बिहार के 10 जिलों में सरकारी शिक्षकों के वेतन भुगतान के दौरान सरकारी राशि की अवैध निकासी के मामलों की जांच जारी है. शिक्षा विभाग ने एचआरएमएस (HRMS) प्रणाली के जरिए हुए संदिग्ध भुगतानों से जुड़े कुल 3644 मामले चिह्नित किए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 783 मामले गोपालगंज जिले के हैं. विभाग ने सभी मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तय करने का निर्देश दिया है.
शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय ने 5 नवंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया है. जांच रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख 15 नवंबर 2026 तय की गई है.
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तीन सदस्यीय समिति करेगी मामलों की जांच
विभाग ने जांच के लिए प्रमंडल स्तर पर तीन सदस्यीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है. संबंधित क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDD) इस समिति की निगरानी करेंगे. हर मामले की अलग-अलग और गहराई से जांच की जाएगी. समिति को प्रत्येक मामले की बिंदुवार समीक्षा करनी होगी. इसके बाद स्पष्ट और टाइप किया हुआ रिपोर्ट तैयार करनी होगी.
मेकर, चेकर और अप्रूवर की तय होगी जवाबदेही
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संदिग्ध भुगतान की प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका थी. विभाग ने मेकर, चेकर और अप्रूवर की पहचान अनिवार्य कर दी है. मेकर वह कर्मचारी होता है, जो भुगतान का प्रस्ताव तैयार करता है. चेकर उसकी जांच और सत्यापन करता है. वहीं, अप्रूवर भुगतान को मंजूरी देता है. जांच रिपोर्ट में इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम और पदनाम दर्ज करने होंगे. इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस स्तर पर गड़बड़ी हुई.
10 जिलों में गोपालगंज सबसे आगे
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गोपालगंज में 783 मामले चिह्नित हुए हैं. गया में 628, पश्चिम चंपारण के बेतिया में 551 और पटना में 312 मामले हैं. इसके अलावा बक्सर में 260, रोहतास में 247, मुजफ्फरपुर में 238, पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में 214, औरंगाबाद में 210 और कैमूर में 201 मामले सामने आए हैं.
अधिसूचना के आधार पर तय होगी जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग ने कहा है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशासनिक व वित्तीय जवाबदेही 23 जून 2011 की विभागीय अधिसूचना के आधार पर तय होगी. इसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समेत दूसरे अधिकारियों के अधिकार और जिम्मेदारियां निर्धारित हैं. विभाग ने सभी आरडीडी को 15 नवंबर तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. इस जांच से संदिग्ध वेतन भुगतान में जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सकेगी.
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