जालौन में वकील हत्याकांड का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार:पुलिस ने दोनों पैरों पर गोली मारी, एक लाख का इनामी था
जालौन के कालपी बार संघ के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार हत्याकांड में फरार चल रहे बदमाश मोनू यादव उर्फ पवन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। ये मुठभेड़ मंगलवार-बुधवार की देर रात करीब 2:45 बजे जोल्हूपुर-मदारीपुर के जंगल में हुई। पुलिस को देख बदमाश ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके दोनों पर

जालौन के कालपी बार संघ के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार हत्याकांड में फरार चल रहे बदमाश मोनू यादव उर्फ पवन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। ये मुठभेड़ मंगलवार-बुधवार की देर रात करीब 2:45 बजे जोल्हूपुर-मदारीपुर के जंगल में हुई। पुलिस को देख बदमाश ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके दोनों पर पैरों पर गोली मारी। जिसके बाद वो गिर गया। पुलिस ने उसे उठाकर जिला अस्पताल उरई में भर्ती कराया है। बदमाश मोनू पर मंगलवार को ही एक लाख रुपये का इनाम घोषित हुआ था। एएसपी डॉक्टर ईशान सोनी के मुताबिक, पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि मोनू यादव कदौरा क्षेत्र के जंगल क्षेत्र में छिपा हुआ है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे आरोपी ने पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग की। पुलिस ने जवाब में छह राउंड फायर कर उसे दबोच लिया। दो तस्वीरें देखें अब समझिए पूरा मामला जालौन के कालपी बार संघ अध्यक्ष गयादीन अहिरवार (70) को शनिवार रात कानपुर-झांसी हाईवे पर दुर्गा मंदिर चौराहे से कार सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया था। रविवार सुबह कानपुर के सचेंडी इलाके में शव मिला था। गयादीन को फोन कर केस की फाइल के बारे में बात करने के बहाने बुलाया गया था। वहीं से बदमाश उन्हें किडनैप कर उरई की ओर ले गए। इसके बाद से उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। जिस नंबर से उन्हें फोन किया गया, वह भी स्विच ऑफ हो गया था। इस मामले में पुलिस ने रविवार रात 10:45 बजे कालपी के जोल्हूपर-मदारीपुर के जंगल में 3 आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। दो आरोपियों के पैर में गोली लगी। वहीं तीसरे को दौड़ाकर पकड़ा था। जबकि मोनू फरार चल रहा था। मोनू यादव की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। सिविल और क्रिमिनल मामलों की वकालत कर रहे थे गयादीन अहिरवार जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर कालपी कोतवाली के कागजीपुरा इलाके के रहने वाले थे। चौथी बार कालपी बार संघ के अध्यक्ष बने थे। 8 मई 2026 को हुए चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की थी। 1981 से कालपी में सिविल और क्रिमिनल मामलों की वकालत कर रहे थे। परिवार में पत्नी राजेश्वरी (68), तीन बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा सौरभ (40) लखनऊ में काम करता है। छोटा बेटा हर्षमित्रा (30) कालपी में घर पर ही रहता है। एक बेटे गौरव मित्रा की 31 अक्टूबर 2025 को मौत हो गई थी। बड़ी बेटी संघ मित्रा और मणि मित्रा हैं। मणि की शादी हो चुकी है। बेटे ने सिलसिलेवार तरीके से पूरी वारदात बताई जमीन विवाद को लेकर चल रही थी रंजिश साथी अधिवक्ता सतीश निषाद ने बताया कि गयादीन का 2000 से अपर्णा नाम की महिला के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसके मुकदमे सिविल कोर्ट, कालपी और चकबंदी कोर्ट, उरई में विचाराधीन थे। इनमें से एक मुकदमे में अपर्णा ने गयादीन के खिलाफ फैसला हासिल कर लिया था। गयादीन ने निचली कोर्ट के आदेश को ऊपरी कोर्ट में चुनौती देते हुए अपील दाखिल की। सुनवाई के बाद निचली अदालत का आदेश निरस्त कर दिया गया और मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सिविल कोर्ट, कालपी भेज दिया गया। इसी दौरान अपर्णा ने विवादित जमीन मैनपुरी निवासी इंद्रजीत यादव को बेच दी। मामले की सूचना कोर्ट को दी गई तो गयादीन को स्थगन आदेश (स्टे) मिल गया। मामले की आगे की सुनवाई के लिए तारीख निर्धारित कर दी। करीब 4 हेक्टेयर जमीन को लेकर था विवाद सतीश ने बताया कि विवादित जमीन जमींदारी उन्मूलन अधिनियम से संबंधित है। यह कालपी तहसील के कदौरा क्षेत्र के मौजा हासा में स्थित गाटा संख्या 565, 566 और 576 की करीब 4 हेक्टेयर भूमि है। इस जमीन पर गयादीन को स्टे ऑर्डर मिलने के बाद मैनपुरी के घनश्यामपुर निवासी इंद्रजीत सिंह यादव हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। दलील दी थी कि गयादीन कालपी बार संघ के अध्यक्ष हैं। ऐसे में कालपी न्यायालय में मामले की निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर उन्होंने मुकदमे को दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की थी। इसके बाद मामला कालपी से उरई की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया। एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने बताया गिरफ्तार आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। ------ ये खबर भी पढ़ें अब्दुल्ला के निकाह, केदारनाथ पहुंची सारा खान पर फतवा क्यों:मौलाना बोले- गुनहगार है, तौबा तो करनी होगी; अल्लाह जवाब मांगेगा मौलाना शहाबुद्दीन रजवी अक्सर फतवा जारी करने के लिए सुर्खियों में रहते हैं। वे बरेली स्थित ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। हाल ही में इन्होंने 2 और फतवे जारी किए। एक हिंदू युवक के मुस्लिम सरनेम लगाने पर आपत्ति जताई। पूरी खबर पढ़ें
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