स्वतंत्र देव-दयाशंकर सिंह करेंगे सपा में तोड़फोड़:पहले भी बड़े विकेट गिराए थे; अखिलेश का एक्शन देख जॉइनिंग कमेटी बनाई
भाजपा ने सपा और कांग्रेस में बड़ी तोड़फोड़ करने का प्लान बनाया है। इसकी जिम्मेदारी जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को सौंपी है। स्वतंत्र देव और दयाशंकर की जोड़ी जोड़-तोड़ की राजनीति में सफल मानी जाती है। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले भी इस जोड़ी ने सपा के 12 से अधिक विधायक और विधान परिषद सदस्यों को भाजपा में

भाजपा ने सपा और कांग्रेस में बड़ी तोड़फोड़ करने का प्लान बनाया है। इसकी जिम्मेदारी जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को सौंपी है। स्वतंत्र देव और दयाशंकर की जोड़ी जोड़-तोड़ की राजनीति में सफल मानी जाती है। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले भी इस जोड़ी ने सपा के 12 से अधिक विधायक और विधान परिषद सदस्यों को भाजपा में शामिल कराया था। इस बार भी दोनों सपा के कई दिग्गज चेहरों को तोड़कर अपने पाले में लाते दिखाई दे सकते हैं। इसके लिए भाजपा ने जॉइनिंग कमेटी गठित की है। इसकी अध्यक्षता पशुधन मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य धर्मपाल सिंह को सौंपी है। इसमें स्वतंत्र देव और दयाशंकर के अलावा कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय शामिल हैं। इधर, सपा ने भाजपा में तोड़फोड़ का अभियान तेज कर दिया है। पिछले 15 दिनों में भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप, बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, दातागंज के पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य समेत कई लोग सपा शामिल हो चुके हैं। रुहेलखंड में भाजपा के पिछड़े चेहरे धर्मपाल सिंह को कमान रुहेलखंड से भाजपा के दिग्गज नेता धर्मेंद्र कश्यप सपा में शामिल हो गए हैं। उसके बाद पूर्व विधायक सिनोद शाक्य भी बीजेपी छोड़कर सपा में चले गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि धर्मेंद्र कश्यप के प्रभाव में शाक्य, सैनी, कुशवाहा, कश्यप समाज के कुछ बड़े चेहरे और भी सपा में शामिल हो सकते हैं। इसलिए जॉइनिंग कमेटी की कमान रुहेलखंड में भाजपा के पिछड़े चेहरे धर्मपाल सिंह को सौंपी गई है। पूर्वांचल में भाजपा में तोड़फोड़ रोकने की रणनीति तैयार बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा में सबसे अधिक नाराजगी पूर्वांचल और बुंदेलखंड में है। पूर्वांचल में सपा की ओर से भाजपा के कई चेहरों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद ऐसे नेताओं से बात कर रहे हैं जो भाजपा से नाराज है या जिन्हें सपा में शामिल करने से चुनावी फायदा होगा। पूर्वांचल में भाजपा में तोड़फोड़ रोकने के लिए पूर्वांचल के बड़े चेहरे सूर्य प्रताप शाही, महेंद्रनाथ पांडेय और दयाशंकर सिंह को शामिल किया है। वहीं, बुंदेलखंड के लिए स्वतंत्र देव को जिम्मेदारी सौंपी है। स्वतंत्र देव और दयाशंकर तोड़फोड़ में माहिर 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पार्टी के तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह को सपा में तोड़फोड़ की जिम्मेदारी सौंपी थी। दयाशंकर ने सपा एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू, रमा निरंजन, सीपी चंद, नरेंद्र भाटी सहित करीब 12 विधायक और एमएलसी भाजपा में शामिल हुए थे। राकेश सचान को कांग्रेस से तोड़कर भाजपा में शामिल कराया था। वहीं राज्यसभा चुनाव 2024 से पहसे सपा के सात विधायकों को बगावत के लिए तैयार करने में भी दयाशंकर की ही बड़ी भूमिका थी। कुर्मी वोट में सेंधमारी रोकेगी भाजपा भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष की कमान कुर्मी समाज के पंकज चौधरी को सौंपी है। योगी सरकार में भी स्वतंत्र देव सिंह, आशीष पटेल जैसे कुर्मी समाज के बड़े चेहरे कैबिनेट मंत्री हैं। लेकिन कुर्मी समाज का प्रदेश में कोई सर्वमान्य नेता नहीं है। वहीं क्षेत्रवार सपा के कुर्मी चेहरे भाजपा के कुर्मी नेताओं की तुलना में ज्यादा प्रभावी है। अवध में लालजी वर्मा, बुंदेलखंड में नरेश उत्तम पटेल और कृष्णा देवी पटेल, पूर्वांचल में एसपी सिंह पटेल, राम प्रसाद चौधरी, राम शिरोमणि वर्मा और तराई में उत्कर्ष वर्मा है। भाजपा सपा के कुर्मी चेहरों को तोड़ना चाहती है ताकि कुर्मी वोट में सेंधमारी से रोका जा सके। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- अखिलेश के 11 धुरंधर तय कराएंगे टिकट:‘PDA पंचायत’ कर जुटा रहे फीडबैक; सपा की नई स्ट्रैटजी जानिए सपा-कांग्रेस में गठबंधन अभी तक फाइनल नहीं हो पाया है। कांग्रेस 140 सीटें मांग रही है, जबकि सपा 70 से ज्यादा देने के मूड में नहीं है। सीट शेयरिंग पर फैसला 15 नवंबर तक होगा। इससे पहले ही अखिलेश ने 300 से ज्यादा सीटों पर जिताऊ चेहरों की खोजबीन शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़िए
समाचार स्रोत
यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
मूल स्रोत देखें ↗

