बिहार के भागलपुर जिले के राघोपुर में गंगा नदी का कटाव लगातार तबाही मचा रहा है. जलस्तर घटने के बावजूद नदी की तेज धारा से घरों के उजड़ने का सिलसिला थम नहीं रहा है. छोटी अलालपुर में दो मंजिला मकान समेत कई घर गंगा में समा गए. इससे पहले करीब 125 साल पुराना रेल लाइन तटबंध भी टूट चुका है. अब गंगा का दबाव 14 नंबर सड़क पर बढ़ने से हजारों लोगों के आवागमन पर संकट मंडरा रहा है. हालात को देखते हुए कटाव प्रभावित परिवारों में दहशत है.
राघोपुर पंचायत के छोटी अलालपुर में गंगा का कटाव लोगों के आशियाने निगल रहा है. वर्षों की मेहनत और जीवनभर की कमाई से बनाए गए मकान देखते ही देखते नदी में समा रहे हैं. मकानों के नदी में विलीन होने का वीडियो भी सामने आया है.
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125 साल पुराना तटबंध भी नहीं बचा
पहले मार्जिनल बांध और पुरानी रेल लाइन तटबंध का करीब 300 से 400 मीटर हिस्सा ध्वस्त हुआ था. अब गंगा का दबाव 125 साल पुराने रेल लाइन तटबंध पर बढ़ गया. उसे बचाने के लिए बालू भरी बोरियां डालने और करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए गए, लेकिन तटबंध का हिस्सा भी टूट गया. इसके बाद आसपास के मकानों पर खतरा और बढ़ गया.
14 नंबर सड़क पर मंडराया खतरा, अलर्ट रहने की जरूरत
अब गंगा का दबाव 14 नंबर सड़क पर बढ़ रहा है. यह सड़क लत्तीपुर से विक्रमशिला पहुंच पथ को जोड़ती है और हजारों लोगों के लिए आवागमन का अहम रास्ता है. कई जगह दरारें आने की बात सामने आई है. जल संसाधन विभाग बालू भरी बोरियां डालकर सड़क बचाने में जुटा है. सड़क क्षतिग्रस्त होने पर इलाके में आवाजाही प्रभावित हो सकती है.
मंत्रियों के दावों पर सवाल, विपक्ष ने मांगा इस्तीफा
बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने भरोसा जताया है कि सरकार सड़क को बचाने के लिए प्रयास कर रही है. वहीं, कांग्रेस नेता अजीत शर्मा और वीआईपी नेत्री अपर्णा कुमारी ने तटबंध टूटने पर सरकार को घेरा और मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की. कटाव निरोधी कार्यों पर खर्च और उनकी प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठे हैं. फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती घरों को बचाने और 14 नंबर सड़क को सुरक्षित रखने की है.
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