10 अक्टूबर 2026, 4:39 PM
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Neck Hump Exercises: क्या आपकी गर्दन में भी निकल आया कूबड़? इन 3 एक्सरसाइज से होगा ठीक

Dowagers Hump Exercises And Posture Correction: आजकल कई लोगों की गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से में उभार दिखाई देने लगता है. कुछ लोगों की गर्दन के ठीक नीचे पीछे की तरफ कूबड़ जैसा बन जाता है, जो देखने में भी अलग लगता है. इसके साथ गर्दन और कंधों में दर्द, अकड़न और लंबे समय तक ब

Neck Hump Exercises: क्या आपकी गर्दन में भी निकल आया कूबड़? इन 3 एक्सरसाइज से होगा ठीक
स्रोत: abp news world
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Dowagers Hump Exercises And Posture Correction: आजकल कई लोगों की गर्दन और पीठ के ऊपरी हिस्से में उभार दिखाई देने लगता है. कुछ लोगों की गर्दन के ठीक नीचे पीछे की तरफ कूबड़ जैसा बन जाता है, जो देखने में भी अलग लगता है. इसके साथ गर्दन और कंधों में दर्द, अकड़न और लंबे समय तक बैठने पर परेशानी भी हो सकती है. कई बार लोग इसे गलत बैठने या मोबाइल ज्यादा इस्तेमाल करने का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं.

एक्सरसाइज के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट Yorkvillesportsmed गर्दन के पीछे दिखने वाले इस उभार की वजह हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती. कुछ मामलों में यह खराब पोस्चर और पीठ के ऊपरी हिस्से की रीढ़ में बढ़े हुए झुकाव से जुड़ा हो सकता है. वहीं, कुछ लोगों में गर्दन के नीचे चर्बी जमा होने या हड्डियों से जुड़ी समस्या के कारण भी ऐसा दिखाई देता है. इसलिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि उभार किस वजह से बना है. अगर यह लगातार बढ़ रहा है या दर्द के साथ दिखाई दे रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है.

गर्दन के पीछे कूबड़ जैसा क्यों दिखने लगता है?

गर्दन के नीचे उभार बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. लंबे समय तक झुककर बैठना, लैपटॉप पर काम करते समय सिर आगे की तरफ रखना और पीठ की मांसपेशियों का कमजोर होना पोस्चर को प्रभावित कर सकता है. उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ की हड्डियों में होने वाले बदलाव और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियां भी पीठ के ऊपरी हिस्से में झुकाव बढ़ा सकती हैं.


कुछ मामलों में गर्दन और पीठ के जोड़ पर चर्बी जमा होने से भी उभार नजर आता है. इसे सामान्य तौर पर बफैलो हंप कहा जाता है. यह रीढ़ के झुकाव से होने वाले कूबड़ से अलग स्थिति है. दोनों के कारण अलग हो सकते हैं, इसलिए इनके लिए इलाज भी अलग हो सकता है.

गर्दन के कूबड़ के साथ दिख सकते हैं ये लक्षण

गर्दन के पीछे उभार के अलावा कुछ लोगों को कंधों में दर्द, पीठ के ऊपरी हिस्से में खिंचाव और गर्दन घुमाने में परेशानी महसूस हो सकती है. सिर को लगातार आगे की तरफ झुकाकर रखने से गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव भी बढ़ सकता है. हालांकि, हर व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है. अगर उभार अचानक दिखाई देने लगा है, तेजी से बढ़ रहा है या इसके साथ हाथों में सुन्नपन, कमजोरी अथवा तेज दर्द हो रहा है, तो खुद से एक्सरसाइज शुरू करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें.


गर्दन और पीठ के पोस्चर के लिए करें ये 3 एक्सरसाइज

अगर उभार खराब पोस्चर और मांसपेशियों में कमजोरी से जुड़ा है, तो सही एक्सरसाइज से पोस्चर सुधारने और अकड़न कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, इनसे हर तरह का कूबड़ पूरी तरह ठीक हो जाएगा, इसकी गारंटी नहीं है. एक्सरसाइज शुरू करने से पहले फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना बेहतर है.

1. चिन टक एक्सरसाइज

इस एक्सरसाइज में गर्दन को आगे झुकाने के बजाय सिर को धीरे-धीरे पीछे की तरफ ले जाना होता है. इसके लिए कुर्सी पर सीधे बैठें और नजर सामने रखें. अब ठुड्डी को नीचे झुकाए बिना धीरे से पीछे खींचें, जैसे डबल चिन बन रही हो. कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें और फिर सामान्य अवस्था में लौट आएं.

इस दौरान सिर को ऊपर या नीचे न झुकाएं. शुरुआत में पांच से आठ बार इसे धीरे-धीरे कर सकते हैं, बशर्ते इससे दर्द न हो. यह एक्सरसाइज सिर और गर्दन की पोजिशन सुधारने में मदद कर सकती है.

2. चेस्ट स्ट्रेच

लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर काम करने से कई लोगों के कंधे आगे की तरफ झुकने लगते हैं. ऐसे में छाती की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो सकता है. इसे कम करने के लिए दरवाजे के फ्रेम के पास खड़े हों. दोनों हाथों को फ्रेम पर रखकर कोहनियां मोड़ें और शरीर को धीरे-धीरे आगे की तरफ ले जाएं. छाती के सामने हल्का खिंचाव महसूस होने पर कुछ सेकंड रुकें और फिर सामान्य स्थिति में लौट आएं. ध्यान रखें कि खिंचाव बहुत ज्यादा न हो और कंधों में दर्द महसूस होने पर एक्सरसाइज रोक दें.

3. स्कैपुलर स्क्वीज

इस एक्सरसाइज के लिए कुर्सी पर सीधे बैठें या आराम से खड़े हो जाएं. दोनों हाथ शरीर के पास रखें और कंधों को कानों की तरफ उठाए बिना दोनों कंधों की हड्डियों को धीरे-धीरे पीछे की तरफ खींचें. ऐसा महसूस करें जैसे आप दोनों कंधों के बीच किसी चीज को हल्के से दबा रहे हों. इस स्थिति में तीन से पांच सेकंड रुकें और फिर मांसपेशियों को ढीला छोड़ दें. शुरुआत में इसे पांच से दस बार दोहरा सकते हैं. इससे पीठ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों को सक्रिय करने और कंधों की पोजिशन सुधारने में मदद मिल सकती है.

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एक्सरसाइज के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान

काम करते समय पीठ सीधी रखें और स्क्रीन को आंखों के स्तर के करीब रखें, ताकि बार-बार गर्दन नीचे न झुकानी पड़े. लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलें. सोते समय गर्दन को आरामदायक सहारा देने वाला तकिया इस्तेमाल करें. सबसे जरूरी बात यह है कि गर्दन के पीछे बने हर उभार को केवल गलत पोस्चर की समस्या न समझें. अगर इसकी वजह हड्डियों में बदलाव या चर्बी जमा होना है, तो केवल एक्सरसाइज से उभार खत्म नहीं होगा. सही कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से जांच कराएं और उसी के अनुसार इलाज शुरू करें.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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