अखिलेश बोले, 2027 में बनारस का लौंगलता मुँह मीठा कराएगा:आवभगत से अभिभूत सपा सुप्रीमो का काशी वासियों के नाम संदेश
वाराणसी से लौटे अखिलेश यादव ने बुधवार को काशी वासियों के शुक्रिया कुछ खास अंदाज़ में अदा किया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये उन्होंने पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने सत्ता में आने पर काशी में मेट्रो चलाने और वाराणसी का लौगलता खाकर मुंह मीठा करने की बात कही है। अखिलेश ने लिखा है कि काशी के आशुतोष बाबा विश्वनाथ जी ने हमारे आशुतोष स

वाराणसी से लौटे अखिलेश यादव ने बुधवार को काशी वासियों के शुक्रिया कुछ खास अंदाज़ में अदा किया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये उन्होंने पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने सत्ता में आने पर काशी में मेट्रो चलाने और वाराणसी का लौगलता खाकर मुंह मीठा करने की बात कही है। अखिलेश ने लिखा है कि काशी के आशुतोष बाबा विश्वनाथ जी ने हमारे आशुतोष सिन्हा व लाल बिहारी यादव को ऐतिहासिक वोटों से जिताकर हमें दोहरा आशीर्वाद दिया है। काशी ने डबल इंजन को डबल ज़ीरो कर दिया है। भाजपा ने बनारस का हित नहीं, अहित किया है। क्योटो नहीं बनाया, काशी भी उजाड़ दिया अखिलेश ने वाराणसी के विकास को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि क्योटो बनाने का वादा पूरा नहीं हुआ और काशी को भी उजाड़ दिया गया। उन्होंने तंज किया कि अगर क्योटो नहीं बना पाए तो कम से कम उसकी तस्वीर ही लगा देते। सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग विदाई अच्छी करते हैं, लेकिन काशी के लोग विदाई करते हैं तो स्थायी विदाई कर देते हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में काशी भाजपा की उदासी का कारण बनेगी। साथ ही कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बनारस की मशहूर लौंगलता से सपा कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा होगा। मेट्रो का भी किया वादा अखिलेश ने वादा किया है कि हम आएंगे तो वाराणसी को ट्रैफ़िक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मेट्रो का निर्माण करेंगे। हम अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके दिखाएंगे कि विरासत का संरक्षण और विकास से संवर्धन साथ-साथ कैसे किया जा सकता है। काशी का गौरव फिर से वापस लाना हमारा संकल्प है, जिसे हम निभाएंगे। अखिलेश ने वाराणसी में भाजपा की हार की वजहें बताईं। दाल मंडी ने भाजपा को दल दिया अखिलेश ने दाल मंडी में हुई कार्रवाई को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दाल मंडी में हुए कथित अत्याचार ने भाजपा को ध्वस्त कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने बनारस के बुनकरों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों और नाव चलाकर आजीविका कमाने वालों की समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कमीशनखोरी ने छोटे कारोबारियों के व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया है। गंगा की सफाई के लिए चलाए गए नमामि गंगे अभियान पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा कि इस योजना पर खर्च हुए अरबों रुपये का हिसाब मिलना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, जो कहते थे मां गंगा ने उन्हें बुलाया है, उन्होंने मां गंगा को भुलाया है। पढ़िए अखिलेश ने अपने संदेश में… प्रिय काशीवासियों, सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ के चरणों में नमन करते हुए मैं कहना चाहूँगा कि कल काशी में आप सबने जो स्नेह दिया, उसका मैं अत्यंत आभारी हूँ। काशी के आशुतोष बाबा विश्वनाथ जी ने हमारे आशुतोष सिन्हा जी व लाल बिहारी यादव जी को ऐतिहासिक वोटों से जिताकर हमें दोहरा आशीर्वाद दिया है। काशी ने डबल इंजन को डबल ज़ीरो कर दिया है। दरअसल काशी की हमारी दोहरी जीत के पीछे निम्नलिखित कारण निर्णायक रहे… भाजपा ने बनारस का हित नहीं, अहित किया है। यूपी वाले विदाई अच्छी करते हैं लेकिन जब काशी वाले विदाई करते हैं तो पर्मानेंट विदाई कर देते हैं। इस बार ‘काशी भाजपा की उदासी’ का कारण बनेगी। 2027 में विश्वप्रसिद्ध बनारस की लौंगलता हमारा मुँह मीठा करेगी। अखिलेश ने कहा कि हम आएंगे तो वाराणसी को ट्रैफ़िक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मेट्रो का निर्माण करेंगे। हम अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके दिखाएंगे कि ‘विरासत का संरक्षण और विकास से संवर्धन’ साथ-साथ कैसे किया जा सकता है। काशी का गौरव फिर से वापस लाना हमारा संकल्प है, जिसे हम निभाएंगे। भाजपा जायेगी, काशी मुस्कुराएगी! आपका अखिलेश
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