प्रयागराज में अप्रेंटिस अभ्यर्थियों ने DRM ऑफिस घेरा:छात्र बोले- मेरिट वाले योग्य अभ्यर्थियों को नहीं मिली ओपन सीट
प्रयागराज में रेलवे ग्रुप डी भर्ती फाइनल रिजल्ट को लेकर कोर्स कम्प्लीटेड एक्ट अप्रेंटिस (CCAA) अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को डीआरएम ऑफिस का घेराव किया। छात्रों का आरोप है कि 12 अक्टूबर को घोषित प्रयागराज क्षेत्र के परिणाम में CCAA श्रेणी के अभ्यर्थियों को ओपन/अनारक्षित सीट नहीं दी गई। जबकि सुप्रीम कोर्ट के सौरभ यादव बनाम उत्तर प्रदेश

प्रयागराज में रेलवे ग्रुप डी भर्ती फाइनल रिजल्ट को लेकर कोर्स कम्प्लीटेड एक्ट अप्रेंटिस (CCAA) अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को डीआरएम ऑफिस का घेराव किया। छात्रों का आरोप है कि 12 अक्टूबर को घोषित प्रयागराज क्षेत्र के परिणाम में CCAA श्रेणी के अभ्यर्थियों को ओपन/अनारक्षित सीट नहीं दी गई। जबकि सुप्रीम कोर्ट के सौरभ यादव बनाम उत्तर प्रदेश फैसले के अनुसार मेरिट पर योग्य उम्मीदवार को ओपन सीट देनी चाहिए। 2 तस्वीरें देखिए… अभ्यर्थियों का मुख्य आरोप अप्रेंटिस श्रीचंद यादव ने कहा कि CEN 08/2024 का फाइनल रिजल्ट प्रयागराज क्षेत्र के लिए जारी हुआ। लेकिन CCAA अभ्यर्थियों को ओपन कैटेगरी की सीट आवंटित नहीं की गई। जो अभ्यर्थी वर्टिकल कैटेगरी की कट-ऑफ के बराबर या उससे अधिक अंक ला रहे हैं, उन्हें मेरिट के आधार पर ओपन सीट देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आरक्षित वर्ग का मेधावी उम्मीदवार, यदि अपनी योग्यता से अनारक्षित/सामान्य सीट के लिए पात्र है, तो उसे ओपन सीट दी जानी चाहिए और उसे केवल आरक्षित श्रेणी में ही गिना नहीं जाना चाहिए। जोनों में अलग-अलग कट-ऑफ का विवाद अभ्यर्थियों का कहना है कि एक ही CEN 08/2024 नोटिफिकेशन के तहत विभिन्न RRB जोनों ने CCAA हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए हैं। अजमेर जोन ने इसे ठीक ढंग से फॉलो करते हुए CCAA के लिए 48 अंक की कट-ऑफ रखी, जबकि अन्य ज़ोनों में यह कट-ऑफ 71–72 अंक के स्तर पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि जब नोटिफिकेशन एक ही है, तो एक जोन नियम का पालन कैसे कर रहा है। विवाद केवल कट-ऑफ के अंतर का नहीं, बल्कि एक जैसे नोटिफिकेशन पर अलग-अलग चयन प्रक्रिया अपनाए जाने का है। 2016 के रेलवे बोर्ड सर्कुलर का हवाला एनसीआर प्रयागराज के अप्रेंटिस अभ्यर्थी अभिषेक पांडे ने 2016 के रेलवे बोर्ड सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन का आधार न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स होता है। उनका आरोप है कि RRB इस सर्कुलर का पालन नहीं कर रहे, जबकि अदर जोन ने इसी आधार पर कट-ऑफ तैयार की। CEN 08/2024 के आधिकारिक नोटिफिकेशन में भी कहा गया है कि रेलवे प्रतिष्ठानों में प्रशिक्षित CCAA के लिए रिक्तियां PwBD और पूर्व सैनिकों की तरह हॉरिजॉन्टल आरक्षण के रूप में होंगी; हालांकि, PwBD से भिन्न रूप से इसमें रिक्त सीटों का कैरी-फॉरवर्ड नहीं होगा। अभ्यर्थी जैद ने आरोप लगाया कि RRB की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना हो रही है। उन्होंने कहा कि 2019 और 2024 के परिणाम घोषित करने के तरीके में बदलाव से पारदर्शिता कम हुई है और अभ्यर्थियों का रेलवे प्रशासन पर अविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि प्रभावित अभ्यर्थियों ने रेल मंत्रालय में पत्र भी दिया है। छात्रों की प्रमुख मांगें
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