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'यहां से चले चाओ...', इंग्लैंड में एक ग्रुप ने भारतीय छात्रों के साथ की अभद्रता

यूके में विजिलेंट बताने वाले एक ग्रुप की जमकर आलोचना हो रही है. इस ग्रुप ने एक पब्लिक पार्क में भारतीय छात्रों को धमकाते हुए, वापस अपने घर जाने को कहा है, साथ ही चेतावनी दी है कि वो इधर न आए. यह ग्रुप अपने आपको स्वयंभू मानता है. मेट्रो की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ग्रुप का नाम चेल्म्सली वुड पैट्

'यहां से चले चाओ...', इंग्लैंड में एक ग्रुप ने भारतीय छात्रों के साथ की अभद्रता
स्रोत: abp news world
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यूके में विजिलेंट बताने वाले एक ग्रुप की जमकर आलोचना हो रही है. इस ग्रुप ने एक पब्लिक पार्क में भारतीय छात्रों को धमकाते हुए, वापस अपने घर जाने को कहा है, साथ ही चेतावनी दी है कि वो इधर न आए. यह ग्रुप अपने आपको स्वयंभू मानता है. मेट्रो की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ग्रुप का नाम चेल्म्सली वुड पैट्रियट्स है. इसने रात में वेस्ट मिडलैंड्स के मेरिडेन पार्क में गश्त की थी. 

उनका दावा है कि महिलाओं और बच्चों सुरक्षा देने के लिए ऐसा किया गया. अब स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वे लोगों को उनके बैकग्राउंड यानी जाति देखकर निशाना बना रहे थे. इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे बाद में हटा दिया गया है, लेकिन अब वह वायरल हो गया है. इसमें ग्रुप के सदस्य भारतीय छात्रों से इंग्लैंड में उनकी मौजूदगी पर सवाल उठा रहे हैं. हाल ही में ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिसमें कुछ ब्रिटिश लोग मार्च और नारेबाजी करते हुए देखे गए हैं. वह व्हाइट मैन फाइट बैक के नारे लगाते देखे गए हैं. 

🚨BREAKING: White Vanguard, a neo-Nazi outfit, marched through Nuneaton today chanting: “WHITE MEN FIGHT BACK” Recently they claimed their whites-only membership has exploded across Britain. What do you think about this? https://t.co/4jGnNu0gCM

— EAGLE LEAKS (@EAGLELEAK1) October 14, 2026

शख्स भारतीयों से पूछ रहा- इंग्लैंड क्यों आए हो?

वीडियो में एक शख्स पूछ रहा कि तुम इंग्लैंड क्यों आए हो? इसमें छात्र कहते हैं कि वह बर्मिंघम में रहते हैं. आज ही इस इलाके में आए हैं. एक ने बताया कि वह इंग्लैंड से मास्टर्स डिग्री कर रहे हैं. इसके बाद ने एक अन्य सदस्य ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि तुम्हें बच्चों वाले पार्क में नहीं आना चाहिए. यहां दोबारा मत आना. फिर कभी दिखाई मत देना. यह तुम्हारी आखिरी चेतावनी है. 

वहीं स्थानीय पूर्व पार्षद और कम्युनिटी एक्टिविस्ट शेष शेषाभट्टर ने बर्मिंघम लाइव को कहा है कि छात्रों ने कुछ गलत नहीं किया था. उन्हें बाहर मिलने-जुलने और टहलने का पूरा अधिकार है. उनकी स्किन के रंग के अलावा, मुझे उनके निशाना बनाए जाने के कोई और कारण नहीं दिखता.

स्थानीय पुलिस ने क्या दी जानकारी?

पुलिस ने कहा है कि इस ग्रुप से जुड़ी हरकत की जानकारी है. इस मामले में उचित कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने अपील की है कि अगर उन्हें कोई चिंता है, तो वे उनकी वेबसाइट के जरिए या 101 नंबर पर कॉल कर संपर्क कर सकते हैं. साथ ही इमरजेंसी में 999 पर कॉल कर सकते हैं.

समाचार स्रोत

यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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