संत प्रेमानंद पर सवाल उठाने वाले फलाहारी बाबा कौन हैं?:सपा से भाजपा में आए, विराट-अनुष्का ने 5 करोड़ का सच बताया तो माफी मांगी
“विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा को 5 करोड़ देकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बुलाया गया था।” ये दावा करने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी बाबा अब पलट गए हैं। उन्हें माफी मांगनी पड़ी है। यह पहला मौका नहीं है, जब फलाहारी बाबा बैकफुट पर आए हों। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने

“विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा को 5 करोड़ देकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बुलाया गया था।” ये दावा करने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी बाबा अब पलट गए हैं। उन्हें माफी मांगनी पड़ी है। यह पहला मौका नहीं है, जब फलाहारी बाबा बैकफुट पर आए हों। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया तो श्रीकृष्ण जन्मस्थान में भी चढ़ावा चोरी का आरोप लगाया था। हालांकि जन्मस्थान से जुड़े पदाधिकारियों की आपत्ति के बाद उन्होंने अपना आरोप वापस ले लिया। कहा था- मेरे पास साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। करीब 45 साल के फलाहारी बाबा मथुरा के गोवर्धन के महमदपुर गांव में रहते हैं। वे 2014 तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे, फिर भाजपा में आए। आखिर फलाहारी बाबा नाम क्यों पड़ा, इससे पहले उनके कौन से बयान चर्चा में रहे? विस्तार से पढ़िए– फलाहारी बाबा से जुड़े प्रमुख विवाद और बयान 1– श्रीकृष्ण जन्मस्थान में चढ़ावा चोरी हो रही, सीएम को खून से लेटर लिखा 16 जून 2026 को फलाहारी बाबा ने CM योगी को खून से पत्र लिखा। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान के चढ़ावे की CBI जांच कराने की मांग की। आरोप लगाया कि मंदिर में कई साल से चांदी की चोरी हो रही है। दानपात्र खोलते समय CCTV कैमरे बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद रुपए, सोना-चांदी, हीरे और गहनों का बंदरबांट होता है। उन्होंने मंदिर से जुड़े लोगों की संपत्ति बढ़ने का भी दावा किया। चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई, तो इलाहाबाद हाईकोर्ट जाएंगे। बाबा पीछे हटे, बोले- मेरे पास सबूत नहीं : आरोपों के बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने फलाहारी बाबा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसके बाद बाबा ने अपने आरोप वापस ले लिए। उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी के पर्याप्त सबूत उनके पास नहीं हैं। एक पुजारी ने उन्हें चोरी की जानकारी दी थी। 2– ‘प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बिल्डर लॉबी की घुसपैठ’ अक्टूबर 2026 में फलाहारी बाबा ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम श्रीहित राधा केलिकुंज पर गंभीर आरोप लगाए। दावा किया कि आश्रम में बिल्डर लॉबी की घुसपैठ हो गई है। राजस्थान की एक PR कंपनी के लोग संत बनकर वहां रह रहे हैं। उन्होंने प्रेमानंद महाराज से आश्रम छोड़कर गोवर्धन में गिरिराज जी के पास रहने की अपील भी की। बाबा ने वृंदावन में हाल में हुई घटनाओं की CBI जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि आश्रम के भीतर क्या चल रहा है, यह जांच एजेंसियां ही बता सकती हैं। आम लोगों और छोटे अधिकारियों को वहां जाने की अनुमति नहीं है। उनके मुताबिक, बड़ी जांच होने पर ही सच्चाई सामने आ सकेगी। 3– ‘आपकी टीम में साधु भेष में बड़े-बड़े माफिया घुसे’ 5 अक्टूबर को फलाहारी बाबा ने संत प्रेमानंद महाराज को चिट्ठी लिखी। दावा किया कि उनकी टीम में साधु के भेष में भू-माफिया घुस आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग यमुना के डूब क्षेत्र की जमीनें बेच रहे हैं। उन्होंने बच्चों की किडनी चोरी जैसे अपराधों में भी शामिल होने का दावा किया। बाबा ने मामले की CBI जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि सरकार को प्रेमानंद महाराज को Z+ सुरक्षा देनी चाहिए। 4– 5 करोड़ रुपए देकर कोहली को प्रेमानंद आश्रम बुलाया गया 5 अक्टूबर को प्रेमानंद महाराज को लिखे पत्र में फलाहारी बाबा ने एक और दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संत की टीम के एक साधु गुट ने विराट कोहली को 5 करोड़ रुपए दिए। दावा किया कि यह रकम उन्हें महाराज के दरबार में दर्शन के लिए बुलाने के मकसद से दी गई, ताकि प्रेमानंद महाराज को सेलिब्रिटी बनाया जा सके। 5– संतों ने बहिष्कार किया तो फलाहारी बाबा ने माफी मांगी 7 अक्टूबर को विराट कोहली ने 5 करोड़ रुपए लेकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के आरोपों को खारिज कर दिया। उनके प्रवक्ता ने बयान जारी कर आरोपों को झूठा, निराधार और तथ्यहीन बताया। कहा कि कोहली आश्रम में सिर्फ श्रद्धा और सम्मान के कारण दर्शन करने जाते हैं। इसके बाद मथुरा के संतों ने बैठक की। इसमें फलाहारी बाबा के बहिष्कार की योजना बनाई गई। अगले दिन, 8 अक्टूबर को बाबा ने माफी मांग ली। उन्होंने कहा, “मैंने आज तक प्रेमानंद महाराज के लिए एक शब्द नहीं बोला। मैं पूज्य महाराज जी से माफी मांगता हूं।” 6– राज कुंद्रा की किडनी दूषित, प्रेमानंद महाराज को नहीं लेनी चाहिए 14 अगस्त 2025 को अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी पति राज कुंद्रा के साथ प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचीं। राज कुंद्रा ने महाराज से कहा था कि वे अपनी एक किडनी उन्हें दान करना चाहते हैं। इस पर फलाहारी बाबा ने प्रेमानंद महाराज को पत्र लिखा। उन्होंने किडनी न लेने की सलाह दी। तर्क दिया कि राज कुंद्रा मांस और मदिरा का सेवन कर चुके हैं, इसलिए उनकी किडनी ‘तामसिक’ और ‘प्रदूषित’ हो चुकी है। 7– ‘अनिरुद्धाचार्य को ब्रज में रहने का अधिकार नहीं’ अगस्त 2025 में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की महिलाओं पर टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान फलाहारी बाबा ने भी उनके खिलाफ बयान दिया। उन्होंने कहा कि अनिरुद्धाचार्य को ब्रज की भूमि पर रहने का अधिकार नहीं है। बाबा ने कथावाचक की टिप्पणियों को ब्रज की मर्यादा और व्यासपीठ की गरिमा के खिलाफ बताया। जानिए कौन हैं फलाहारी बाबा सपा छोड़ भाजपा में आए, किसान मोर्चा में संभाली जिम्मेदारी करीब 45 साल के दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी बाबा मथुरा के महमदपुर गांव के रहने वाले हैं। यह गांव गोवर्धन से करीब 2 किलोमीटर दूर है। वे किसान परिवार से आते हैं। परिवार में मां, पत्नी, एक बेटी और एक बेटा हैं। दिनेश शर्मा 2014 तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे। उसी साल भाजपा में शामिल हो गए। उनका दावा है कि 2017 में वे भाजपा किसान मोर्चा की पंचायत समिति के राष्ट्रीय सचिव भी रहे। यह जिम्मेदारी उन्होंने 6 महीने तक संभाली। बोले- हार्ट अटैक के बाद जीवन भगवान को समर्पित किया फलाहारी बाबा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि 2017 में उन्हें हार्ट अटैक आया था। तब उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि उन्हें एक और जीवन दें। वे अपना जीवन भगवान को समर्पित कर देंगे। ठीक होने के बाद वे भगवान के काम में जुट गए। 2021 में उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान की भूमि मुक्त कराने के लिए मथुरा कोर्ट में वाद दाखिल किया। यह मामला फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। बाबा का कहना है कि वे जनहित के मुद्दों पर बोलते हैं, लेकिन कुछ लोग उनकी बातों का गलत अर्थ निकाल लेते हैं। अन्न त्यागने का संकल्प लिया, तभी नाम पड़ा फलाहारी बाबा दिनेश शर्मा को फलाहारी बाबा के नाम से जाना जाता है। उनके मुताबिक, 2020 में उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्त नहीं हो जाती, तब तक अन्न नहीं खाएंगे। जूते-चप्पल और खड़ाऊं भी नहीं पहनेंगे। बाबा का दावा है कि वे तब से अन्न नहीं खा रहे हैं और नंगे पैर रहते हैं। इसी संकल्प के बाद उनका नाम फलाहारी बाबा पड़ गया। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- कोहली बोले- ₹5 करोड़ लेकर प्रेमानंदजी के पास नहीं गया: श्रद्धा-सम्मान की वजह से आश्रम जाता हूं क्रिकेटर विराट कोहली ने 5 करोड़ रुपए लेकर संत प्रेमानंद के आश्रम जाने के आरोपों को नकार दिया है। कोहली के प्रवक्ता ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि सभी आरोप झूठे, निराधार और तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि कोहली प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए आश्रम सिर्फ गहरी श्रद्धा और सम्मान की वजह से जाते हैं। मीडिया से अपील है कि वह किसी भी दावे को तथ्यों की जांच के बाद ही प्रसारित करे। पढ़ें पूरी खबर…
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