पशुपालक ध्यान दें, हरा चारा खिलाने से पहले कराएं डिवर्मिंग, नहीं तो गिरेगा दूध, साल में 2 बार है जरूरी
Attention livestock farmers: हमारे देश में खेती के साथ-साथ पशुपालन ग्रामीण आजीविका का बड़ा स्रोत रहा है. आधुनिक समय में पशुपालन करने का तौर तरीका बदला है. अब पशुपालन को बड़े स्तर पर किया जाने लगा है. ऐसे में मोटी पूंजी लगाने से किसान मोटी कमाई करना चाहते हैं. हालांकि कई बार जानकारी के अभाव में या लापरवाही से उनको नुकसान का सामना करना पड़ जाता है. प

Attention livestock farmers: हमारे देश में खेती के साथ-साथ पशुपालन ग्रामीण आजीविका का बड़ा स्रोत रहा है. आधुनिक समय में पशुपालन करने का तौर तरीका बदला है. अब पशुपालन को बड़े स्तर पर किया जाने लगा है. ऐसे में मोटी पूंजी लगाने से किसान मोटी कमाई करना चाहते हैं. हालांकि कई बार जानकारी के अभाव में या लापरवाही से उनको नुकसान का सामना करना पड़ जाता है. पशुपालन करते समय कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी है. किसान जानवरों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्हें चराने ले जाते हैं जहां गाय-भैंस हरा चारा चरते हैं. ये हरा चारा पशुओं की सेहत के लिए फायदेमंद तो होता है लेकिन, कई बार यह हरा चारा उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक भी होता है.
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