सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा के खिलाफ कानपुर की एसीजेएम-5 अदालत में एक इवेंट के समझौते का कथित उल्लंघन करने को लेकर आपराधिक शिकायत दाखिल की गई है. शिकायतकर्ता और इवेंट आयोजक अमन निगम का आरोप है कि 15 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में अंजलि अरोड़ा को निर्धारित समय तक परफॉर्म करना था, लेकिन वो करीब 12 मिनट तक परफॉर्म करने के बाद ही चली गईं.
आयोजकों ने इसे जानबूझकर किया गया व्यवहार बताते हुए धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. वहीं, अंजलि अरोड़ा ने कार्यक्रम के बाद होटल में लोगों के घुसने को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई थीं. अदालत ने इस मामले में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करने के लिए अगली तारीख 5 नवंबर तय की है. आयोजक अमन निगम ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान अंजलि अरोड़ा की प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने कानपुर को लेकर आरोप लगाए.
अंजलि पर लगाए गए ये आरोप
उन्होंने कहा कि आयोजक अब कानूनी रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं और मामला अदालत में पहुंच चुका है. निगम ने कहा कि उन्हें अपनी कानूनी टीम और प्रशासन पर भरोसा है और आगे जो भी फैसला होगा. वो अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगा. निगम ने अंजलि अरोड़ा के उस कथित बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें कानपुर में सेलिब्रिटी के आने को लेकर सवाल उठाए गए थे.
Kanpur, Uttar Pradesh: Organiser Aman Nigam says, "They have made fake allegations. First of all, they alleged that someone was sitting in the car. We have proof of that too; we have a video, right? Some people from our safety management team were sitting in the car, so they made a video of that and uploaded it. There is a guy who is a creator from Kanpur, named Tushar. They merged his video into their video, showing that they were entering the hotel, whereas we have footage of everything. So, these kinds of allegations are fake..."
— IANS (@ians_india) October 27, 2026
उन्होंने कहा कि उनके कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिस तरह की तस्वीर पेश की गई, वह सही नहीं है. उन्होंने कानपुर के लोगों का समर्थन करने के लिए आभार जताया और अंजलि अरोड़ा से अपनी गलती स्वीकार करने की अपील की. अमन निगम ने अंजलि अरोड़ा की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि आयोजकों के पास वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं. गाड़ी उपलब्ध न होने के आरोप पर निगम ने कहा कि उनके पास वाहन की व्यवस्था होने का वीडियो भी है. अंजलि अरोड़ा को रात 9 बजे तक मंच पर पहुंचना था, लेकिन वो कथित तौर पर रात 9:45 बजे तक होटल से निकलीं.
प्रोग्राम में देरी से पहुंचने का आरोप
कार्यक्रम में देरी और मंच पर उनके व्यवहार से जुड़ी सामग्री अदालत में पेश की जाएगी. आयोजक ने बताया कि अंजलि अरोड़ा के साथ तीन लाख रुपये में कार्यक्रम को लेकर बातचीत तय हुई थी. इसके अलावा हवाई टिकट, होटल के कमरे और आने-जाने के लिए पांच गाड़ियों की व्यवस्था भी की गई थी.
उन्होंने कहा कि आयोजन की तैयारी में उनकी ओर से कोई कमी नहीं रखी गई. शिकायतकर्ता के वकील करीम अहमद ने बताया कि 22 अक्टूबर को स्वरूपनगर थाने के अध्यक्ष को आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी. इसके बाद 24 अक्टूबर को पुलिस कमिश्नर को भी शिकायत दी गई और मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर भी आवेदन अपलोड किया गया. कहीं से एफआईआर दर्ज नहीं होने के बाद उन्हें अदालत में आपराधिक परिवाद दाखिल करना पड़ा. शिकायत अदालत में दर्ज हो चुकी है.
प्रोग्राम पर खर्च हुए इतने रुपये
उन्होंने आरोप लगाया कि अंजलि अरोड़ा और उनकी टीम ने जानबूझकर धोखा देने की नीयत से ऐसा व्यवहार किया. कार्यक्रम लाजपत भवन में आयोजित था और होटल से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में लगभग दस मिनट लगते हैं. उन्होंने दावा किया कि अंजलि अरोड़ा शाम छह बजे होटल पहुंच गई थीं, लेकिन निर्धारित समय पर मंच पर नहीं पहुंचीं. वकील ने कहा कि कार्यक्रम पर करीब 18 से 20 लाख रुपए खर्च किए गए थे. अंजलि अरोड़ा को बुलाने के लिए तीन लाख रुपए, चार-पांच लोगों के हवाई टिकट और वाहन की व्यवस्था की गई थी. उन्होंने सवाल उठाया कि जब आयोजकों ने इतने बड़े कार्यक्रम की व्यवस्था की, तो क्या वे गाड़ी उपलब्ध कराने में लापरवाही करते? वकील ने अंजलि अरोड़ा के आरोपों को निराधार और अतार्किक बताया.




