरोपों में घिरे रमीजुद्दीन के कथित नेटवर्क को लेकर एसटीएफ को अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी डार्क वेब के जरिए देशभर में अपने साथियों के संपर्क में रहता था। वह उन्हें टास्क देने के साथ महिलाओं को विश्वास में लेकर अपने जाल में फंसाने के तरीके भी बताता था। पढ़िए पूरी खबर…
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