3 अक्टूबर 2026, 6:53 PM
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अखिलेश के सामने भिड़े सपा नेता:गुस्से में सपा प्रमुख बोले- बड़े नेता हैं, पैसों की गर्मी हो गई है; मीटिंग से निकाला

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने पार्टी के 2 नेता भिड़ गए। दोनों में तीखी बहस के बाद कहासुनी शुरू हो गई। यह देखकर अखिलेश नाराज हो गए। उन्होंने दोनों नेताओं मंजीत यादव और जुगेंद्र यादव को मीटिंग से बाहर निकलवा दिया। अखिलेश ने गुस्से में कहा- सब बड़े नेता हैं। इन लोगों से सलाह मांगिए। जाइए, अपना जो करना है, सो जाकर करिए। जब आदमी पार्

अखिलेश के सामने भिड़े सपा नेता:गुस्से में सपा प्रमुख बोले- बड़े नेता हैं, पैसों की गर्मी हो गई है; मीटिंग से निकाला
स्रोत: Dainik Bhaskar Uttar Pradesh
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने पार्टी के 2 नेता भिड़ गए। दोनों में तीखी बहस के बाद कहासुनी शुरू हो गई। यह देखकर अखिलेश नाराज हो गए। उन्होंने दोनों नेताओं मंजीत यादव और जुगेंद्र यादव को मीटिंग से बाहर निकलवा दिया। अखिलेश ने गुस्से में कहा- सब बड़े नेता हैं। इन लोगों से सलाह मांगिए। जाइए, अपना जो करना है, सो जाकर करिए। जब आदमी पार्टी का कहना नहीं मानता, व्यवहार खराब है, तो हम किसके सिर मारें... बताओ। कोई बात नहीं, यह सब होता है। सब पैसे की गर्मी है। याद रखना, जिसके पास ज्यादा पैसा हो जाएगा, वह आपको छोड़कर चला जाएगा। इसके बाद अखिलेश यादव बैठक छोड़कर चले गए। एक घंटे बाद एटा और कासगंज दोनों जिलों की इकाइयों को भंग कर दिया। पूरा वाकया शनिवार को लखनऊ के सपा कार्यालय में बैठक के दौरान हुआ। लेकिन, इसका वीडियो रविवार को सामने आया। रविवार शाम इसे लेकर जुगेंद्र यादव ने कहा- अखिलेश जी हमारे गार्जियन हैं। हमारा पूरा परिवार उनका ऋणी भी है। परिवार का मुखिया होने के नाते वह डांट भी सकते हैं। पुचकार भी सकते हैं। सपा बैठक के दौरान मंजीत-जुगेंद्र में कहासुनी हुई अखिलेश ने शनिवार को एटा-कासगंज जिलों में पार्टी की स्थिति और विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक बुलाई थी। दोनों जिलों के 250 नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। अखिलेश नेताओं से चुनावी तैयारियों और संगठन के बारे में पूछ रहे थे। इसी दौरान पूर्व MLC रमेश यादव के भतीजे और सपा नेता मंजीत यादव ने पिछले चुनावों में पार्टी की स्थिति और हार के कारणों के बारे में बताना शुरू किया। इसके बाद एटा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव बोलने के लिए खड़े हुए। जुगेंद्र सिंह यादव की बातों के बीच कुछ शब्दों को लेकर मंजीत यादव ने आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बैठक में मौजूद नेताओं ने माहौल संभालने का प्रयास किया, लेकिन दोनों शांत नहीं हुए। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। इससे बैठक का माहौल असहज हो गया। नाराज अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं को अनुशासन में रहने को कहा, लेकिन दोनों नहीं माने। इसके बाद सपा प्रमुख भड़क गए। एटा-कासगंज में सपा ने पूरी संगठन टीम भंग की इसके बाद सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने एटा और कासगंज के संगठन पर कार्रवाई की। उन्होंने पत्र जारी कर दोनों जिलों के जिलाध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी, फ्रंटल संगठनों के जिलाध्यक्ष और उनकी कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। इसके साथ ही एटा-कासगंज से जुड़े सपा की राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों को भी उनके पदों से हटा दिया गया। यानी कार्रवाई सिर्फ जिलाध्यक्षों पर नहीं, बल्कि दोनों जिलों की पूरी संगठनात्मक टीम पर हुई है। जुगेंद्र यादव बोले- अखिलेश हमारे गार्जियन, डांट भी सकते हैं, फटकार भी वीडियो सामने आने के बाद जुगेंद्र यादव ने कहा कि वह मीटिंग हमारे परिवार की थी। सपा पदाधिकारियों की थी। परिवार में कुछ बातें होती हैं। किसी को डांटना पड़ता है, किसी को पुचकारना पड़ता है। अखिलेश जी हमारे गार्जियन हैं। हमारे संरक्षक हैं। हमारा पूरा परिवार उनका ऋणी भी है। परिवार का मुखिया होने के नाते वह सर्वाधिकार सुरक्षित हैं। वह डांट भी सकते हैं। फटकार भी सकते हैं। पुचकार भी सकते हैं। उन्होंने हमारा तो नाम भी नहीं लिया। खामखा मामले को तूल बनाया जा रहा है। हम लोगों का केवल एक लक्ष्य है कि 2027 में संगठित होकर सपा को चुनाव लड़ाना। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को इस प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना। अब जानिए कौन हैं जुगेंद्र सिंह यादव -------------------------- ये खबर भी पढ़ें- होमगार्ड परीक्षा में दौड़ते-दौड़ते युवक की मौत, बरेली में पत्नी बोली- B.Tech, B.Ed, TET पास थे, लेकिन सरकारी नौकरी चाहते थे पति B.Tech, B.Ed, CTET और UP-TET पास थे। कोचिंग चलाकर अच्छा पैसा कमा लेते थे, लेकिन मन सरकारी नौकरी करने का था। 17 सितंबर को बर्थडे मनाने के बाद मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की दौड़ में शामिल होने गए थे। अगले दिन पता चला कि उनकी मौत हो गई। मुझे जरा भी अंदेशा होता कि उनकी मौत हो जाएगी, तो मैं उन्हें कभी जाने ही न देती। इतना कहते हुए बरेली की कोमल यादव रोने लगीं। पढ़ें पूरी खबर
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