राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद सियासत गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनाव में सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग को लेकर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. गहलोत ने कहा कि चुनाव में सत्ता और प्रशासनिक मशीनरी का जमकर इस्तेमाल किया गया. उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि कथित गड़बड़ियों के विरोध में एक दिन राजस्थान बंद कराया जाना चाहिए.
वहीं, गहलोत के आरोपों पर बीजेपी नेता और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने पलटवार किया है. उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल की घटनाओं का हवाला देते हुए गहलोत को उनका पुराना राज याद दिलाया.
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अशोक गहलोत ने निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में सरकार ने सत्ता और सरकारी मशीनरी का जमकर दुरुपयोग किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से चुनाव में वोटों की कथित लूट-खसोट हुई, उसके खिलाफ विपक्षी दलों को आवाज उठानी चाहिए.
गहलोत ने कहा कि इंडिया गठबंधन समेत सभी विपक्षी पार्टियों को राजस्थान बंद का आह्वान करना चाहिए. उन्होंने व्यापारी वर्ग से भी इस बंद में शामिल होने की अपील की.
गहलोत के मुताबिक कम से कम एक दिन प्रदेश बंद रखकर सरकार को यह संदेश दिया जाना चाहिए कि कथित बेईमानी और गड़बड़ी से कराए गए चुनाव को लेकर जनता खुश नहीं है.
गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा पर भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने चुनाव नतीजों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ऐसे नतीजों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उनकी सरकार और बीजेपी पर ‘लानत’ है. गहलोत ने कहा कि वह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अच्छा इंसान समझते थे, लेकिन उनके मुताबिक सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाकर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया.
पुलिस और अफसरों के इस्तेमाल का लगाया आरोप
गहलोत ने निकाय चुनाव में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पुलिस का इस्तेमाल किया गया और आईएएस-आईपीएस अधिकारियों ने बीजेपी के पक्ष में काम किया.
उनका कहना है कि इससे अधिकारियों की साख के साथ-साथ राजस्थान की छवि भी प्रभावित हुई है. गहलोत ने चुनाव में कथित मनमानी की तुलना पश्चिम बंगाल से भी की. इससे पहले भी वह निकाय चुनाव में प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग और पार्षदों पर दबाव बनाने जैसे आरोप लगा चुके हैं.
गहलोत अपना राज भूल गए- अरुण चतुर्वेदी
गहलोत के आरोपों पर बीजेपी नेता और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत खुद अपने और कांग्रेस के शासनकाल को भूल गए हैं.
चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि गहलोत के मुख्यमंत्री रहते बीजेपी के पार्षदों को भीड़ में से उठा लिया जाता था. उन्होंने गहलोत के शासनकाल में कांग्रेस विधायकों की बाड़ेबंदी का भी जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोकतंत्र को कमजोर करने का काम किया.
उन्होंने कहा कि देश में चुनी हुई सरकारों को कई बार बर्खास्त किया गया और ऐसे में गहलोत के मौजूदा आरोप उन्हें ‘900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’ वाली कहावत की याद दिलाते हैं.
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निकाय चुनाव के बाद बढ़ा सियासी टकराव
नगर निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. गहलोत के राजस्थान बंद के आह्वान और बीजेपी के पलटवार के बाद अब प्रदेश की सियासत और गरमाने के आसार हैं. दोनों दलों के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है.
