3 अक्टूबर 2026, 12:48 PM
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रावलपिंडी मार्च से पहले इमरान खान के बेटे को सताया डर, बोले- 'पिता की जान को खतरा...'

27 सितंबर को पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग के सिलसिले में होने वाले प्रदर्शन को लेकर अब उनके बेटे कासिम खान ने तहरीक ए इंसाफ

रावलपिंडी मार्च से पहले इमरान खान के बेटे को सताया डर, बोले- 'पिता की जान को खतरा...'
स्रोत: abp news world
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27 सितंबर को पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग के सिलसिले में होने वाले प्रदर्शन को लेकर अब उनके बेटे कासिम खान ने तहरीक ए इंसाफ के सपोटर्स से अपील की है कि वे रावलपिंडी की अदियाला जेल की ओर मार्च न करें. साथ ही कहा है कि इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारी जेल पर जवाबी हमला का बहाना बना सकते हैं. इससे उनके पिता की जान का खतरा बढ़ जाएगा. साल 2023 में कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद से इमरान जेल में बंद हैं. 

कासिम ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है, 'मुझे लोगों से अपील करने को कहा गया है, कि वे 27 तारीख को अदियाला जेल के पास मार्च या विरोध प्रदर्शन न करें. उन्होंने आगे कहा है कि मुझे पता चला है कि इसका इस्तेमाल एस्टेब्लिशमेंट की तरफ से जेल पर जवाबी हमले के बहाने के तौर पर किया जा सकता है. इससे उनकी जान का खतरा हो सकता है. इसी जेल में मेरे पिता बंद हैं.'

पूरे पंजाब में सुरक्षा को कड़ा किया गया है

कासिम की यह अपील ऐसे वक्त आई है, जब पीटीआई के मार्च से पहले पूरे पंजाब सिक्योरिटी को कड़ा कर दिया गया है. पंजाब सरकार ने 23 सितंबर से 5 अक्टूबर तक पूरे प्रांत में धारा 144 लागू की है. इसके तहत सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है. अधिकारियों ने रावलपिंडी, अटक, झेलम और मियांवाली में पाकिस्तान रेंजर्स की तैनाती की भी मांग की है.

इसके अलावा सुरक्षा कारणों से इन पाबंदियों को लगाया गया है. यह एक प्रांतीय नोटिफिकेशन में उग्रवादी और आतंकवादी संगठनों और खुफिया एजेंसियों से सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को गंभीर खतरे का जिक्र किया है.

इमरान की तीनों बहनें हो चुकी अरेस्ट

यह विरोध प्रदर्शन इमरान की तीन बहनों को हिरासत के बीच हो रहा है. पिछले हफ्ते ही इमरान की एक बहन अलीमा खान को अरेस्ट किया. इसके बाद उजमा खान और नोरिन नियाजी को अरेस्ट किया. उन्होंने पंजाब में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े अध्यादेश के तहत 30 दिनों के लिए अरेस्ट किया गया है. गुरुवार को लाहौर हाईकोर्ट ने उजमा और नोरिन के खिलाफ हिरासत के आदेशों पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया है. इसके अलावा कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है. साथ ही मामले की आगे की सुनवाई करने से पहले जवाब भी मांगा है.

समाचार स्रोत

यह खबर abp news world से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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