2 अक्टूबर 2026, 9:21 AM
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भारत से 1100 मेगावॉट बिजली खरीदेगा नेपाल, पैदा हुआ बिजली का संकट

कुछ दिन पहले ही नेपाल में बाढ़ के कारण सबकुछ तहस- नहस हो गया था. ऐसी स्थित में भारत ने अपने पड़ोसी होने का फर्ज हमेशा से ही निभाया है. अब हाल ही में एक बार फिर से भारत नेपाल की मदद के लिए आगे आया है. आने वाले सर्दी और गर्मी के मौसम में भारत से नेपाल को बिजली भेजी जाएगी. हालांकि ये बिजली मुफ्त नहीं भेज

भारत से 1100 मेगावॉट बिजली खरीदेगा नेपाल, पैदा हुआ बिजली का संकट
स्रोत: abp news world
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कुछ दिन पहले ही नेपाल में बाढ़ के कारण सबकुछ तहस- नहस हो गया था. ऐसी स्थित में भारत ने अपने पड़ोसी होने का फर्ज हमेशा से ही निभाया है. अब हाल ही में एक बार फिर से भारत नेपाल की मदद के लिए आगे आया है. आने वाले सर्दी और गर्मी के मौसम में भारत से नेपाल को बिजली भेजी जाएगी. हालांकि ये बिजली मुफ्त नहीं भेजी जा रही है बल्कि नेपाल इसे भारत से खरीद रहा है.

दरअसल बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल में भारी तबाही मची थी. जिसके बाद अब नेपाल, भारत से 1100 मेगावाट तक बिजली खरीदने की तैयारी कर रहा है. क्योंकि भारी बारिश और तबाही के कारण देश में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता कम हो गई है.

NEA के प्रवक्ता ने बताया
इस बारे में बात करते हुए नेपाल के बिजली प्राधिकरण (NEA) के प्रवक्ता राजन ढकाल ने बताया है कि, दिसंबर 2026 से मई 2027 तक बिजली की जरूरत ज्यादा रहेगी. खासकर फरवरी से मई के बीच बिजली की मांग सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है. नेपाल में फिलहाल करीब 3740 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता चालू है. लेकिन हाल की प्राकृतिक आपदाओं से करीब 640 मेगावाट क्षमता प्रभावित हुई है.

बाढ़ से पहुंचा नुकसान
26 अगस्त को भोतेकोशी इलाके में आई अचानक बाढ़ से कई बिजली परियोजनाओं और बिजली से जुड़े ढांचे को नुकसान पहुंचा था. इससे करीब 450 मेगावाट उत्पादन क्षमता बंद हो गई. इसके बाद 24 से 27 सितंबर के बीच हुई भारी बारिश से 190 मेगावाट की कालीगंडकी हाइड्रोपावर परियोजना भी प्रभावित हुई.

NEA के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित कुछ परियोजनाओं में मरम्मत का काम चल रहा है. इनमें से करीब 160 मेगावाट बिजली उत्पादन फरवरी तक फिर शुरू होने की उम्मीद है. वहीं, 190 मेगावाट वाली कालीगंडकी परियोजना के भी अगले कुछ महीनों में चालू होने की उम्मीद है.

भारत में निर्यात हो रही बिजली
खास बात ये है कि बिजली की कमी के बाद भी नेपाल अभी भारत को 600 से 700 मेगावाट बिजली निर्यात कर रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि मानसून के दौरान नेपाल के जलविद्युत प्रोजेक्ट्स में पानी ज्यादा होने से उत्पादन बढ़ जाता है. नेपाल मानसून में ज्यादा बिजली भारत को बेचता है और सूखे मौसम में जब घरेलू उत्पादन घट जाता है, तब भारत से बिजली खरीदता है. भारत और नेपाल के बीच पिछले कुछ वर्षों में बिजली के इस सीमा-पार कारोबार में लगातार बढ़ोतरी हुई है.

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यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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