ई-रिक्शा-चालकों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन:बोले- 300 कमाने वाला चालक 5 हजार का चालान घर ले जा रहा
शाहजहांपुर में मंगलवार दोपहर 12 बजे ई-रिक्शा चालकों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि वेरिफिकेशन के नाम पर उनका शोषण और प्रताड़ना की जा रही है। चालकों का कहना है कि साल में तीन बार वेरिफिकेशन होता है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। चालकों के मुताबिक, जो व्यक्ति दिनभर में 200 से 300 रुपये कमाता है,

शाहजहांपुर में मंगलवार दोपहर 12 बजे ई-रिक्शा चालकों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि वेरिफिकेशन के नाम पर उनका शोषण और प्रताड़ना की जा रही है। चालकों का कहना है कि साल में तीन बार वेरिफिकेशन होता है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। चालकों के मुताबिक, जो व्यक्ति दिनभर में 200 से 300 रुपये कमाता है, उसे शाम को 500 से 5000 रुपये तक का चालान थमा दिया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि जब घर में खाने को नहीं है, तो वे चालान कहां से भरेंगे। चालकों ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग की है, ताकि उनके परिवारों का गुजारा चल सके। एसोसिएशन के अध्यक्ष महफूज अली खां ने बताया कि ई-रिक्शा चालकों के लिए कोई स्टैंड नहीं है। उन्होंने नए स्टैंड बनवाने की मांग की। साथ ही, ट्रैफिक पुलिस द्वारा पीछे से किए जाने वाले चालानों को तुरंत बंद करने की भी मांग की गई। चालकों ने शाहजहांपुर की खराब सड़कों पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि सड़कों की हालत इतनी खराब है कि आए दिन दर्जनों रिक्शे पलट जाते हैं, जिससे आम जनता और चालकों को परेशानी होती है। उन्होंने सड़कों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की। इसके अलावा, शहर में 150-200 बिना रजिस्ट्रेशन वाले ई-रिक्शा चल रहे हैं, जिनसे रजिस्टर्ड रिक्शा चालकों को नुकसान हो रहा है और यह जनता के लिए भी खतरनाक है। ऐसे रिक्शों को तुरंत जब्त करने की मांग की गई। कुछ स्कूल में लगे ई-रिक्शा चालकों ने अपने रिक्शों को मॉडिफाई करवा लिया है। इनमें 18-20 स्कूल के बच्चे बिठाकर चलाए जा रहे हैं, जो सुरक्षित नहीं है। चालकों ने ऐसे रिक्शों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की मांग की।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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