जेडीयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. उन्होंने यह कहा है कि ऐसी प्रणाली लाई जाएगी, जिसमें बायोमेट्रिक और वोटर आईडी (EPIC) नंबर का इस्तेमाल करके लाभार्थियों को भुगतान किया जाएगा. उनके इस बयान को लेकर राहुल गांधी ने कई आरोप लगाए. अब ललन सिंह ने उन्हें जवाब दिया है. आधार और वोटर कार्ड को लेकर पूरी बात समझाते हुए उन पर हमला बोला है.
शुक्रवार (06 नवंबर, 2026) को ललन सिंह ने एक्स हैंडल से अपना वीडियो बयान जारी किया. कहा कि राहुल गांधी की व्याकुल आत्मा है. मैंने उनका ट्वीट देखा, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर, अपनी सुविधा के अनुसार बोलते हैं. इसमें उनको पीएचडी की डिग्री मिल सकती है.
पूरा तथ्य नहीं जानते हैं राहुल गांधी- ललन सिंह
ललन सिंह ने कहा, "सिर्फ आधार ही लाभुकों के भुगतान के लिए आवश्यक नहीं है. आधार के साथ बायोमेट्रिक और एपिक नंबर को जोड़ा गया है… पूरा तथ्य तो जानते नहीं हैं. यह मोदी जी की सरकार है. अगर किसी लाभार्थी को 100 रुपया मिलना है तो डीबीटी के माध्यम से 100 का 100 रुपया मिलता है."
राहुल गांधी जी को तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने में महारत हासिल है। सरकार ने यह तय किया है कि वास्तविक लाभार्थी तक सरकार का लाभ पहुंचे और कोई बिचौलिया उसका लाभ न ले सके। प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) का उद्देश्य प्रत्येक पात्र पंचायत प्रतिनिधि एवं पंचायत से जुड़े व्यक्ति तक आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन पहुँचाना है। इसके अंतर्गत EPIC नंबर तथा बायोमेट्रिक-आधारित आधार सत्यापन के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
— Rajiv Ranjan (Lalan) Singh (@LalanSingh_1) November 6, 2026
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "कांग्रेस के राज को याद कर लीजिए… आपके पिता प्रधानमंत्री थे… उन्होंने ही कहा था कि वो 100 रुपया भेजते हैं तो 90 रुपया बिचौलिया खा जाता है. आप हर चीज को एसआईआर के साथ जोड़ते हैं…"
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राहुल गांधी ने क्या कहा है?
शुक्रवार को राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल से ललन सिंह का वीडियो शेयर किया और लिखा, "मोदी सरकार के मंत्री का ऐलान- योजनाओं का लाभ अब आधार से नहीं, वोटर ID से तय होगा… साजिश बहुत गहरी है, इत्मीनान से समझिए. SIR के नाम पर करोड़ों नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं.. रोका नहीं गया तो और भी काटे जाएंगे. ज्यादातर नाम किनके? जो बीजेपी के खिलाफ आक्रोश में हैं..."
उन्होंने कहा, "वोटर लिस्ट एक निष्पक्ष चुनाव आयोग के हाथ में होनी चाहिए… मगर अब वो मोदी सरकार के कर्मचारी, ज्ञानेश कुमार के हाथ में है, जिसकी बीजेपी के साथ मिलीभगत में वोट चोरी हमने सबूत के साथ पकड़ी है. तैयारी है ऐसी लिस्ट बनाने की जिसमें बहुमत हमेशा बीजेपी का हो… और अब वही लिस्ट तय करेगी कि आपको योजना का पैसा मिलेगा या नहीं… कल जिसने भी ठाना कि बीजेपी को हटाना है, तो चुन-चुन कर सबका नाम काटा जाएगा. नाम कटा- वोट गया… वोट गया- हक गया." राहुल गांधी की ओर से लगाए गए इन्हीं सारे आरोपों के बाद ललन सिंह ने अब जवाब दिया है.
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