3 अक्टूबर 2026, 2:09 PM
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कानपुर देहात में दिव्यांग को नहीं मिला आवास:बैसाखियों के सहारे DM कार्यालय पहुंचा, रिश्तेदार के घर रहने को मजबूर

कानपुर देहात में एक दिव्यांग व्यक्ति सरकारी आवास की उम्मीद लेकर मंगलवार को बैसाखियों के सहारे डीएम कार्यालय पहुंचा। जरइयला गांव के रहने वाले संदीप कुमार ने जिलाधिकारी कपिल सिंह को शिकायती पत्र देकर आवास दिलाने की मांग की है। संदीप का कहना है कि उनके परिवार में पत्नी और तीन छोटी बेटियां हैं, लेकिन रहने के लिए अपना पक्का मकान नहीं ह

कानपुर देहात में दिव्यांग को नहीं मिला आवास:बैसाखियों के सहारे DM कार्यालय पहुंचा, रिश्तेदार के घर रहने को मजबूर
स्रोत: Dainik Bhaskar Uttar Pradesh
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कानपुर देहात में एक दिव्यांग व्यक्ति सरकारी आवास की उम्मीद लेकर मंगलवार को बैसाखियों के सहारे डीएम कार्यालय पहुंचा। जरइयला गांव के रहने वाले संदीप कुमार ने जिलाधिकारी कपिल सिंह को शिकायती पत्र देकर आवास दिलाने की मांग की है। संदीप का कहना है कि उनके परिवार में पत्नी और तीन छोटी बेटियां हैं, लेकिन रहने के लिए अपना पक्का मकान नहीं है। वह पैरों से दिव्यांग हैं और बैसाखियों के सहारे चलते हैं। संदीप कुमार के मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह पंचर की दुकान चलाकर किसी तरह परिवार का गुजारा करते हैं। आय का कोई दूसरा साधन नहीं है और उनके पास सिर्फ एक बीघा खेती की जमीन है, जो दो भाइयों के बीच बंटी हुई है। परिवार के साथ रिश्तेदार के घर रहने को मजबूर संदीप ने बताया कि उनकी तीन बेटियों की उम्र करीब 9 साल, 6 साल और 2 साल है। उनके पास अपना पक्का आवास नहीं है। कच्चे मकान की हालत खराब होने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है, इसलिए वह परिवार के साथ रिश्तेदार के घर रहने को मजबूर हैं। आवास योजना का लाभ मिला संदीप का आरोप है कि आवास के लिए वह काफी समय से ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई बार शिकायती पत्र देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका यह भी आरोप है कि गांव में कुछ ऐसे लोगों को आवास योजना का लाभ मिला है, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं, जबकि जरूरतमंद होने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही। शिकायत की जांच कराई इस मामले पर जिला विकास अधिकारी ने बताया कि शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच और सर्वे में अगर संदीप पात्र पाए जाते हैं, तो उनका नाम सूची में शामिल कर नियमानुसार योजना का लाभ दिलाया जाएगा। अब संदीप को उम्मीद है कि जांच के बाद उनकी पात्रता सामने आएगी और उन्हें सरकारी आवास का लाभ मिल सकेगा, ताकि वह परिवार के साथ सुरक्षित घर में रह सकें।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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