4 नवंबर 2026, 7:45 PM
हर खबर, हर पल
हमारे बारे मेंसंपर्क
राष्ट्रीय

आम लोगों से राष्ट्रपति तक चख चुके हैं यह जलेबी:मेरठ के किसान मेले में आकर्षण का केंद्र बनी 250 ग्राम की जलेबी

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय किसान मेले में 250 ग्राम की बड़ी जलेबी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हरियाणा के गोहाना से आए ताऊ बलजीत प्रजापति की इस जलेबी को खाने के लिए ही नहीं, बल्कि बनते हुए देखने के लिए भी लोग स्टॉल पर पहुंच रहे हैं। सामान्य जलेबी से कई गुना बड़ी और मोटी ह

आम लोगों से राष्ट्रपति तक चख चुके हैं यह जलेबी:मेरठ के किसान मेले में आकर्षण का केंद्र बनी 250 ग्राम की जलेबी
स्रोत: dainik bhasker category
शेयर करेंWhatsAppFacebook
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय किसान मेले में 250 ग्राम की बड़ी जलेबी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हरियाणा के गोहाना से आए ताऊ बलजीत प्रजापति की इस जलेबी को खाने के लिए ही नहीं, बल्कि बनते हुए देखने के लिए भी लोग स्टॉल पर पहुंच रहे हैं। सामान्य जलेबी से कई गुना बड़ी और मोटी होने के कारण इसे तैयार करने का तरीका भी अलग है। लोग इसे बनाने की कला को देखकर हैरान हो रहे हैं। एक जलेबी का वजन करीब 250 ग्राम जलेबी का आकार सामान्य से बड़ा और मोटा होने के कारण इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है। हल्की कड़क होने पर इसे चिमटे की मदद से पलटकर दूसरी तरफ से भी सेका जाता है। दोनों तरफ से अच्छी तरह पकने के बाद इसे चाशनी में डुबोया जाता है। इसके बाद खाने के लिए ग्राहकों को दिया जाता है। एक जलेबी का वजन करीब 250 ग्राम होता है। 250 ग्राम की एक जलेबी की कीमत 100 रूपये है। दाल और मैदा से तैयार होता है घोल ताऊ बलजीत सिंह के बेटे बलवान ने बताया कि जलेबी बनाने के लिए मूंग दाल, चना दाल, उड़द दाल और मैदा का इस्तेमाल किया जाता है। इसका खमीर तैयार करने के बाद जलेबी बनाई जाती है। उनका दावा है कि इसमें किसी तरह का केमिकल नहीं मिलाया जाता। ठंडी होने के बाद इसे पैक करके करीब एक महीने तक रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि परिवार को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति सहित कई बड़े आयोजनों में जलेबी बनाने के लिए बुलाया जा चुका है। इस बार उनके पिता राष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल होने के कारण मेले में नहीं आ सके। उनकी जगह बेटे बलवान स्टॉल संभाल रहे हैं। शुद्ध मिठाई खाने का दिया संदेश बलवान ने कहा कि बाजार में कई तरह की मिठाइयां मिलती हैं, लेकिन लोगों को शुद्ध मिठाई खाने पर ध्यान देना चाहिए। उनका प्रयास है कि पारंपरिक तरीके से बनी इस जलेबी का स्वाद लोगों तक पहुंचे। किसान मेले में जलेबी का बड़ा आकार और इसे बनाने का अनोखा तरीका लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
समाचार स्रोत

यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

मूल स्रोत देखें ↗