पाकिस्तान के कब्जे में वाले जम्मू कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में आम लोगों और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच जमकर झड़प देखने में आई है. साथ ही आगजनी की घटना भी सामने आई है.
बीते 3 दिन से रावलाकोट में पाकिस्तानी सेना की तरफ से गोलीबारी, ड्रोन अटैक और आरपीजी-7 रॉकेट से हमला करके प्रदर्शन स्थलों को खाली करवाने की कार्रवाई के खिलाफ मुजफ्फराबाद में शनिवार को आम लोग मुंह पर कपड़ा बांध कर सड़कों पर उतरे हैं. पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है.
🚨Masked students and youth clash with 🇵🇰 Pak Rangers in Muzaffarabad, setting tires on fire 🔥 and staging arson in solidarity with Rawalakot’s 150-day struggle and against the brutality Pakistani forces have unleashed over the last 72 hours. Face-to-face with armed security forces, protesters chant against military state puppets: "America ne kutte pale, vardi wale, vardi wale!" #Muzaffarabad #PoKProtests #PakistanArmy #Kashmir #StandWithPoK #PoK
— Shivank Mishra (@shivank_8mishra) November 7, 2026
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबल के बीच झड़प
राजधानी तक पहुंचीं विद्रोह की आग से निपटने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स और पीओके पुलिस मुजफ्फराबाद में प्रदर्शनकारियों पर गोली चल रही है. आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं. साथ ही रावलाकोट में जारी क्लीयरेंस ऑपरेशन का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने अपर प्लेट और चेला बंदी इलाके में टायरों में आग लगा कर आगजनी भी की.
फिलहाल पूरे मुजफ्फराबाद में धारा 144 लगी हुई है और पाकिस्तानी अर्धसैनिक बल, पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने सामने हैं. इलाके में दुकानें बंद है.
150 दिनों से रावलाकोट में जारी विद्रोह
बीते 150 दिन से रावलाकोट में जारी विद्रोह को खत्म करने और धरना स्थल खाली करवाने के लिए गुरवार को शुरू किया गया, पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी का क्लीयरेंस ऑपरेशन लगातार जारी है. जहां एक धरना स्थल रावलाकोट बस टर्मिनल को एफसी और रेंजर्स ने अपने कब्जे में ले लिया है, तो दूसरे धरना स्थल उमर फारूक चौक पर रुक रुक कर फायरिंग की जा रही है. तीन दिन की फायरिंग और हमलों में 9 लोगो की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी 20 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी गोलीबारी और ड्रोन अटैक के बीच भी धरना स्थल पर डटे हुए हैं.




