अखिलेश बोले- धीरेंद्र शास्त्री को आने नहीं देना चाहिए:कृष्ण-राम का अपमान किया; सपा यूथ ब्रिगेड ने FIR के लिए तहरीर दी
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान कृष्ण और राम पर दिए बयानों पर निशाना साधा है। उन्होंने बुधवार को नाम लिए बिना सोशल मीडिया पर लिखा- इन्होंने यदुवंशियों और रघुवंशियों दोनों की भावनाएं आहत की हैं। अब इन्हें न ब्रज में प्रवेश मिलेगा, न अवध में। अखिलेश ने लिखा- लगता है यूपी में किसी बाहरी के इशारे पर कि

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान कृष्ण और राम पर दिए बयानों पर निशाना साधा है। उन्होंने बुधवार को नाम लिए बिना सोशल मीडिया पर लिखा- इन्होंने यदुवंशियों और रघुवंशियों दोनों की भावनाएं आहत की हैं। अब इन्हें न ब्रज में प्रवेश मिलेगा, न अवध में। अखिलेश ने लिखा- लगता है यूपी में किसी बाहरी के इशारे पर किसी की राजनीतिक-धार्मिक सत्ता को चुनौती देने का काम हो रहा है। आपस की टकराहट में सियासी लोग भगवान को क्यों ला रहे हैं।
इधर, लखनऊ में बुधवार को सपा की मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ हजरतगंज थाने में तहरीर दी और FIR दर्ज करने की मांग की। आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित बयान दिया। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री के 2 विवादित बयानों के वीडियो सामने आए हैं। पहले वीडियो में उन्होंने श्रीकृष्ण को टेढ़ा बताया था, जबकि दूसरे वीडियो में उन्हें श्रीराम के पिता पर टिप्पणी की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने वीडियो जारी कर सफाई दी और कहा था कि उनका गलत मतलब निकाला गया। अखिलेश का बयान इसलिए अहम है, क्योंकि धीरेंद्र शास्त्री की अगली कथा प्रतापगढ़ में 17 से 20 नवंबर तक होनी है। कथा राजा भैया करवा रहे हैं। ‘ईशनिंदा’ करने वालों का यूपी की धर्म-भूमि पर प्रवेश वर्जित है अखिलेश ने लिखा- अब न तो कोई सच्चा रघुवंशी इनका स्वागत करेगा, न सच्चा यदुवंशी। यूपी-एमपी के बॉर्डर पर इनकी नाकेबंदी का बोर्ड लग जाना चाहिए, जिस पर लिखा हो- ‘ईशनिंदा’ करने वालों का यूपी की धर्म-भूमि पर प्रवेश वर्जित है। जिसने धर्म-मजहब नहीं छोड़ा वो अगली बार सम्प्रदायों पर छींटाकशी करने से बाज नहीं आएगा। समझाने की जरूरत नहीं अगला नंबर किस का है। नेपाल बॉर्डर भी बंद करना पड़ेगा, नहीं तो उधर से इधर आना ज्यादा पास पड़ेगा। इस भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए- 3 दिन में अखिलेश का तीसरा ट्वीट पहला- 2 नवंबर दूसरा- 3 नवंबर तीसरा- 4 नवंबर अब जानिए विवाद शुरू कहां से हुआ... धीरेंद्र शास्त्री ने मध्यप्रदेश के शिवपुरी में श्रीराम कथा के दौरान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी की थी। 10 अक्टूबर (रविवार) को इसका वीडियो सामने आने के बाद मथुरा के साधु-संतों ने नाराजगी जताई थी। धीरेंद्र शास्त्री से माफी मांगने को कहा था। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था- 'तुम अपने वाले ठाकुरजी की एक भी फोटो देख लो। खड़े भी होते हैं, तो तीन जगह से टेढ़े। पांव के ऊपर पांव, कहीं कमर लचकाएं और टेढ़ी गर्दन करके बंसी बजाते हैं। हमारे वाले तो खड़े भी होते हैं, एकदम सीधे। हमारे वाले का नाम भी सीधा। हमारे वाले का चलना भी सीधा, हमारे वाले दिखते भी सीधे हैं। तुम्हारे वालों का नाम भी टेढ़ा, चलते भी टेढ़े, खड़े भी टेढ़े होते हैं। पर्वत उठाना बड़ी बात नहीं। हमारे भगवान के चेले ने पूरा पर्वत उड़ा दिया था। हमारे वालों का धाम भी सीधा- अयोध्या, तुम्हारे वाले का- वृंदावन!' माफी मांगते हुए कहा था- गलत मतलब निकाला गया हालांकि, बाद में धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी करके सफाई दी। कहा- कई लोगों ने मेरी बात का गलत मतलब निकाल लिया। हम खुद ठाकुरजी और ब्रज के भक्त हैं। जब भी ठाकुरजी से प्रार्थना करते हैं, तो कहते हैं कि हमें ब्रज में वास मिले। हम श्रीमद्भागवत कथा भी कहते हैं और ठाकुरजी का गुणगान करते हैं। हमारा भगवान राम और कृष्ण में भेद करने का कोई इरादा नहीं था। अखिलेश के तेवर के सियासी मायने समझिए- राजनीतिक विशेषज्ञ बताते हैं कि अखिलेश, धीरेंद्र शास्त्री का नाम लिए बिना किए पोस्ट के जरिए कई निशाने साध रहे हैं। एक तरफ वे श्रीकृष्ण के अपमान पर मुखर हैं और यदुवंशी होने के नाते समाज को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर वे कह रहे हैं रघुवंशियों को भी आहत किया है। इसके जरिए वो भाजपा को घसीटने की कोशिश कर रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ सपा यूथ ब्रिगेड ने दी तहरीर, लखनऊ में FIR की मांग समाजवादी पार्टी मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ हजरतगंज थाने में तहरीर दी। मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव प्रवेश यादव ने उन्होंने कहा- धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा, उनके नाम और बांसुरी बजाने की शैली को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। भगवान श्रीकृष्ण की तुलना भगवान श्रीराम से करते हुए ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा, भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व उपहास या तुलना का विषय नहीं है। वे प्रेम, करुणा, न्याय, नीति, साहस और धर्म की स्थापना के प्रतीक हैं। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- 'कृष्ण टेढ़े हैं' बयान पर धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांगी:कहा- मेरे नाम में उनका नाम, बात को तोड़ा-मरोड़ा गया बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण पर अमर्यादित टिप्पणी कर विवादों में फंस गए हैं। विवाद बढ़ने पर उन्होंने वीडियो जारी करके सफाई दी। पूरी खबर पढ़िए
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