27 अक्टूबर 2026, 5:12 PM
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फर्रुखाबाद में रोक के बावजूद जलाई जा रही पराली:मोहम्मदाबाद में कई बीघे में किसानों ने जलाई, डॉक्टर बोले- सांस रोगियों को बढ़ेगा खतरा

फर्रुखाबाद में किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। बीते दिनों किसान दिवस पर भी उनसे अपील की गई थी। इसके बावजूद खेतों में पराली जलाने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। मंगलवार को मोहम्मदाबाद ब्लॉक के मुरहास गांव में किसान खेतों में ही पराली जलाते दिखे। चिकित्सकों का कहना है कि पराली जलने से प्रदूषण होता है। यह

फर्रुखाबाद में रोक के बावजूद जलाई जा रही पराली:मोहम्मदाबाद में कई बीघे में किसानों ने जलाई, डॉक्टर बोले- सांस रोगियों को बढ़ेगा खतरा
स्रोत: dainik bhasker category
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फर्रुखाबाद में किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। बीते दिनों किसान दिवस पर भी उनसे अपील की गई थी। इसके बावजूद खेतों में पराली जलाने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। मंगलवार को मोहम्मदाबाद ब्लॉक के मुरहास गांव में किसान खेतों में ही पराली जलाते दिखे। चिकित्सकों का कहना है कि पराली जलने से प्रदूषण होता है। यह सांस के मरीजों और बुजुर्गों के लिए परेशानी पैदा करता है। पराली जलाने पर रोक है इसके लिए किसानों को जागरुक भी किया जा रहा है। खेतों में पराली न जले जाए लेकिन फर्रुखाबाद में रोक के बावजूद भी पराली जलाने का सिलसिला जारी है। हालांकि कृषि विभाग को ऐसे किसानों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। मंगलवार को मोहम्मदाबाद ब्लाक क्षेत्र के अंतर्गत कई खेतों में पराली जलाई गई। बताया गया पराली से निकलने वाला धुआं हवा को खराब करता है, जिससे लोगों को सांस संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता के साथ निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके। सांस रोगियों के लिए खतरा लोहिया अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर अभय श्रीवास्तव ने बताया जिनका पहले से सांस की बीमारी है या फेफड़ों की बीमारी है। जिसको कभी टीवी हुई है या दमा की बीमारी है उनके लिए यह बहुत ज्यादा हानिकारक है। किसानों को खेतों में पराली नहीं जलाना चाहिए जो लोग बीमारी से ग्रसित हैं उनको इससे बचाव खासकर रखना चाहिए मास्क लगाकर रहना चाहिए। जिससे जहरीला धुआं अंदर न जा सके और श्वांस नली को प्रभावित न कर सके। पर्यावरण विद् ज्ञानेंद्र रावत ने बताया पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से सटे कई राज्यों में पराली जलाए जाने का असर वायु गुणवत्ता पर दिखाई पड़ता है। उन्होंने कहा पराली जलेगी तो प्रदूषण होगा। सरकार विकल्प पेश करने में नाकाम रही है। इसी स्थिति में जनमानस क्या करेगा जनमानस जहरीली हवा में रहने को मजबूर है।
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यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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