इलेक्शन कमीशन के आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SIR को लेकर जारी आरोपों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के फाउडंर अभिजीत दीपके हमलावर हो गए हैं. बता दें कि दी इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर 2026 को एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में काम कर रहे तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में पिछले करीब 10 महीनों में कई मुद्दों पर लिखित आपत्तियां दर्ज हुईं.
उन्होंने इस संबंध में अभिजीत दीपके ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि वे चुनाव आयोग को ठीक करेंगे. इसको लेकर वे कल यानी गुरुवार (24 सितंबर 2026) को दिल्ली में जरूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. आखिर में उन्होंने लिखा कि ज्ञानेश काम खत्म.
Election Commission Thik Karo!
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 23, 2026
Important PC tomorrow in Delhi.
Gyanesh, it’s done bro!
महुआ मोइत्रा का ट्वीट
अभिजीत दीपके से पहले TMC नेता महुआ मोइत्रा ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा था कि विपक्ष की हर राजनीतिक पार्टी समेत CJP के पास ज्ञानेश कुमार को हटाने का एजेंडा मिल गया है.इसके अलावा और किसी चीज से कोई फर्क नहीं पड़ता. हम अदालतों पर भरोसा नहीं कर सकते. हम खुद पर और भारत के युवाओं के अलावा किसी और पर भरोसा नहीं कर सकते.
Every Opposition political party plus @Cockroachisback should have only one agenda now - remove Gyanesh Kumar. Nothing else matters. We cannot rely on the Courts. We can rely on nothing except ourselves and India’s young.
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) September 23, 2026
आशुतोष रांका का ट्वीट
आशुतोष रांका ने भी ट्वीट कर जानकारी दी कि वे और सौरव दास ने ECI की निष्पक्षता से जुड़ी हाल की घटनाओं को देखते हुए पहले से तय कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. इसके बाद वे तुरंत दिल्ली जाने वाले हैं, जहां पर वे लोग दोपहर 12 बजे जरूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
In lieu of the recent events concerning the integrity of the ECI @abhijeet_dipke @SauravDassss and I have cancelled our prior commitments and will be immediately heading to Delhi.
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) September 23, 2026
We will be holding an important press conference tomorrow at 12PM.
Gyanesh bro, it’s done bro.
क्या आरोप सामने आए हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज कराई. इनमें नए मतदाताओं को जोड़ने, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और हटाए गए नामों को फिर से जोड़ने की प्रक्रिया से जुड़े मामले शामिल हैं. एक मामले में संधू ने कथित तौर पर कुछ कार्रवाई को अनधिकृत और गैरकानूनी बताया. दोनों आयुक्तों ने Form 6 में किए गए बदलाव और मतदाता डेटा को केंद्रीकरण करने को लेकर भी सवाल उठाए.
