बिहार में तीन अपराधियों के एनकाउंटर के बाद सियासत तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार (7 नवंबर 2026) को सम्राट चौधरी सरकार की एनकाउंटर नीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार और पुलिस को घेरा. इसके जवाब में जेडीयू और बीजेपी के नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया है. एनडीए नेताओं ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, 'अपनी जान की जिम्मेवार जनता खुद होगी.. CM लगवा दें हर जगह बोर्ड.' उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस आम लोगों के घरों में घुसकर गोली मार रही है, जबकि अपराधी पुलिसकर्मियों को गोली मार रहे हैं. तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अपराध और पुलिस कार्रवाई के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जाति विशेष के लोगों का एनकाउंटर किया जा रहा है. उन्होंने सरकार पर अपराध नियंत्रण में नाकाम रहने का आरोप भी लगाया.
यह भी पढ़ें- राजगीर घूमने वालों के लिए खुशखबरी, 5 साल के बच्चों को भी एंट्री; जानें टिकट और खासियत
श्याम रजक बोले- अपराधी की कोई जाति नहीं होती
तेजस्वी के आरोपों पर जेडीयू नेता श्याम रजक ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती. अपराधी सिर्फ अपराधी होता है. रजक ने कहा कि 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद अपराध और भ्रष्टाचार पर समझौता नहीं करने का फैसला लिया गया था. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इसी नीति पर चल रहे हैं. पुलिस या आम नागरिकों पर हमला करने वाले अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर से भी पीछे नहीं हटना चाहिए.
“अपनी जान की जिम्मेवार जनता खुद होगी.. CM लगवा दें हर जगह बोर्ड” बिहार पुलिस आम लोगों को घर में घुसकर गोली मार रही है और बिहार पुलिस को अपराधी गोली मार रहे है। हत्या आरोपी अपराधी प्रवृति के मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार में भयावह हालात। जब अपराधी पुलिस और अपराधी मुख्यमंत्री बेलगाम अपराध पर घिरते है तो ध्यान भटकाने के लिए जाति विशेष के लोगों का एनकाउंटर करते है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 7, 2026
रामकृपाल और प्रमोद चंद्रवंशी ने भी किया बचाव
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि अपराध पर नियंत्रण सरकार की पहली प्राथमिकता है. अपराधियों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हुई है और आगे भी होगी. उन्होंने कहा कि कानून को चुनौती देने वालों पर पुलिस कार्रवाई करेगी. वहीं, मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने जाति के आधार पर एनकाउंटर का आंकड़ा रखने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी यह आकलन नहीं किया है कि किस जाति के कितने अपराधी मारे गए.
#WATCH पटना, बिहार: JDU नेता श्याम रजक ने कहा, "अपराधी की कोई जाति नहीं होती। अपराधी बस एक अपराधी होता है। 2005 में जब हमारी सरकार सत्ता में आई, जिसका नेतृत्व उस समय के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे थे, तब यह साफ कर दिया गया था कि अपराध या भ्रष्टाचार के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा...हमारे मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इसी रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने भी अपराधियों के साथ कोई समझौता न करने का ठाना है...अगर कोई अपराधी हमारी पुलिस फोर्स या हमारे नागरिकों पर हमला करता है, तो हम एनकाउंटर करने में बिल्कुल नहीं हिचकिचाएंगे, हम ऐसा ज़रूर करेंगे..."
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 7, 2026
मनेर एनकाउंटर के बाद अस्पताल में हुआ था हंगामा
दरअसल, शुक्रवार (6 नवंबर) की सुबह करीब तीन बजे पटना के मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा घाट के पास पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम की मुठभेड़ हुई थी. इसमें जेपी यादव, सूरज कुमार उर्फ राजा शर्मा और बबलू कुमार मारे गए. पुलिस का दावा है कि अपराधियों ने पहले गोली चलाई थी. जवाबी कार्रवाई में तीनों घायल हुए और अस्पताल में उनकी मौत हो गई. मुठभेड़ में मनेर थानाध्यक्ष भी घायल हुए थे.
वहीं तीनों के परिजनों ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए दानापुर अनुमंडल अस्पताल में हंगामा किया था. उन्होंने पुलिस पर साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया. इसके बाद राजद सांसद मीसा भारती भी परिजनों से मिलने पहुंचीं. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर एक खास समुदाय के लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. हालांकि, पुलिस ने मुठभेड़ को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है.
इस घटना के बाद बिहार में एनकाउंटर और कानून-व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं. एक ओर विपक्ष पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर एनडीए नेता अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें- बिहार विधान परिषद में नौकरी पर लटकी तलवार, 43 कर्मियों की होगी जांच

