6 अक्टूबर 2026, 6:03 PM
हर खबर, हर पल
हमारे बारे मेंसंपर्क
राष्ट्रीय

आर्ट ऑफ लिविंग का ध्यान सत्र:मनोज चौहान ने साझा किया अनुभव; बताया- कैसे सुदर्शन क्रिया से छूटी शराब की लत

मंगल पांडे नगर स्थित आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर में बुधवार को ध्यान एवं योग सत्र का आयोजन किया गया। आर्ट ऑफ लिविंग शिक्षिका डॉ. सपना अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में 50 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने तनावमुक्त जीवनशैली के लिए योग, ध्यान और सांसों पर आधारित साधना का अभ्यास किया। सत्र के दौरान मेरठ के

आर्ट ऑफ लिविंग का ध्यान सत्र:मनोज चौहान ने साझा किया अनुभव; बताया- कैसे सुदर्शन क्रिया से छूटी शराब की लत
स्रोत: dainik bhasker category
शेयर करेंWhatsAppFacebook
मंगल पांडे नगर स्थित आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर में बुधवार को ध्यान एवं योग सत्र का आयोजन किया गया। आर्ट ऑफ लिविंग शिक्षिका डॉ. सपना अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में 50 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने तनावमुक्त जीवनशैली के लिए योग, ध्यान और सांसों पर आधारित साधना का अभ्यास किया। सत्र के दौरान मेरठ के मनोज चौहान ने अपना प्रेरक अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक समय शराब की लत उनके जीवन पर पूरी तरह हावी हो गई थी। शराब छोड़ने के लिए अपनी मां से करीब 20 बार वादा करने के बावजूद वह इस लत से बाहर नहीं आ पा रहे थे। इसके बाद उन्होंने सुदर्शन क्रिया और ध्यान का नियमित अभ्यास शुरू किया, जिससे उनकी सोच, व्यवहार और जीवनशैली में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया। इसी साधना ने उन्हें नशे की गिरफ्त से बाहर निकालकर स्वयं पर नियंत्रण रखना सिखाया। कार्यक्रम में डॉ. सपना अग्रवाल ने कहा कि योग, ध्यान और प्राणायाम को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने से मानसिक शांति व संतुलन बना रहता है, जिससे व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। आयोजकों ने बताया कि इस साप्ताहिक ध्यान सत्र का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना और नियमित साधना के लिए प्रेरित करना है।
समाचार स्रोत

यह खबर dainik bhasker category से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

मूल स्रोत देखें ↗