5 नवंबर 2026, 11:38 PM
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आगरा में दूसरे कॉरीडोर पर दिसंबर से चलेगी मेट्रो:चुनाव से पहले 5 स्टेशनों के बीच चलाने की तैयारी, तेजी से चल रहा काम

आगरा में मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर दिसंबर से यात्री सेवा शुरू होने की उम्मीद है। आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक के प्रायोरिटी सेक्शन में निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अब मेट्रो संचालन की तैयारियों को परखने के लिए ट्रायल शुरू कर दिए गए हैं। डिपो से सदर बाजार स्टेशन तक ट्रेन का भार के साथ ट्रायल पूरा किया जा चुका है। इसक

आगरा में दूसरे कॉरीडोर पर दिसंबर से चलेगी मेट्रो:चुनाव से पहले 5 स्टेशनों के बीच चलाने की तैयारी, तेजी से चल रहा काम
स्रोत: dainik bhasker category
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आगरा में मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर दिसंबर से यात्री सेवा शुरू होने की उम्मीद है। आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक के प्रायोरिटी सेक्शन में निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अब मेट्रो संचालन की तैयारियों को परखने के लिए ट्रायल शुरू कर दिए गए हैं। डिपो से सदर बाजार स्टेशन तक ट्रेन का भार के साथ ट्रायल पूरा किया जा चुका है। इसके बाद ट्रेन में वास्तविक यात्रियों के बराबर वजन रखकर उसकी गति, संतुलन और संचालन क्षमता की जांच की जा रही है। इस सेक्शन में सिविल निर्माण के बाद अब सिस्टम इंस्टॉलेशन, स्टेशन फिनिशिंग, सिग्नलिंग, बिजली आपूर्ति और सुरक्षा से जुड़े परीक्षण अहम हैं। दिसंबर में यात्री सेवा शुरू करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। 5 स्टेशनों पर पहले शुरू होगी मेट्रो दूसरे कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 15 किलोमीटर है। इसमें आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक 15 स्टेशन प्रस्तावित हैं। फिलहाल पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक करीब 5 किलोमीटर के प्रायोरिटी सेक्शन को तैयार किया जा रहा है। इस पर पांच स्टेशन होंगे। 1. आगरा कैंट स्टेशन रेलवे स्टेशन से मेट्रो की कनेक्टिविटी मिलेगी। यहां सिस्टम रूम तैयार हो चुका है और उपकरणों से जुड़े काम शुरू हैं। 2. सदर बाजार स्टेशन डिपो से इस स्टेशन तक ट्रेन का ट्रायल किया जा चुका है। यहां भी सिस्टम से जुड़े कार्य शुरू हो चुके हैं। 3. प्रतापपुरा स्टेशन स्टेशन की सिविल संरचना लगभग तैयार है। सिस्टम रूम बन चुका है और उपकरण लगाने का काम शुरू है। 4. कलेक्ट्रेट स्टेशन स्टेशन की संरचना तैयार करने के बाद फिनिशिंग और अन्य तकनीकी कार्यों पर फोकस है। 5. आगरा कॉलेज स्टेशन प्रायोरिटी सेक्शन का अंतिम स्टेशन। यहां तक मेट्रो संचालन शुरू करने के लिए ट्रैक, स्टेशन और सिस्टम से जुड़े काम पूरे किए जाने हैं। कितना काम पूरा, कितना शेष? स्टेशन निर्माण पांचों स्टेशनों की सिविल संरचना लगभग तैयार हो चुकी है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स और अन्य हिस्सों के निर्माण में बड़ी प्रगति हुई है। पिलर और वायाडक्ट प्रायोरिटी सेक्शन में रावली के हिस्से को छोड़कर लगभग सभी पिलरों की कास्टिंग की जा चुकी है। रावली में स्टील स्पैन और आखिरी पिलर से जुड़े काम शेष बताए गए हैं। स्टेशन फिनिशिंग स्टेशनों पर पत्थर लगाने, फिनिशिंग और अन्य आंतरिक कार्य शुरू हो चुके हैं। सिस्टम इंस्टॉलेशन आगरा कैंट, सदर बाजार और प्रतापपुरा में सिस्टम रूम तैयार हैं। इनमें सिग्नलिंग, एयर कंडीशनिंग और बिजली आपूर्ति से जुड़े उपकरणों का काम शुरू हो गया है। ट्रैक और बिजली डिपो से सदर बाजार तक डाउन लाइन पर ट्रायल हो चुका है। थर्ड रेल का काम भी पूरा किया जा चुका है। अप लाइन पर ट्रैक बिछाने का काम अंतिम चरण में बताया गया है। 959 यात्रियों के वजन के साथ 80 किमी की रफ्तार पर परीक्षण मेट्रो संचालन से पहले सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी परीक्षणों में से एक प्री-RDSO ऑसिलेशन टेस्टिंग पूरी की गई है। 3 नवंबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, ट्रेन में सैंड बैग रखकर 959 यात्रियों के बराबर भार तैयार किया गया। इसके बाद 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को चलाकर उसकी स्थिरता, ट्रैक और सिविल संरचनाओं की मजबूती तथा तकनीकी प्रदर्शन को परखा गया। प्वाइंटर में समझिये… अभी क्या-क्या काम बाकी है? दिसंबर में यात्री सेवा शुरू करने के लिए निर्माण के साथ-साथ परिचालन की सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। 1. रावली के पास शेष स्टील स्पैन और अंतिम पिलर से जुड़े सिविल कार्य पूरे करने होंगे। 2. अप लाइन पर ट्रैक बिछाने और ट्रैक से जुड़े शेष कार्य पूरे करने होंगे। 3. सभी पांचों स्टेशनों पर फिनिशिंग, लिफ्ट, एस्केलेटर, यात्री सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना होगा। 4. सिग्नलिंग, कम्युनिकेशन, बिजली आपूर्ति और ट्रेन कंट्रोल सिस्टम का परीक्षण करना होगा। 5. सुरक्षा से जुड़े परीक्षण और निर्धारित निरीक्षण व अनुमतियां पूरी करनी होंगी। ट्रायल के बाद अगला चरण क्या होगा? ट्रायल रन का उद्देश्य सिर्फ ट्रेन को पटरी पर दौड़ाना नहीं है, बल्कि यह देखना भी है कि ट्रेन निर्धारित गति पर सुरक्षित तरीके से चल सकती है या नहीं। इसके बाद विभिन्न तकनीकी प्रणालियों का परीक्षण और रेल सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का सत्यापन किया जाएगा। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही यात्री सेवा शुरू करने का रास्ता साफ होगा। पूरे दूसरे कॉरिडोर का काम जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक दूसरे कॉरिडोर की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है। प्रायोरिटी सेक्शन के बाद शेष हिस्से में एमजी रोड, संजय प्लेस, हरिपर्वत, कमला नगर, रामबाग और कालिंदी विहार की तरफ निर्माण कार्य जारी है। पूरे कॉरिडोर को जून 2027 तक जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे कॉरिडोर की खास बातें
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यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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