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सोनभद्र में 23 साल में बदली गांवों की मतदाता तस्वीर:बघाड़ू में मुस्लिम मतदाता 430 से बढ़कर 902 हुए, पनौरा में 359 से 496 पहुंची संख्या

सोनभद्र की दुद्धी तहसील के बघाड़ू और राबर्ट्सगंज तहसील के पनौरा गांव की मतदाता सूचियों में पिछले 23 साल में बदलाव दर्ज हुआ है। 2003 और 2026 के आंकड़ों की तुलना में दोनों गांवों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। इसी के साथ जमीनों के मालिकाना हक, बैनामे और कथित कब्जे से जुड़े मामलों की जांच की मांग भी उठ रही है। आंकड़ों के मुत

सोनभद्र में 23 साल में बदली गांवों की मतदाता तस्वीर:बघाड़ू में मुस्लिम मतदाता 430 से बढ़कर 902 हुए, पनौरा में 359 से 496 पहुंची संख्या
स्रोत: Dainik Bhaskar Uttar Pradesh
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सोनभद्र की दुद्धी तहसील के बघाड़ू और राबर्ट्सगंज तहसील के पनौरा गांव की मतदाता सूचियों में पिछले 23 साल में बदलाव दर्ज हुआ है। 2003 और 2026 के आंकड़ों की तुलना में दोनों गांवों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। इसी के साथ जमीनों के मालिकाना हक, बैनामे और कथित कब्जे से जुड़े मामलों की जांच की मांग भी उठ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, बघाड़ू में 2003 में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 430 थी, जो 2026 में बढ़कर 902 हो गई। यानी इस अवधि में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या में करीब 110 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं हिंदू मतदाताओं की संख्या 2864 से बढ़कर 3621 हो गई। इसमें करीब 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पनौरा में मुस्लिम मतदाता 359 से बढ़कर 496 राबर्ट्सगंज तहसील के पनौरा गांव में भी मतदाता संख्या में बदलाव सामने आया है। यहां 2003 में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 359 थी, जो 2026 में बढ़कर 496 हो गई। वहीं हिंदू मतदाताओं की संख्या 380 से बढ़कर 403 पहुंची। इन आंकड़ों के बीच दोनों गांवों में जमीनों के मालिकाना हक और कथित कब्जे से जुड़े मामलों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। SC-ST और ग्रामसभा की जमीनों पर कब्जे के आरोप शिकायतों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ग्रामसभा की जमीनों पर गलत तरीके से कब्जा करने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही बाहरी लोगों के गांवों में बसने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इन मामलों में राजस्व रिकॉर्ड, जमीनों के स्वामित्व और बैनामों की जांच की मांग की जा रही है। बघाड़ू में जनजातीय जमीन के बैनामे का मामला हाईकोर्ट पहुंचा बघाड़ू में जमीन से जुड़े एक मामले में जिला प्रशासन की जांच में सामने आया था कि 2011 से 2023 के बीच रजिया नाम की महिला के नाम पर जनजातीय भूमि के कई बैनामे कराए गए थे। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए संबंधित आदेश को सही माना। इसके बाद प्रशासन ने जमीन को ग्रामसभा के नाम करने की कार्रवाई की है। भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने मतदाता सूची और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मतदाता सूची में हुए बदलाव के साथ जमीनों के रिकॉर्ड की भी जांच की जानी चाहिए। वहीं जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि बघाड़ू में जनजातीय भूमि से जुड़े मामलों में प्रशासन पहले ही कार्रवाई कर चुका है। अब दोनों गांवों में 2003 से 2026 के बीच मतदाता संख्या में हुए बदलाव के कारणों की भी संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर जांच की मांग उठ रही है।
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यह खबर Dainik Bhaskar Uttar Pradesh से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

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