यूपी की टायर फैक्ट्री में आग, 2 मजदूर जिंदा जले:30 फीट ऊंचे टैंक से नीचे गिरे; तेल की लोडिंग के वक्त हादसा, 2 किमी दूर तक दिखीं लपटें
कानपुर देहात की टायर फैक्ट्री में सोमवार शाम ऑयल टैंक में लोडिंग के दौरान अचानक भीषण आग लग गई। चपेट में आकर 2 मजदूर जिंदा जल गए। वे जलते हुए करीब 30 फीट ऊंचे टैंक से नीचे आकर गिरे। जबकि चार मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। हादसा शाम करीब 5 बजे का है। उस वक्त फैक्ट्री में छह मजदूर काम कर रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि लपटें और धुएं

कानपुर देहात की टायर फैक्ट्री में सोमवार शाम ऑयल टैंक में लोडिंग के दौरान अचानक भीषण आग लग गई। चपेट में आकर 2 मजदूर जिंदा जल गए। वे जलते हुए करीब 30 फीट ऊंचे टैंक से नीचे आकर गिरे। जबकि चार मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। हादसा शाम करीब 5 बजे का है। उस वक्त फैक्ट्री में छह मजदूर काम कर रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि लपटें और धुएं का गुबार करीब दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दमकल की कई गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। अग्निकांड के बाद मजदूर और टैंकर ड्राइवर भाग निकले थे। फैक्ट्री मालिक से थाने में पूछताछ की गई। मामला जिला मुख्यालय से 44 किमी दूर गजनेर थाना क्षेत्र के जरिहा गांव का है। 3 तस्वीरें देखिए… अब विस्तार से पढ़िए… जरिहा गांव के बाहर करीब एक किमी की दूरी पर ओम जेवी आरडी टायर फैक्ट्री है, जो 5 साल पुरानी है। इस फैक्ट्री के मालिक रमेश चंद्र गुप्ता हैं। वे कानपुर नगर जिले के रहने वाले हैं। फैक्ट्री में पुराने टायरों को 200°C से 400°C पर गर्म करके उससे पायरोलिसिस तेल बनाया जाता है। टायरों को गलाने के लिए फैक्ट्री में 30 फीट ऊंचे और करीब 15 फीट चौड़े टैंक बने हैं। लोगों के मुताबिक, यहां नियमित रूप से 10 से 12 मजदूर काम करते हैं। रविवार शाम करीब 5 बजे 6 मजदूर टैंक में टायर लोड कर रहे थे। अचानक टैंक में भीषण आग लग गई। घटना के समय दो मजदूर टैंक पर चढ़े हुए थे। आग लगने के बाद वो ऊपर ही फंस गए। देखते ही देखते दोनों मजदूर लपटों में घिर गए और जलते हुए टैंक से जमीन पर गिर पड़े। यह देख बाकी मजदूर और टैंकर ड्राइवर वहां से भाग निकले। तब तक आग और तेज हो चुकी थी। लपटें टैंक के ऊपरी हिस्से से बाहर निकलकर हवा में करीब 10 फीट ऊपर उठ रही थीं। करीब 2 किलोमीटर दूर तक काले धुएं का गुबार दिखाई दिया। दो थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची घटना की सूचना मिलते ही माती और भोगनीपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव भी दमकल की 4 गाड़ियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। आग पर पानी डालना शुरू किया, लेकिन तेल की आग के चलते वो काबू नहीं हो रही थी। कानपुर नगर से भी दो गाड़ियां मंगाई गईं। इसके बाद एक फोम की गाड़ी मौके पर पहुंची और उसे आग पर डाला गया। करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। फैक्ट्री मालिक बोला- बीड़ी से भड़की आग घटना के बाद फैक्ट्री मालिक रमेश चंद्र गुप्ता थाने पहुंचे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। रमेश चंद्र ने बताया- मजदूर पहले बीड़ी लेकर अंदर आते जाते थे। इससे पहले भी मजदूरों को बीड़ी ले जाते पकड़ा था। स्टोरेज के अंदर गैस भरी रहती है। आज भी वह बीड़ी लेकर अंदर गए। इसी वजह से यह घटना हुई है। पानी की बौछार मारकर टैंक को ठंडा किया एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडे, एएसपी आलोक प्रसाद और सीओ संजय सिंह भी मौके पर पहुंचे। एसपी ने लोगों से घटना की जानकारी ली। एसपी श्रद्धा ने बताया, फैक्ट्री में आग लगने की शाम 6 बजे सूचना मिली थी। आग पर काबू पा लिया गया है। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई है। उनकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। फैक्ट्री में स्थिति सामान्य है। पानी की बौछारों से टैंक को ठंडा किया किया गया है। …………………… ये खबर भी पढ़िए करोड़पति बहू बोली- मैं कोर्ट को सच बताना चाहती हूं:कहा- मैंने विशाल को चाबी नहीं दी, पुलिस कस्टडी रिमांड के विरोध में अर्जी दी कानपुर में ससुर की हत्यारोपी करोड़पति बहू शालू ने पुलिस कस्टडी रिमांड के विरोध में कोर्ट में अर्जी दी है। इसमें शालू ने कहा कि विवेचक ने मेरी रिमांड के लिए जो आधार बताया है। वह गलत है। मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। ऐसे में मैं कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराना चाहती हूं। ताकि सच सामने आ सके। पढ़िए पूरी खबर
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