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बलिया में NDPS एक्ट के दोषी को सजा:कोर्ट ने 1 साल 3 महीने की जेल और 10 हजार जुर्माना लगाया; न देने पर 15 दिन अतिरिक्त जेल

बलिया की विशेष अदालत ने NDPS एक्ट से जुड़े करीब 11 साल पुराने मामले में आरोपी पिन्टू बांसफोर को दोषी मानते हुए 1 साल 3 महीने की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं जमा करने पर आरोपी को 15 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। यह फैसला 22 सितंबर को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक,

बलिया में NDPS एक्ट के दोषी को सजा:कोर्ट ने 1 साल 3 महीने की जेल और 10 हजार जुर्माना लगाया; न देने पर 15 दिन अतिरिक्त जेल
स्रोत: Dainik Bhaskar Uttar Pradesh
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बलिया की विशेष अदालत ने NDPS एक्ट से जुड़े करीब 11 साल पुराने मामले में आरोपी पिन्टू बांसफोर को दोषी मानते हुए 1 साल 3 महीने की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं जमा करने पर आरोपी को 15 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। यह फैसला 22 सितंबर को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, लखनऊ की ओर से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत आया। मामले में बलिया पुलिस के मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की पैरवी को अहम माना गया है। 2015 में 90 ग्राम नशीला पाउडर हुआ था बरामद मामला 4 सितंबर 2015 का है। रसड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने पिन्टू बांसफोर को 90 ग्राम नशीले पाउडर के साथ पकड़ा था। पिन्टू बांसफोर पुत्र कैलाश बासफोर, गांधी मार्ग रसड़ा, बलिया का निवासी है। बरामदगी के बाद रसड़ा थाने में NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इसके बाद मामला विशेष न्यायालय में चला। धारा 8/20 NDPS एक्ट में दोषी करार मामले की सुनवाई बलिया के विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट नंबर-04 की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की पैरवी के आधार पर कोर्ट ने पिन्टू बांसफोर को धारा 8/20 NDPS एक्ट के तहत दोषी माना। अभियोजन अधिकारी की पैरवी से आया फैसला 22 सितंबर को मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की पैरवी के बाद अदालत ने आरोपी को 1 साल 3 महीने की कड़ी कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस मामले में अभियोजन अधिकारी ADGC कुंज बिहारी गुप्ता रहे। पुलिस के मुताबिक, ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत पुराने मामलों में प्रभावी पैरवी और लगातार मॉनिटरिंग के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई की जा रही है।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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