2 अक्टूबर 2026, 12:24 PM
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इमरान मसूद बोले- SDM फोन नहीं उठाता, इलाज कर दूंगा:सहारनपुर में युवक का जवाब- सरकार दूसरी, उल्टा तुम्हारा हो जाएगा

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और कारी अबरार जमाल के बड़े भाई इसरार के बीच फोन पर बहस हुई। इसमें इसरार ने सांसद से गांव में समझौते के लिए लोगों के जुटने के बावजूद नहीं आने पर सवाल किया। सांसद ने कहा कि पहले जेल गए लड़के बाहर आएंगे, फिर फैसला कराया जाएगा। इस पर इसरार ने कहा आप एक पक्ष की बात कर रहे हैं और गरीब आदमी को दबाने

इमरान मसूद बोले- SDM फोन नहीं उठाता, इलाज कर दूंगा:सहारनपुर में युवक का जवाब- सरकार दूसरी, उल्टा तुम्हारा हो जाएगा
स्रोत: dainik bhasker category
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सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और कारी अबरार जमाल के बड़े भाई इसरार के बीच फोन पर बहस हुई। इसमें इसरार ने सांसद से गांव में समझौते के लिए लोगों के जुटने के बावजूद नहीं आने पर सवाल किया। सांसद ने कहा कि पहले जेल गए लड़के बाहर आएंगे, फिर फैसला कराया जाएगा। इस पर इसरार ने कहा आप एक पक्ष की बात कर रहे हैं और गरीब आदमी को दबाने की कोशिश हो रही है। सांसद कहते हैं कि उन्होंने ही उन लोगों को जेल भिजवाया है। इसके बाद बातचीत एसडीएम तक पहुंचती है। सांसद कहते हैं कि एसडीएम उनका फोन नहीं उठा रहा है और वह उसे बताएंगे कि फोन नहीं उठाने का क्या मतलब होता है। इसी बात पर इसरार कहते हैं कि सरकार दूसरी तरफ है और उल्टा तुम्हारा ही इलाज हो जाएगा। समझौते और जेल गए लोगों को लेकर शुरू हुई बात रविवार को जमीयत हिमायतुल इस्लाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कारी अबरार जमाल के बड़े भाई इसरार ने सांसद इमरान मसूद को कॉल किया। इसरार ने कहा कि गांव में फैसले के लिए काफी लोग जमा थे, लेकिन सांसद न खुद आए और न किसी को भेजा। इस पर सांसद कहते हैं कि जेल गए लड़कों के बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। उनके बाहर आने के बाद ही फैसला किया जाएगा। इसरार जेल गए लोगों को लेकर सांसद की चिंता पर सवाल उठाता है। वह कहते हैं कि जिन लोगों ने किसी के घर में जाकर हंगामा किया और महिलाओं की बेइज्जती की, उनके जेल जाने पर सांसद को परेशानी क्यों हो रही है। सांसद कहते हैं कि मैंने ही उन लोगों को जेल भिजवाया है। इस पर इसरार कहते हैं कि इस तरह झोझरा गांव में आने पर उन्हें वहां वोट कौन देगा। वह सांसद को अपना प्रतिनिधि बताते हुए कहते हैं कि अगर वे ही उनकी बात नहीं सुनेंगे तो वे अपनी बात किससे कहेंगे। इमरान मसदू बोले- एसडीएम का इलाज कर लूं मैं ढंग से इसरार सांसद से उनके और एसडीएम के बीच चल रहे मामले पर सवाल करता है। सांसद एक एसडीएम का फोन नहीं उठाने पर नाराजगी जताते हैं। कहते हैं कि पहले इस एसडीएम का इलाज कर लूं मैं ढंग से। इस पर इसरार कहते हैं कि एसडीएम का इलाज क्या होगा। सांसद कहते हैं फोन नहीं उठा रहा है। मैं उसे बताऊंगा कि फोन नहीं उठाने का क्या मतलब होता है। इस पर इसरार कहते हैं कि सरकार दूसरी तरफ है, उल्टा तुम्हारा इलाज हो जाएगा। अब पढ़िए फोन पर इमरान मसूद और इसरार के बीच क्या बातचीत हुई इसरार: तुम फैसले के लिए कह रहे थे। यहां बहुत सारे लोग इकट्ठा हो रहे थे, लेकिन तुम आए नहीं और न ही किसी को भेजा। इमरान मसूद: भाई, मैं पहले उन लड़कों के जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहा हूं। उसके बाद ही फैसला कराऊंगा। सुबह उन्हें छुड़वा दूंगा। मैं कल सहारनपुर भी आऊंगा, फिर बात करूंगा। इसरार: वो तो छूट ही जाएंगे, उनकी कोई बड़ी बात थोड़ी है। इमरान मसूद: वो छूट जाएं। मैं पहले बात करूंगा। पहले इस एसडीएम का इलाज कर लूं मैं ढंग से। इसरार: एसडीएम का इलाज क्या होगा? इमरान मसूद: फोन नहीं उठा रहा है। मैं उसे बताऊंगा कि फोन नहीं उठाने का क्या मतलब होता है। इसरार: सरकार दूसरी तरफ है, उल्टा तुम्हारा इलाज हो जाएगा। इमरान मसूद: मेरा इलाज हो जाएगा? दिमाग चल गया क्या आपका? इसरार: जो आदमी किसी के घर में जाकर चढ़ाई करेगा और जेल चला गया, तुम्हें उसका इतना दर्द क्यों हो रहा है? उन्होंने महिलाओं तक की बेइज्जती करी। इमरान मसूद: मैंने ही तो उन्हें जेल भिजवाया है। इसरार: जब तुमने जेल उन्हें भिजवाया, फिर एसडीएम पर खफा क्यों हो रहे हो? इमरान मसूद: एसडीएम की हिम्मत कैसे हो गई मेरा फोन न उठाने की? इसरार: वो अधिकारी है। उसकी मर्जी है, फोन उठाए या नहीं उठाए। इमरान मसूद: उसकी मर्जी है तो फिर मैं भी बता दूंगा कि मैं क्या हूं। इसरार: तुम सिर्फ 5 साल के प्रतिनिधि हो। जब तुम हमारा फोन नहीं उठा सकते तो वो अधिकारी है, वो कैसे फोन उठा लेगा? इमरान मसूद: जो तुझे करना है, कर लेना। इसरार: जो तुझे करना है, तू भी कर ले। हमारी खाट पलट दे। हम भी राजपूत हैं। तेरे से बड़ी तादाद है हमारी, छोटी नहीं है। जो तुझे अच्छा लगे, वो कर। अब जानिए विवाद का मामला क्या है….. कारी अबरार बोले- दबंग परिवार से विवाद के बाद दर्ज हुआ मुकदमा कारी अबरार जमाल ने बताया कि चौबारा गांव में एक गरीब परिवार का दूसरे परिवार से विवाद हो गया था। दूसरा पक्ष दबंग है और कई दिनों से गरीब परिवार के लोगों के साथ मारपीट करता था। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार थाने जाता था, लेकिन उसकी शिकायत नहीं सुनी जाती थी और मुकदमा भी दर्ज नहीं होता था। कारी अबरार ने बताया कि करीब 15 दिन पहले भी गरीब परिवार के साथ मारपीट हुई थी। उनका आरोप है कि इस मामले में सांसद इमरान मसूद दबंग परिवार का साथ दे रहे थे और पीड़ित परिवार का मुकदमा दर्ज नहीं होने दे रहे थे। कारी अबरार के मुताबिक, बाद में मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और आरोपी जेल चले गए। इसके बाद सांसद इमरान मसूद ने पीड़ित पक्ष से बात कर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की बात कही। इसी समझौते को लेकर कारी अबरार जमाल के बड़े भाई इसरार उर्फ सोनू ने सांसद इमरान मसूद को फोन किया था। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… सुल्तानपुर में सरकारी प्रिंसिपल और पत्नी की हत्या:स्कूल में खून से सने शव मिले, फावड़े-कुल्हाड़ी से वारदात; ब्लॉक शिक्षक संघ अध्यक्ष भी थे सुल्तानपुर में सरकारी प्रिंसिपल और उनकी पत्नी की हत्या कर दी गई। दोनों के शव उनके निजी स्कूल परिसर में खून से सने मिले हैं। उन पर फावड़े और कुल्हाड़ी से हमला किया गया है। वारदात का पता मंगलवार सुबह 6 बजे चला, जब स्कूल ड्राइवर गाड़ी की चाबी लेने पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर…
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