22 अक्टूबर 2026, 6:47 PM
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उन्नाव में किसानों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया:फसल नुकसान का सर्वे कराने, खाद की कालाबाजारी रोकने पर कार्रवाई की मांग

उन्नाव में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गुरुवार दोपहर करीब 1500 किसानों ने डीएम कार्यालय पर महापंचायत कर प्रदर्शन किया। किसानों ने फसल नुकसान का सर्वे न होने, खाद की कालाबाजारी और लेखपालों पर गुमराह करने के आरोप लगाए। उन्होंने प्रशासन से समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की। बाढ़ और बारिश से फसलें बर्बाद, मुआवजे की मांग किस

उन्नाव में किसानों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया:फसल नुकसान का सर्वे कराने, खाद की कालाबाजारी रोकने पर कार्रवाई की मांग
स्रोत: dainik bhasker category
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उन्नाव में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गुरुवार दोपहर करीब 1500 किसानों ने डीएम कार्यालय पर महापंचायत कर प्रदर्शन किया। किसानों ने फसल नुकसान का सर्वे न होने, खाद की कालाबाजारी और लेखपालों पर गुमराह करने के आरोप लगाए। उन्होंने प्रशासन से समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की। बाढ़ और बारिश से फसलें बर्बाद, मुआवजे की मांग किसानों ने बताया कि बाढ़ और बारिश के कारण कटरी क्षेत्र में धान और मक्का की फसलें बर्बाद हो गई हैं। उनका आरोप है कि फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। किसानों ने निष्पक्ष सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की। मंदिर की जमीन पर कब्जे का आरोप महापंचायत में सुनीता पासी ने आरोप लगाया कि अकील, शकील, पप्पू और कफील ने मंदिर की जमीन पर कब्जा कर मंदिर तोड़ दिया है। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने जमीन को कब्जामुक्त कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। थानों में रुपये मांगने का आरोप किसानों ने तहसील दिवस में शिकायतें देने के बावजूद सुनवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया। उनका दावा है कि थानों में आपसी विवाद की शिकायत लेकर पहुंचने वाले गरीब लोगों से 3 से 5 हजार रुपए तक मांगे जाते हैं। रुपये नहीं देने पर शांतिभंग की कार्रवाई किए जाने का आरोप भी लगाया गया। आवारा पशुओं से राहत की मांग किसानों ने आवारा पशुओं और बंदरों से फसलों को बचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था करने, खाद की कालाबाजारी रोकने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कराने की मांग उठाई। उन्होंने पंचायत भवनों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। महापंचायत में किसानों ने नारेबाजी कर प्रशासन से समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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